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जल को जहरीला करने वाली जींस रंगाई की अन्य फैक्टरी भी होगी सील

Sat, 06 Nov 2021 11:09 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Nov 2021 11:09 PM IST
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Another factory of dyeing jeans that poisons water will also be sealed
बागपत के पुराना कस्बे स्थित जींस रंगाई फैक्ट्री का फाइल फोटो - फोटो : BAGHPAT
- नगर में चल रही 13 फैक्टरी में प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने अभी तक केवल छह को किया सील
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- जींस रंगाई की फैक्टरी से केमिकल युक्त पानी जमीन व नाले में छोड़ने से जहरीला हो गया पुराने कस्बे का पानी
- दिल्ली रोड, मेरठ बाईपास रोड, पुराने कस्बे में बाकी फैक्टरी सील करने को दोबारा चलाया जाएगा अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नगर के पुराने कस्बे में जल को जहरीला करने वाली जींस रंगाई की छह फैक्टरी सील करने के बाद रोका गया अभियान दोबारा से चलाया जाएगा। दिल्ली रोड, मेरठ बाईपास रोड, पुराना कस्बा में अभी सात फैक्टरी बाकी है, जिनको सील नहीं किया गया था और उनका भी केमिकल युक्त पानी जल को जहरीला कर रहा है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने अगले सप्ताह दोबारा अभियान चलाकर कार्रवाई करने की बात कही है। इसके लिए ही सभी फैक्टरी का डाटा एकत्र किया जा रहा है।
गाजियाबाद व लोनी से जींस रंगाई की इन फैक्टरियों को इसलिए ही बंद कराया गया था, क्योंकि इनसे वहां का पानी जहरीला हो गया था। वहां से बंद कराई गई अधिकतर फैक्टरी को करीब एक साल पहले ही यहां लगा दिया गया। इसके लिए प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण विभाग से अनुमति तक नहीं ली गई। इनके अलावा फैक्टरी में ईटीपी (इफ्युएंट ट्रीटमेंट प्लांट) लगाना अनिवार्य होता है। इससे केमिकल वाले पानी का ट्रीटमेंट किया जाता और उससे रासायनिक तत्व अलग होने के बाद उसे नाले या जमीन पर छोड़ा जाता है। यहां ईटीपी भी नहीं लगा है और इस कारण ही पानी जहरीला होता जा रहा है। आवासीय क्षेत्र में व्यवसायिक गतिविधि भी नहीं हो सकती थी। इस तरह सबकुछ अवैध रूप से किया जा रहा है। अमर उजाला ने जल के जहरीला होने से बीमारियां फैलने पर अभियान चलाया तो प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, नगर पालिका ने अभियान चलाकर पुराने कस्बे में छह फैक्टरी को सील कर दिया था। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के अनुसार यहां जींस रंगाई की करीब 13 फैक्टरी चलाई जा रही है। उनमें से छह सील हो चुकी है और अन्य सात अभी बाकी है, जिनको अगले सप्ताह सील करने की कार्रवाई की जाएगी। वह फैक्टरी किस-किस जगह है, इसकी जानकारी एकत्र भी की गई है।
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जींस रंगाई के लिए खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल होता है। इसमें डाई, लैड, सोडियम समेत अन्य होते है। इन फैक्टरियों से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी से लीवर, आंख, त्वचा रोग के अलावा कैंसर तक हो सकता है। इसलिए ही इनको आबादी वाली जगह में चलाने की अनुमति नहीं होती है। यहां सभी फैक्टरी अवैध है। अब करीब सात फैक्टरी बची है, उनको अगले सप्ताह सील करने की कार्रवाई की जाएगी। - प्रखर कुमार, सहायक पर्यावरण अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण विभाग।
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