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Baghpat News: 26 साल बाद दायर की गई जमानत याचिका खारिज

Wed, 05 Apr 2023 12:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Wed, 05 Apr 2023 12:27 AM IST
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Bail plea filed after 26 years rejected
बागपत। यमुना सीमा विवाद को लेकर वर्ष 1997 में मवीकलां व सांकरौद के किसानों के साथ ही एसडीएम व सीओ पर हमला करने वाले हरियाणा के पूर्व सरपंच ने 26 साल बाद जमानत याचिका दायर की। जिसपर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने उसे खारिज कर दिया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल नेहरा के अनुसार मवीकलां गांव के कालूराम ने 23 जुलाई 1997 को खेकड़ा थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि मवीकलां व सांकरौद के किसानों की काफी जमीन यमुना में कटाव के कारण हरियाणा के सोनीपत जिले के भैरा बांकीपुर व दहीसरा की तरफ चली गई थी। दीक्षित अवार्ड के अनुसार हुए सीमांकन के रिकार्ड से यह साफ हो गया था कि हरियाणा की तरफ गई जमीन उनकी है, लेकिन उसपर इन दोनों गांवों के किसानों ने अवैध कब्जा कर लिया था। उस जमीन पर कब्जा लेने के लिए काफी ग्रामीण एसडीएम व सीओ बागपत के साथ ही तहसील की टीम वहां पहुंची थी।
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जहां भैरा गांव का पूर्व सरपंच हरि सिंह अपने साथ 200-300 लोगों को लेकर पहुंचा। उनमें से कुछ लोग एसडीएम व सीओ से बातचीत करने लगे तो अन्य लोगों ने किसानों को घेरकर पीटना शुरू कर दिया और वहां पथराव कर दिया। वहां से जान बचाकर भागने लगे तो वह फरसे, डंडे व तमंचे लेकर पीछे दौड़ने लगे। आरोप लगाया गया था कि वहां राई थाने के तत्कालीन एसएचओ भी मौजूद थे और उन्होंने भी हमला करने के लिए लोगों को उकसाया। वहां उनके ट्रैक्टरों में तोड़फोड़ कर दी, टेंट में आग लगा दी गई और फायरिंग की गई। किसान किसी तरह से जान बचाकर वहां से आए।
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पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके चार्जशीट लगा दी। जिसमें न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए तो पूर्व सरपंच हरि सिंह ने न्यायालय में घटना के 26 साल बाद अग्रिम जमानत याचिका दायर की। जिसपर सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश विशेष एससीएसटी एक्ट शाजिया नजर जैदी ने पूर्व सरंपच की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। उन्होंने अपने आदेश में कहा कि आधारहीन प्रकृति के मामलों में अग्रिम जमानत दी जा सकती है, लेकिन यह मामला किसी भी तरह से आधारहीन प्रकृति का नहीं है। इसलिए जमानत याचिका खारिज की गई।
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