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Baghpat: रक्षित ने लौटाया सगाई में दिया 21 लाख का चेक, बोले- दहेज एक अभिशाप, इसे स्वीकार नहीं कर सकते

Sat, 29 Nov 2025 10:54 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Sat, 29 Nov 2025 10:54 AM IST
सार

रक्षित राणा और दिव्या की सगाई द ग्रांड पैलेस रिसोर्ट में शुक्रवार शाम आयोजित की गई। आईआईएम से एमबीए करने के बाद रक्षित गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करते हैं। वहीं दिव्या दिल्ली की मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती हैं। 

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Baghpat: Rakshit returned the check of Rs 21 lakh given in engagement, said - Dowry is a curse, cannot accept
रक्षित को आशीर्वाद देते बागपत सांसद डा. राजकुमार सांगवान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाजिदपुर स्थित द ग्रांड पैलेस रिसोर्ट में हुई रक्षित राणा और दिव्या की सगाई में एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। रक्षित ने 21 लाख रुपये का चेक ससम्मान लौटाकर साफ संदेश दिया कि दहेज अभिशाप है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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रक्षित ने कहा कि दहेज एक सामाजिक अभिशाप है। बचपन से यही संस्कार रहे हैं कि किसी भी राशि को स्वीकार नहीं किया जाएगा। समाज में बदलाव शिक्षित परिवारों से ही आता है। रक्षित के चाचा डॉ. रविंद्र राणा ने कहा कि उनके परिवार के सभी सदस्य शिक्षित हैं और यही सोच उन्हें इस निर्णय तक लेकर आई। 
 
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वरिष्ठ शिक्षक चौधरी सुखबीर सिंह ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उपहार का सही समय विवाह के दो-तीन साल बाद होता है। दिव्या के पिता ओमवीर सिंह ने कहा कि यह राशि उनके बच्चों के लिए स्वेच्छा से दी गई थी, लेकिन रक्षित और उनके परिवार ने साफ किया कि वे कोई धनराशि स्वीकार नहीं करेंगे। 
 
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सगाई समारोह में बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार, पूर्व मंत्री ओमवीर तोमर, मेरठ-बागपत जिला कोऑपरेटिव बैंक चेयरमैन विमल शर्मा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
 

ये है रक्षित और दिव्या की प्रोफाइल
रक्षित ने आईआईएम से एमबीए किया है और गुरुग्राम की मल्टीनेशनल कंपनी में फाइनेंस एक्सपर्ट हैं। दिव्या ने आईआईटी से एमएससी पूर्ण किया है और दिल्ली की मल्टीनेशनल में कार्यरत हैं। इस पहल ने दहेज के खिलाफ समाज में सशक्त संदेश दिया और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई।
 

10वीं व 12वीं के टॉपर रहे रक्षित
रक्षित के चाचा डॉ. रविंद्र राणा ने बताया कि रक्षित ने आईसीएसई बोर्ड से पढ़ाई की है। वर्ष 2010 में 10वीं और वर्ष 2012 में 12वीं की पढ़ाई की थी। दोनों कक्षाओं में टॉपर रहे हैं और जिले का नाम रोशन किया। वह शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहे हैं।
 
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