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बागपत : 30 गांवों में तेंदुए का आतंक, दफ्तरों से बाहर निकलने को तैयार नहीं वन अधिकारी

Sun, 11 Aug 2024 07:06 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Sun, 11 Aug 2024 07:06 PM IST
सार

बड़ौत के 30 गांवों में तेंदुए के आतंक से लोग दहशत में हैं। लोगों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गश्त करने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। 

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Baghpat: Leopard terror in 30 villages, officers not ready to come out of offices
leopard - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बड़ौत क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों में तेंदुए का आतंक है। आएदिल तेंदुए गांवों में दिखाई दे रहे हैं। मवेशियों का शिकार कर रहे हैं। ऐसे में शाम ढलते ही लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। खास तौर पर लोगों को अपने बच्चों की सुरक्षा का डर सता रहा है। मगर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गश्त करने के बजाय दफ्तारों की शोभा बढ़ा रहे हैं। 
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जिले के गांवों में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। तेंदुआ कई मवेशियों को मार चुका है। पिछले साल सितंबर माह में बिजवाड़ा गांव के जंगल में किसान सुनील पर ज्वार काटते समय तेंदुआ हमला कर चुका है। शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल के अलावा किशनपुर बिराल गांव में हाईवे पर तेंदुआ मिला। अब निरपुड़ा गांव के जंगल में मादा शावक का शव मिला है। आए दिन किसी ना किसी गांव में किसानों को तेंदुआ दिखाई दे रहा है। इससे शाम ढलते ही ग्रामीणों की आवाजाही कम होने लगी है। 
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Baghpat: Leopard terror in 30 villages, officers not ready to come out of offices
निरपुड़ा के जंगल में तेंदुए की सूचना पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
खेतों में जाने से डर रहे मजदूर
इसी कारण गन्ने को बांधने के लिए खेत में मजदूर जाने से डर रहे हैं। अभी भी क्षेत्र के निरपुड़ा, दाहा, टीकरी, दोघट, पुसार, बामनौली, रहतना, बरनावा, बिनौली, संतनगर, शाहपुर बागणंगा, बुढपुर, रमाला समेत 30 से अधिक गांवों में लगातार तेंदुए किसानों को जंगली जानवर का शिकार करते नजर रहे हैं। क्षेत्रवासियों रविंद्र, अमित, बबलू मलिक, सोनू तोमर, कपिल आदि का कहना है कि जनपद में तेंदुए घूम रहे हैं, लेकिन वन क्षेत्राधिकारी बड़ौत, डिप्टी रेंजर से लेकर जनपद के अन्य अधिकारी व कर्मचारियों का कार्यालय से मोहभंग नहीं हो रहा है। लोग तेंदुआ-तेंदुआ चिल्ला रहे हैं और अधिकारी फील्ड में जा ही नहीं रहे हैं। 
यह हाल तो तब है जब डीएफओ राजेश कुमार ने सख्ती से जनपद के तमाम अधिकारियों व कर्मचारियों को कांबिंग व रात्रि गश्त करने के निर्देश दे रखे हैं। स्थानीय वन विभाग के अधिकारी डीएफओ के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। इससे लोगों को जान का खतरा बना हुआ है। किसान व मजदूर समूह बनाकर लाठी-डंडे लेकर खेतों में जाने को मजबूर हैं।
 

डीएफओ बागपत राजेश कुमार का कहना है कि जिस गांव या क्षेत्र से तेंदुए की सूचना मिल रही है, तत्काल टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। वन क्षेत्राधिकारी से लेकर अन्य कर्मचारियों तक सभी को लगातार कांबिंग व गश्त करने के लिए निर्देशित किया गया है। यदि लापरवाही बरती जा रही है तो औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। 

 
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