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लॉकडाउन में शस्त्र लाइसेंस रिन्यूअल नहीं, अब दो हजार की पेनाल्टी

Thu, 09 Jul 2020 11:18 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2020 11:18 PM IST
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Arms license not renewed in lockdown, now a penalty of two thousand
बागपत। लॉकडाउन में सरकारी कार्यालय बंद रहने का खामियाजा अब लोगों को उठाना पड़ रहा है। शस्त्र लाइसेंस रिन्यूअल नहीं करा सके लोगों को अब दो हजार रुपये पेनाल्टी देनी पड़ रही है। लाइसेंस धारकों ने पेनाल्टी जमा करानी शुरू कर दी है। अभी तक 15 शस्त्र लाइसेंस धारकों ने रिन्यूअल शुल्क जमाया कराया है।
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साल में एक बार शस्त्र लाइसेंस रिन्यूअल कराना पड़ता है। देरी किए जाने पर दो हजार रुपये की पेनाल्टी भी लगती है। इस बार मार्च में लॉकडाउन लग गया। इस कारण शस्त्र लाइसेंस धारक रिन्यूअल नहीं करा पाए थे। लेकिन अनलॉक शुरू होते ही लाइसेंस धारक कलक्ट्रेट पहुंचने शुरू हो गए। शस्त्र कार्यालय में लिपिक अंजू गुप्ता का कहना है कि एक महीने की देरी पर दो हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान हैं। जिन लाइसेंस धारकों का रिन्यूअल देरी से हो रहा है, उनसे पेनाल्टी ली जा रही है।
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जिले में पांच हजार लाइसेंस
बागपत। जिले में करीब पांच हजार शस्त्र लाइसेंस हैं। रिन्यूअल की प्रक्रिया चल रही है। जिन लाइसेंस धारकों ने एक महीने से अधिक देरी की है, उनसे दो हजार रुपये की पेनाल्टी ली जा रही है।
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पहले मना किया और अब वसूला जा रहा बिल
बड़ौत। बिजली बिल को लेकर उद्यमी असमंजस की स्थिति में है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार की करनी व कथनी में अंतर होने के कारण आज लघु उद्योग बंदी की कगार पर है। आईआईए के संरक्षक डॉ योगेश जिंदल ने कहा की लॉकडाउन के समय सरकार ने घोषणा की थी कि किसी भी उद्यमी से बिजली का फिक्स चार्ज नहीं लिया जाएगा। मगर, मई के बिल में सारे चार्ज जुड़कर आ गए। उद्यमियों ने विरोध किया तो अब नया आदेश आ गया कि जिन उद्योग का जून तक पूरा बिल जमा हो जाएगा, केवल उन्हें जुलाई माह का फिक्स चार्ज माफ कर दिया जाएगा। सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। लघु उद्योग बंदी के कगार पर है। आईआईए के अध्यक्ष ललित कुमार जैन व उद्यमी संजय गोयल ने कहा कि मार्च से अब तक बिजली के फिक्स चार्ज और ब्याज माफी जरूर की जानी चाहिए। बिल माफ नहीं किए गए हैं। असमंजस की स्थिति बनीं हुई है।

इस तरह छूट का किया जा रहा दावा
बड़ौत। एक्सईएन प्रथम गोपाल का कहना है कि अप्रैल के डिमांड चार्ज को विभाग ने जून के बिल में जोड़ दिया था। मगर, बिल बनाने के बाद सरकार का निर्णय आया कि कोविड- 19 के चलते व्यापार कम चल रहा है, इसलिए उद्यमियों से यह डिमांड चार्ज न वसूला जाएं। लेकिन बाद में शर्त रखी गई कि जो उद्यमी 30 जून तक अपना पूरा बिल जमा करते है तो जुलाई के बिल में अप्रैल माह की डिमांड की छूट मिल जाएगी।
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