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Baghpat News: कोच के बिना शतरंज के ग्रैंडमास्टर बने आर्यन वार्ष्येण

Tue, 20 Jan 2026 01:11 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jan 2026 01:11 AM IST
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Aryan Varshney became a chess Grandmaster without a coach.
बागपत। बड़ौत के शांतिपुरम निवासी 20 वर्षीय आर्यन वार्ष्येण ने अपनी असाधारण प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए बिना किसी कोच के शतरंज के ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया है। उन्होंने केवल छह महीने के भीतर ग्रैंडमास्टर बनने के लिए आवश्यक तीनों नॉर्म पूरे किए। यह उपलब्धि उन्हें देश का 92वां ग्रैंडमास्टर बनाती है। आर्यन का अगला लक्ष्य विश्व की शीर्ष रेटिंग में शामिल होना है। आर्यन दो बार ग्रैंडमास्टर गुकेश को कड़ी टक्कर देकर ड्राॅ खेल चुके हैं।
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आर्यन के जीवन की शुरुआत काफी चुनौतियों भरी रही। पांच साल की उम्र में उनकी मां पारिवारिक कारणों से उन्हें छोड़कर चली गईं। इसके बाद उनके पिता गौरव वार्ष्येण, जो स्वयं एक शिक्षक हैं, ने उन्हें संभाला। सात साल की उम्र में पिता ने ही उन्हें शतरंज की चालें सिखाईं। नौ साल की उम्र में आर्यन ने दिल्ली में अपना पहला शतरंज टूर्नामेंट खेला और जीत दर्ज की। 2018 में उन्होंने अहमदाबाद में अंडर-13 नेशनल टूर्नामेंट जीतकर अंडर-13 नेशनल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। इसके बाद उन्होंने देश भर में खेलते हुए चार इंडियन मास्टर नॉर्म हासिल किए और अगस्त 2024 में उन्हें इंडियन मास्टर का टाइटल मिला, जिसे उन्होंने अब ग्रैंडमास्टर में बदल दिया है।
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चैंपियन के साथ देश के 92वें ग्रैंडमास्टर बने आर्यन
आर्यन ने ग्रैंडमास्टर के लिए अपने नॉर्म की शुरुआत अगस्त 2025 में ग्रीस में एक ओपन टूर्नामेंट से की, जहां उन्हें तीसरा स्थान मिला। दूसरा नॉर्म उन्होंने नवंबर 2025 में बांग्लादेश में एक टूर्नामेंट जीतकर हासिल किया। तीसरा और निर्णायक नॉर्म अर्मेनिया में 16 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ, जहां चैंपियन बनने के साथ ही वह देश के 92वें ग्रैंडमास्टर बन गए। इस जीत पर उन्हें 1500 डॉलर का पुरस्कार मिला।
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दिल्ली विश्वविद्यालय से कर रहे बीए की पढ़ाई
आर्यन का मानना है कि मैग्नस कार्लसन और गुकेश जैसे शीर्ष खिलाड़ियों तक पहुंचना केवल सपने देखने से नहीं, बल्कि लगातार बेहतर खेलने से संभव होगा। वर्तमान में उनकी रेटिंग 2513 है, जिसे वह बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उनके पिता गौरव बताते हैं कि आर्यन ने कोच पर भारी-भरकम खर्च किए बिना यह मुकाम हासिल किया है, जबकि कई खिलाड़ी इस पर लाखों रुपये खर्च करते हैं। आर्यन दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके पिता गाैरव दिल्ली में विज्ञान के अध्यापक हैं। दादा बड़ाैत के दिगंबर जैन डिग्री काॅलेज में प्राचार्य रहे हैं।
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