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बागपत में गरजा बुलडोजर: चंद मिनटों में ध्वस्त हुईं 20 दुकानें, दुकानदार बोले, अब हम भूखे मर जाएंगे

Fri, 15 Sep 2023 12:01 AM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Fri, 15 Sep 2023 12:01 AM IST
सार

Baghpat News : दुकानदारों ने कहा कि दुकान टूटने के बाद उनके पास कोई रोजगार नहीं बचा। कहा कि ऐसे में उनके परिवार वाले भूखे मर जाएंगे।

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Baghpat: Railway department has demolished 20 shops by bulldozers
रेलवे विभाग ने बुलडोजर चलाकर की कार्रवाई। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बागपत जनपद के अग्रवाल मंडी टटीरी में मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे किनारे रेलवे की भूमि पर बनी करीब 20 दुकानों पर बृहस्पतिवार को बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त करा दिया गया। वहां दुकानें तोड़ने को लेकर हंगामा हुआ। दुकानें तोड़ने पर दुकानदारों ने व्यापार की चिंता भी जताई।

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कस्बे में रेलवे के अधिकारियों ने 250 दुकानदारों को नोटिस जारी कर रेलवे की जमीन खाली करने के निर्देश दिये थे। इसके चलते बृहस्पतिवार को रेलवे के अधिकारी बुलडोजर और पुलिस फोर्स लेकर मेरठ-बागपत हाईवे पर रेलवे फाटक के पास पहुंचे। जहां उन्होंने बुलडोजर चलाकर ओमप्रकाश, मोनू, लोकेश, यूनुस, किशन, सुंदरलाल, डॉ. किशनचंद जैन, रविंद्र, सत्यपाल, हरिओम गुप्ता, अतुल गुप्ता, सुमित वर्मा समेत 20 दुकानों पर बल्डोजर चलाना शुरू किया। इसे देखते ही दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जहां कुछ दुकानदारों ने दुकानों को तोड़ने को लेकर विरोध जताया और उनकी अधिकारियों से नोकझोंक हुई। 

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वहीं, कुछ दुकानदार खुद ही दुकान तोड़ने और अपना सामान बटोरने लगे। रेलवे की जमीन पर बनी 20 दुकानों को ध्वस्त करने के बाद अधिकारी वापस लौट गए। जबकि अन्य दुकानों को बाद में ध्वस्त करने की बात कहकर वापस लौट गए। इस मामले में रेलवे अधिकारी थान सिंह ने बताया कि रेलवे फाटक से 330 फुट बाजार की तरफ रेलवे की भूमि है, जिसे जल्द ही कब्जामुक्त कराया जाएगा।

भाकियू नेता ने ध्वस्तीकरण का विरोध किया
भाकियू के पूर्व युवा जिलाध्यक्ष हिम्मत सिंह ने दुकानों के ध्वस्तीकरण का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पहले निशानदेही करने के बाद ध्वस्तीकरण किया जाए। इसके अलावा दुकानदारों के व्यापार के लिए व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने कहा कि दुकानें तोड़े जाने से दुकानदारों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, जिसका मुआवजा दिया जाए।

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पुलिस कर्मियों ने भीड़ को खदेड़ा
रेलवे की जमीन पर बनी दुकानों का ध्वस्तीकरण शुरू होते ही दुकानदारों और लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। जिसे देखते ही पुलिस कर्मियों ने सख्ती दिखाई और भीड़ को खदेड़ा। पुलिस को कई बार भीड़ को हटाना पड़ा।

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दुकानदार बोले, दुकान के बिना भूखे मर जाएंगे
दुकानदार ओमप्रकाश, मोनू, लोकेश, यूनुस, किशन ने बताया कि वे पिछले 50 वर्षों से दुकान बनाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। अब दुकान टूटने के बाद उनके पास कोई रोजगार नहीं बचा और परिवार भूखा मर जाएगा।

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