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ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट जल्द शुरू होगी, प्लेटलेट्स व प्लाज्मा अलग मिलेंगे
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बागपत जिला अस्पताल स्थित ब्लड कंपोनेंट सपेरेशन यूनिट में रखी हॉरिजॉन्टल लेमिनर एयर फ्लो मशीन क
- फोटो : BAGHPAT
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- यूनिट शुरू होने पर तीन लोगों को चढ़ाया जा सकेगा एक यूनिट खून
- ब्लड से रेड सेल के अलावा प्लेटलेट्स और प्लाज्मा कराया जाएगा तैयार
प्रवीण शर्मा
बागपत। जिला अस्पताल में जल्द ही ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू करने की तैयारी है। यूनिट के लिए शासन स्तर से एक मशीन जिला अस्पताल में भिजवाई गई है। यूनिट शुरू होने पर एक यूनिट खून तीन लोगों को चढ़ाया जा सकेगा। यूनिट में ब्लड से रेड सेल के अलावा प्लेटलेट्स और प्लाज्मा तैयार किया जाएगा। इसके लिए चिकित्सक और लैब टेक्नीशियन को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट न होने के कारण अभी तक एक यूनिट खून एक ही मरीज को चढ़ाया जा रहा था। यूनिट शुरू होने पर ब्लड से रेड सेल, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा तैयार कराया जाएगा, जिससे एक यूनिट खून तीन लोगों को चढ़ाया जा सकेगा। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ अनुराग वार्ष्णेय ने बताया कि यूनिट की बिल्डिंग तैयार हो गई है। शासन स्तर से लेमिनर एयर फ्लो कैबिनेट मशीन भेजी गई है, अभी दो मशीन और अन्य उपकरण और आने है।
दो से चार जून तक मेरठ में दिया गया था प्रशिक्षण
यूनिट में ब्लड से रेड सेल, प्लेटलेट्स अलग करने के लिए चिकित्सकों व लैब टेक्नीशियन को मेडिकल कॉलेज मेरठ में दो से चार जून तक प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण में मशीनों की पूरी जानकारी और ब्लड सेपरेशन करने की जानकारी दी गई थी।
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ऐसे चढ़ाया जाएगा ब्लड
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ अनुराग वार्ष्णेय ने बताया कि व्यक्ति में खून की कमी होने पर रेड सेल, डेंगू या अत्यधिक ब्लीडिंग होने पर प्लेटलेट्स और लीवर व आग में जलने वाले मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाया जाता है। यूनिट न होने के कारण एक यूनिट खून एक ही मरीज को चढ़ाया जा रहा था। यूनिट शुरू होने पर एक यूनिट खून से तीन लोगों की जान बचाई जा सकेगी।
बढ़ जाएगी खून स्टोरेज की वैधता
यूनिट शुरू होने पर ब्लड से रेड सेल, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा अलग होने पर खून की वैधता एक सप्ताह बढ़ जाएगी। खून को 35 दिन के बजाए 42 दिन तक स्टोर किया जा सकेगा। इसके अलावा ब्लड से तैयार किया गया प्लाज्मा चार साल तक स्टोर किया जा सकता है।
यूनिट में लगेगा -40 डिग्री का फ्रीज
यूनिट में ब्लड को स्टोरेज करने के लिए (-40) डिग्री का फ्रीज लगाया जाएगा। यूनिट में लगने वाले सभी उपकरण व मशीन शासन स्तर से उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेरपेशन यूनिट शुरू कराने की तैयारी है। यूनिट में ब्लड से रेड सेल, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा तैयार किया जाएगा। यूनिट के संचालन के लिए चिकित्सक व लैब टैक्नीशियन का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। मशीन व अन्य उपकरण मिलने पर यूनिट शुरू की जाएगी। - डॉ दिनेश कुमार, सीएमओ
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- ब्लड से रेड सेल के अलावा प्लेटलेट्स और प्लाज्मा कराया जाएगा तैयार
प्रवीण शर्मा
बागपत। जिला अस्पताल में जल्द ही ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू करने की तैयारी है। यूनिट के लिए शासन स्तर से एक मशीन जिला अस्पताल में भिजवाई गई है। यूनिट शुरू होने पर एक यूनिट खून तीन लोगों को चढ़ाया जा सकेगा। यूनिट में ब्लड से रेड सेल के अलावा प्लेटलेट्स और प्लाज्मा तैयार किया जाएगा। इसके लिए चिकित्सक और लैब टेक्नीशियन को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट न होने के कारण अभी तक एक यूनिट खून एक ही मरीज को चढ़ाया जा रहा था। यूनिट शुरू होने पर ब्लड से रेड सेल, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा तैयार कराया जाएगा, जिससे एक यूनिट खून तीन लोगों को चढ़ाया जा सकेगा। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ अनुराग वार्ष्णेय ने बताया कि यूनिट की बिल्डिंग तैयार हो गई है। शासन स्तर से लेमिनर एयर फ्लो कैबिनेट मशीन भेजी गई है, अभी दो मशीन और अन्य उपकरण और आने है।
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दो से चार जून तक मेरठ में दिया गया था प्रशिक्षण
यूनिट में ब्लड से रेड सेल, प्लेटलेट्स अलग करने के लिए चिकित्सकों व लैब टेक्नीशियन को मेडिकल कॉलेज मेरठ में दो से चार जून तक प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण में मशीनों की पूरी जानकारी और ब्लड सेपरेशन करने की जानकारी दी गई थी।
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ऐसे चढ़ाया जाएगा ब्लड
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ अनुराग वार्ष्णेय ने बताया कि व्यक्ति में खून की कमी होने पर रेड सेल, डेंगू या अत्यधिक ब्लीडिंग होने पर प्लेटलेट्स और लीवर व आग में जलने वाले मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाया जाता है। यूनिट न होने के कारण एक यूनिट खून एक ही मरीज को चढ़ाया जा रहा था। यूनिट शुरू होने पर एक यूनिट खून से तीन लोगों की जान बचाई जा सकेगी।
बढ़ जाएगी खून स्टोरेज की वैधता
यूनिट शुरू होने पर ब्लड से रेड सेल, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा अलग होने पर खून की वैधता एक सप्ताह बढ़ जाएगी। खून को 35 दिन के बजाए 42 दिन तक स्टोर किया जा सकेगा। इसके अलावा ब्लड से तैयार किया गया प्लाज्मा चार साल तक स्टोर किया जा सकता है।
यूनिट में लगेगा -40 डिग्री का फ्रीज
यूनिट में ब्लड को स्टोरेज करने के लिए (-40) डिग्री का फ्रीज लगाया जाएगा। यूनिट में लगने वाले सभी उपकरण व मशीन शासन स्तर से उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेरपेशन यूनिट शुरू कराने की तैयारी है। यूनिट में ब्लड से रेड सेल, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा तैयार किया जाएगा। यूनिट के संचालन के लिए चिकित्सक व लैब टैक्नीशियन का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। मशीन व अन्य उपकरण मिलने पर यूनिट शुरू की जाएगी। - डॉ दिनेश कुमार, सीएमओ