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Baghpat: पिता ने दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की कोर्ट से मांगी अनुमति, जांच में किशोरी गर्भवती नहीं मिली

Wed, 28 Aug 2024 12:10 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Wed, 28 Aug 2024 12:10 AM IST
सार

एक पिता ने दुष्कर्म पीड़िता बेटी के गर्भपात की अनुमति कोर्ट से मांगी। कोर्ट ने जांच कराई तो पता चला कि किशोरी गर्भवती है ही नहीं। 

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Baghpat: Father seeks permission from court to abort rape victim, girl not found pregnant during investigation
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : एएनआई

विस्तार

छपरौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने रेप पीड़िता पुत्री का गर्भपात कराने की मांग न्यायालय से की। न्यायालय ने सीएमओ बागपत को पत्र जारी करते हुए पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण करने और गर्भपात को लेकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से राय लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। सीएमओ ने जांच कमेटी गठित की। पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने रेप पीड़िता किशोरी का अल्ट्रासाउंड कराया, तो उसके पेट में गर्भ ही नहीं मिला। जांच कमेटी ने रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है।
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गत मई माह में छपरौली थाना क्षेत्र के एक गांव से 15 वर्षीय किशोरी रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थी। किशोरी के पिता ने पड़ोसी खेत मालिक के पुत्र पर पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी युवक पानीपत हरियाणा के एक गांव का रहने वाला था। कुछ दिनों बाद ही पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया था।
 
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किशोरी के पिता का आरोप है कि उसकी पुत्री को ले जाने वाले युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जिससे वह गर्भवती हो गई। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया। पिता ने किशोरी के गर्भवती होने के कारण उसकी जान को खतरा बताया। क्योंकि उसकी आयु अभी 15 वर्ष भी नहीं हुई है। पुत्री के गर्भपात को लेकर पिता ने बागपत न्यायालय में याचिका दायर की। जिसमें न्यायाधीश से पुत्री का गर्भपात कराने की अनुमति मांगी गई।
 
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अपर जिला एवं सत्र न्यायालय न्यायाधीश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ बागपत को पत्र जारी किया। पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण कराने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। सीएमओ ने पांच चिकित्सकों की संयुक्त टीम गठित की। टीम ने पीड़िता का अल्ट्रासाउंड कराया, तो उसके पेट में गर्भ नहीं मिला। जांच कमेटी ने अल्ट्रासाउंड को आधार मानते हुए अपनी रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है। सीएमओ डा. तीरथ लाल का कहना है कि किशोरी गर्भवती नहीं मिली है। जल्द ही जांच रिपोर्ट न्यायालय भेज दी जाएगी।
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