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भाकियू तोमर ने हंगामा कर टोल फ्री कराया, कलक्ट्रेट का घेराव किया
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किसानों व ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर नेशनल हाईवे पर जिवाना के समीप टोल दो घंटे तक फ्री कराया
एमएसपी पर कानून बनाने, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, बिजली के दाम कम करने समेत अन्य मांग उठाईं
फोटो एक की सीरिज
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/रमाला। किसानों व ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भाकियू तोमर ने सोमवार को नेशनल हाईवे पर जिवाना के समीप टोल पर हंगामा किया। उन्होंने टोल फ्री करा दिया। उन्होंने टोल कर्मियों पर अभद्रता करने के भी आरोप लगाए। वहीं, कार्यकर्ताओं ने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर कलक्ट्रेट का घेराव किया। वे शाम तक धरने पर बैठे रहे। कार्यकर्ताओं द्वारा नेशनल हाईवे जाम करने की धमकी देने पर अधिकारी ज्ञापन लेने पहुंचे।
भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर के नेतृत्व मे सैकड़ों कार्यकताओं ने दोपहर में जिवाना टोल प्लाजा पर पहुंचकर हंगामा कर दिया। वहां सांकेतिक धरना देकर बैठ गए। वहां कार्यकर्ताओं ने टोल को दो घंटे के लिए फ्री करा दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने कहा कि यूनियन का कोई भी कार्यकर्ता एवं नजदीक पड़ने वाले गांव के ग्रामीण टोल नहीं देंगे। यदि उनसे टोल वसूला तो कार्यकर्ता टोल पर ही धरना देंगे। उन्होंने कहा कि जिवानी नहर पर कट होना चाहिए। वहीं, स्थानीय लोगों के लिए छूट होनी चाहिए। इसके साथ ही टोल प्लाजा से पहले यूटर्न से गमलों व ड्रम को हटाने के लिए कहा गया। इसके साथ ही टोल कर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई। इन सभी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी। इंस्पेक्टर एनएस सिरोही ने टोल पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को शांत कराकर धरना खत्म कराया।
कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट घेरी, हंगामा
भारतीय किसान यूनियन तोमर के कार्यकर्ता दोपहर को कलक्ट्रेट पहुंचे और वहां हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने दिल्ली में किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवारों को पचास लाख रुपये की आर्थिक सहायता, एक सरकारी नौकरी देने, किसानों के सम्मान में दिल्ली में स्मारक बनवाने, लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के आरोपी आशीष मिश्रा को कड़ी सजा दिलाने, उसके पिता केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने, गन्ने का भाव 450 रुपये क्विंटल करने, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान जल्द ब्याज समेत कराने, गैस व पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर रोक लगाने, बिजली के दाम कम करने, किसान आयोग का गठन करने, किसान को भी 60 वर्ष के बाद दस हजार रुपये माहवार पेंशन देने, सरकारी विभागों में चल रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने समेत अन्य मांग की गई। वहां दोपहर को धरना शुरू हुआ तो डीएम व एडीएम को ही ज्ञापन देकर धरना खत्म करने की बात कही। वहां डीएम नहीं पहुंचे तो एडीएम छुट्टी पर थे। इस तरह से हंगामा बढ़ गया। कार्यकर्ता शाम करीब साढ़े छह बजे तक कलक्ट्रेट में बैठे रहे। कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे जाम करने की धमकी दी। इस पर एसडीएम अनुभव सिंह ने ज्ञापन लिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष नीटू उर्फ बोक्का, सनी चौधरी, पदम सिंह, अहसान, वसीम रिजवी, रामवीर नैन, ओमवीर सिंह, अनिल, शहजाद, फरियाज, मुनेंद्र, इंद्रजीत सिंह, रवि, मिंटू, अंकुश, बिल्लू, सुमित तोमर आदि मौजूद रहे।
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एमएसपी पर कानून बनाने, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, बिजली के दाम कम करने समेत अन्य मांग उठाईं
फोटो एक की सीरिज
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/रमाला। किसानों व ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भाकियू तोमर ने सोमवार को नेशनल हाईवे पर जिवाना के समीप टोल पर हंगामा किया। उन्होंने टोल फ्री करा दिया। उन्होंने टोल कर्मियों पर अभद्रता करने के भी आरोप लगाए। वहीं, कार्यकर्ताओं ने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर कलक्ट्रेट का घेराव किया। वे शाम तक धरने पर बैठे रहे। कार्यकर्ताओं द्वारा नेशनल हाईवे जाम करने की धमकी देने पर अधिकारी ज्ञापन लेने पहुंचे।
भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर के नेतृत्व मे सैकड़ों कार्यकताओं ने दोपहर में जिवाना टोल प्लाजा पर पहुंचकर हंगामा कर दिया। वहां सांकेतिक धरना देकर बैठ गए। वहां कार्यकर्ताओं ने टोल को दो घंटे के लिए फ्री करा दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने कहा कि यूनियन का कोई भी कार्यकर्ता एवं नजदीक पड़ने वाले गांव के ग्रामीण टोल नहीं देंगे। यदि उनसे टोल वसूला तो कार्यकर्ता टोल पर ही धरना देंगे। उन्होंने कहा कि जिवानी नहर पर कट होना चाहिए। वहीं, स्थानीय लोगों के लिए छूट होनी चाहिए। इसके साथ ही टोल प्लाजा से पहले यूटर्न से गमलों व ड्रम को हटाने के लिए कहा गया। इसके साथ ही टोल कर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई। इन सभी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी। इंस्पेक्टर एनएस सिरोही ने टोल पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को शांत कराकर धरना खत्म कराया।
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कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट घेरी, हंगामा
भारतीय किसान यूनियन तोमर के कार्यकर्ता दोपहर को कलक्ट्रेट पहुंचे और वहां हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने दिल्ली में किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवारों को पचास लाख रुपये की आर्थिक सहायता, एक सरकारी नौकरी देने, किसानों के सम्मान में दिल्ली में स्मारक बनवाने, लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के आरोपी आशीष मिश्रा को कड़ी सजा दिलाने, उसके पिता केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने, गन्ने का भाव 450 रुपये क्विंटल करने, बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान जल्द ब्याज समेत कराने, गैस व पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर रोक लगाने, बिजली के दाम कम करने, किसान आयोग का गठन करने, किसान को भी 60 वर्ष के बाद दस हजार रुपये माहवार पेंशन देने, सरकारी विभागों में चल रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने समेत अन्य मांग की गई। वहां दोपहर को धरना शुरू हुआ तो डीएम व एडीएम को ही ज्ञापन देकर धरना खत्म करने की बात कही। वहां डीएम नहीं पहुंचे तो एडीएम छुट्टी पर थे। इस तरह से हंगामा बढ़ गया। कार्यकर्ता शाम करीब साढ़े छह बजे तक कलक्ट्रेट में बैठे रहे। कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे जाम करने की धमकी दी। इस पर एसडीएम अनुभव सिंह ने ज्ञापन लिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष नीटू उर्फ बोक्का, सनी चौधरी, पदम सिंह, अहसान, वसीम रिजवी, रामवीर नैन, ओमवीर सिंह, अनिल, शहजाद, फरियाज, मुनेंद्र, इंद्रजीत सिंह, रवि, मिंटू, अंकुश, बिल्लू, सुमित तोमर आदि मौजूद रहे।
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