{"_id":"679139227400dec9f303edb4","slug":"antiquities-started-being-found-during-excavations-baghpat-news-c-28-1-smrt1003-125300-2025-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: खोदाई में पुरावशेष मिलने हुए शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: खोदाई में पुरावशेष मिलने हुए शुरू
विज्ञापन
कुर्डी टीले पर खोदाई करते मजदूर। संवाद
बड़ौत। कुर्डी गांव के टीले पर भारतीय विरासत संस्थान के उत्खनन करने पर ट्रेंच में बुधवार को पुरावशेष मिलने शुरू हो गए। उनको पॉटरी यार्ड में रखा जा रहा है। वहीं शोधार्थियों ने टीले पर बिखरे खंडित पुरावशेषों को एकत्र किया।
भारतीय विरासत संस्थान के महानिदेशक एवं कुलपति डॉ. बुद्ध रश्मि मणि के निर्देशन में 20 जनवरी से कुर्डी के टीले पर उत्खनन कार्य शुरू किया गया था। संस्थान के 14 शोधार्थी भी उत्खनन कार्य में लगे हुए हैं।
ऊपरी सतह से साक्ष्य एकत्रित करने के अलावा तीन स्थानों पर बनाए गए 4-4 ट्रेंच पर भी काम शुरू हो गया है। खास बात यह है कि आठ इंच की खोदाई से ही टीले के राज बाहर आने शुरू हो चुके हैं।
विज्ञापन
शोधार्थियों को काफी मृदभांड समेत अन्य पुरावशेष प्राप्त हो रहे हैं। इन सभी को अब पॉटरी यार्ड में सुरक्षित किया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही टीम को यहां से अहम पुरावशेष मिलेंगे। टीम में शामिल शोधार्थी टीले पर बिखरे पुरावशेषों को एकत्र करने के साथ अपने-अपने ट्रेंचों में खोदाई भी कर रहे हैं।
वहीं बाहरी लोगों का टीले पर आवागमन बंद कर दिया गया है। उधर, तिलवाड़ा के आला टीले पर चल रहा उत्खनन बुधवार को भी किया गया, जहां एक ट्रेंच के अलावा किसी भी ट्रेंच की खोदाई में अभी तक सफलता नहीं मिली है।
विज्ञापन
भारतीय विरासत संस्थान के महानिदेशक एवं कुलपति डॉ. बुद्ध रश्मि मणि के निर्देशन में 20 जनवरी से कुर्डी के टीले पर उत्खनन कार्य शुरू किया गया था। संस्थान के 14 शोधार्थी भी उत्खनन कार्य में लगे हुए हैं।
विज्ञापन
ऊपरी सतह से साक्ष्य एकत्रित करने के अलावा तीन स्थानों पर बनाए गए 4-4 ट्रेंच पर भी काम शुरू हो गया है। खास बात यह है कि आठ इंच की खोदाई से ही टीले के राज बाहर आने शुरू हो चुके हैं।
विज्ञापन
शोधार्थियों को काफी मृदभांड समेत अन्य पुरावशेष प्राप्त हो रहे हैं। इन सभी को अब पॉटरी यार्ड में सुरक्षित किया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही टीम को यहां से अहम पुरावशेष मिलेंगे। टीम में शामिल शोधार्थी टीले पर बिखरे पुरावशेषों को एकत्र करने के साथ अपने-अपने ट्रेंचों में खोदाई भी कर रहे हैं।
वहीं बाहरी लोगों का टीले पर आवागमन बंद कर दिया गया है। उधर, तिलवाड़ा के आला टीले पर चल रहा उत्खनन बुधवार को भी किया गया, जहां एक ट्रेंच के अलावा किसी भी ट्रेंच की खोदाई में अभी तक सफलता नहीं मिली है।