ग्रामीणों ने अफसरों को दिखाया आईना: दफ्तरों के चक्कर काट थके तो चंंदा एकत्र कर किया ये काम, 400 किसानों को लाभ
लोगों ने तीन लाख रुपये चंदा एकत्र करके बरनावा से रहतना तक एक किमी मार्ग बनवाकर खडंजा लगवाना शुरू किया।-जनप्रतिनिधियों और अफसरों से पांच साल से मांग करके थक चुके थे लोग, 400 से अधिक किसानों को मिलेगा लाभ
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बड़ौत में पिछले पांच साल से मार्ग निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता झेल रहे रहतना गांव के लोगों की एकजुटता ने सभी को आइना दिखाया। गांव के लोगों ने एकजुट होकर खुद ही तीन लाख रुपये चंदा एकत्र किया और एक किमी लंबे मार्ग का निर्माण कराया।
यह मार्ग रहतना गांव को बरनावा गांव की सीमा से जोड़ता है। इस मार्ग का 400 से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा क्योंकि इनकी कृषि भूमि इस मार्ग पर पड़ती है और इस मार्ग से होकर जाना पड़ता है। यह मार्ग काफी खराब था और इसपर बुग्गी या ट्रैक्टर लेकर नहीं जा सकते थे। सरकारी मार्ग होने के बाद भी इसपर कोई ध्यान देने को तैयार नहीं था इसलिए रहतना व बरनावा के लोगों को दूसरे मार्ग से पांच किमी अधिक दूरी तय करनी पड़ती थी।
इसपर मिट्टी डलवाई गई और अब इसपर खडंजा लगवाना शुरू कर दिया। खडंजा निर्माण के लिए अभी रुपये कुछ कम होने के कारण धीरे-धीरे चंदा फिर एकत्र किया जा रहा है। घास व झाड़ियां खड़ी हुई थी। आवागमन पूरी तरह से बंद था। रास्ते का निर्माण होने से अब रहतना व बरनावा गांव के सैकड़ों किसानों को लाभ मिलेगा।
इन्होंने एकत्र किया चंदा
मार्ग निर्माण के लिए चंदा देने वालों में पूर्व ग्राम प्रधान भारत वीर, राम सुमन तोमर, राजन तोमर, मोहित तोमर, सूरजपाल, प्रताप सिंह, जोनी तोमर, शशि शर्मा, रवि तोमर और आजाद सिंह जैसे कई नाम शामिल है। इन सभी के सामूहिक प्रयास से मार्ग का निर्माण हो सका। इससे किसानों ने खेतों में आवागमन शुरू कर दिया और खडंजा लगने पर यह बेहतर हो जाएगा।
मार्ग निर्माण के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पास गए, मगर समस्या का समाधान नहीं किया गया। सभी ने एकजुटता दिखाकर अब मार्ग का निर्माण कराया है। जल्द ही इसपर खंडजा भी लगाया जाएगा ताकि किसानों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। ग्रामीणों को आपसी भाईचारे के साथ एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। -भारत वीर, पूर्व प्रधान
मेरे यहां आने से पहले शिकायत आई होगी। फिलहाल यह मेरी जानकारी में नहीं है। यदि ग्रामीणों ने आपसी सहयोग की मिसाल कायम करते हुए रास्ते का खुद निर्माण कराया है तो बहुत अच्छी बात है। प्रशासन भी ऐसे लोगों का सहयोग करेगा। -मनीष यादव, एसडीएम बड़ौत।