{"_id":"57dd9bfe4f1c1bf422d48789","slug":"at-8-fir-will-be-including-nirpudha-village-head","type":"story","status":"publish","title_hn":"निरपुड़ा के प्रधान समेत 8 पर होगी एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निरपुड़ा के प्रधान समेत 8 पर होगी एफआईआर
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 18 Sep 2016 01:09 AM IST
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हिस्ट्रीशीटर रामबली की हत्या का आरोप निरपुड़ा गांव की प्रधान मुनेश समेत आठ लोगों पर लगा है। इसमें तीन पुलिस वाले भी शामिल हैं। कोर्ट ने दोघट थाना प्रभारी को वारदात की रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
निरपुड़ा गांव की महिला कमलेश के शिकायती पत्र के मुताबिक उसके बेटे रामबली को गांव की पार्टीबाजी के चलते ब्रजपाल की हत्या के केस में फर्जी तरीके से नामजद कराया था। रामबली जमानत पर जेल से आया हुआ था। इसी रंजिश के चलते रामबली अधिकांश गांव से बाहर रहता था। विपक्षी उसे जान से मारने की फिराक में रहते थे। कई बार उस पर हमला हो चुका था।
इसकी शिकायत पुलिस अफसरों से की , लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। 15 जुलाई 2015 को रामबली गांव में आया था। अगले दिन सुबह रामबली गांव के एक व्यक्ति के साथ खेत में गया था। रास्ते में एक बुलेरो गाड़ी मिली थी। इसमें से गांव का निश्चय, उसकी मां मुनेश (वर्तमान ग्राम प्रधान), सोनू, अजीत, बिजेंद्र उर्फ बिल्लू और तीन पुलिस वाले निकले। मुनेश को छोड़कर सभी हथियार लिए थे। आरोपियों ने रामबली को दबोच कर गाड़ी में डाल लिया।
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रामबली के साथ गया व्यक्ति वहां से भागने में कामयाब हो गया। उसने मामले की जानकारी उसे दी। उसने दोघट थाना में मामले की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने पुलिस अधिकारियों, मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग और प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उसे 27 जुलाई 2015 को सूचना मिली निश्चय राणा के खेत में स्थित कुआं में किसी व्यक्ति की लाश पड़ी है। वहां जाकर देखा तो उसे दुर्गंध आ रही थी। उसने दोघट थाना में सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में आरोपियों ने कुएं को मिट्टी से ढक दिया था। आरोप है आरोपियों ने उसके बेटे रामबली की हत्या का कुएं में डालकर दाब दिया है। बाद में उसने कोर्ट की शरण ली।
कमलेश के अधिवक्ता जसविंदर सिंह तोमर ने बताया इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ दोघट थानाध्यक्ष को रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने के आदेश दिए हैं। उधर, आरोपी ग्राम प्रधान मुनेश ने कहा उन पर लगाया आरोप पूरी तरह से गलत है। पुलिस कुएं की खुदाई करा चुकी है। कुएं से कुछ नहीं मिला था। उनके खिलाफ साजिश की गई है।
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निरपुड़ा गांव की महिला कमलेश के शिकायती पत्र के मुताबिक उसके बेटे रामबली को गांव की पार्टीबाजी के चलते ब्रजपाल की हत्या के केस में फर्जी तरीके से नामजद कराया था। रामबली जमानत पर जेल से आया हुआ था। इसी रंजिश के चलते रामबली अधिकांश गांव से बाहर रहता था। विपक्षी उसे जान से मारने की फिराक में रहते थे। कई बार उस पर हमला हो चुका था।
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इसकी शिकायत पुलिस अफसरों से की , लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। 15 जुलाई 2015 को रामबली गांव में आया था। अगले दिन सुबह रामबली गांव के एक व्यक्ति के साथ खेत में गया था। रास्ते में एक बुलेरो गाड़ी मिली थी। इसमें से गांव का निश्चय, उसकी मां मुनेश (वर्तमान ग्राम प्रधान), सोनू, अजीत, बिजेंद्र उर्फ बिल्लू और तीन पुलिस वाले निकले। मुनेश को छोड़कर सभी हथियार लिए थे। आरोपियों ने रामबली को दबोच कर गाड़ी में डाल लिया।
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रामबली के साथ गया व्यक्ति वहां से भागने में कामयाब हो गया। उसने मामले की जानकारी उसे दी। उसने दोघट थाना में मामले की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने पुलिस अधिकारियों, मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग और प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उसे 27 जुलाई 2015 को सूचना मिली निश्चय राणा के खेत में स्थित कुआं में किसी व्यक्ति की लाश पड़ी है। वहां जाकर देखा तो उसे दुर्गंध आ रही थी। उसने दोघट थाना में सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में आरोपियों ने कुएं को मिट्टी से ढक दिया था। आरोप है आरोपियों ने उसके बेटे रामबली की हत्या का कुएं में डालकर दाब दिया है। बाद में उसने कोर्ट की शरण ली।
कमलेश के अधिवक्ता जसविंदर सिंह तोमर ने बताया इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ दोघट थानाध्यक्ष को रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने के आदेश दिए हैं। उधर, आरोपी ग्राम प्रधान मुनेश ने कहा उन पर लगाया आरोप पूरी तरह से गलत है। पुलिस कुएं की खुदाई करा चुकी है। कुएं से कुछ नहीं मिला था। उनके खिलाफ साजिश की गई है।