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कमिश्नरी पर धरना देने का एलान
ब्यूरो/अमर उजाला, अमीनगर सरीय
Updated Mon, 25 Dec 2017 01:38 AM IST
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सुमित एनकांउटर की सीबीआई जांच की मांग को लेकर चिरचिटा में महापंचायत में बोलते जयंत चौधरी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ग्रेटर नोएडा में युवक सुमित गुर्जर एनकाउंटर की सीबीआई जांच न होने पर रविवार को चिरचिटा गांव में महापंचायत हुई। इसमें निर्णय लिया सुमित गुर्जर एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग को लेकर 16 जनवरी से मेरठ कमिश्नरी पर अनिश्चितकालीन धरना होगा।
इसमें रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी, सपा नेता अतुल प्रधान व अन्य नेताओं ने भाजपा पर जुबानी हमला किया। कहा प्रदेश में फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। इसको लेकर प्रदेश सरकार को एनआरसी ने नोटिस भी दे दिया है।
महापंचायत में पहुंचे रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा वे कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की नीति और सोच ने ही वे चल रहे हैं। प्रदेश सरकार पूरी तरह से फेल हो गई है। यह बड़ी जिद्दी और अव्यवहारिक सरकार है, फिलहाल इसका जमीन पर पैर नहीं है।
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प्रदेश सरकार फर्जी एनकाउंटर करके क्राइम कंट्रोल करने का दावा कर रही है। वेस्ट यूपी में 528 एनकाउंटर किए जा चुके हैं। इनमें से मेरठ डिवीजन में 243 एनकाउंटर हुए हैं। एनकाउंटर के नाम पर 23 लोगों की हत्याएं की जा चुकी है।
उन्होंने कहा जब सरकार ही पुलिस अधिकारियों से बदमाशों को ठोकने की बात कहती है तो फर्जी एनकाउंटर होना निश्चित है। भाजपा सरकार में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। प्रदेश की कानून व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है।
हेल्प लाइन पर दर्ज 40 हजार शिकायतों में से 3800 शिकायत दुष्कर्म की है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री और सांसदों को झूठ बोलना सिखाते हैं, इसलिए भाजपाई झूठ बोलने में इतने माहिर हैं।
पूर्व सिंचाई मंत्री मेराजुद्दीन ने कहा सभी लोगों के साथ है। पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष किया जाएगा। सपा नेता अतुल प्रधान ने कहा देश के प्रमुख को हिटलर का दर्जा दिया है।
उन्होंने कहा सरकार अलगाव की राजनीति करना चाहती है। उन्होंने जब से सुमित को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ना शुरू किया है, जब से अब तक उनके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, लेकिन वे डरने वाले नहीं है।
उन्होंने कहा सरकार बदलने पर चक्रवर्ती ब्याज के साथ हिसाब चुकता किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा बाबा का काम तो मंदिर में होता है न कि दूसरी जगह। उन्होंने सरधना विधायक संगीत सोम पर भी निशाना साधा। प्रदेश सरकार सुमित के केस को दबाना चाहती है।
महापंचायत में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि इस केस की सीबीआई जांच की मांग को लेकर 16 जनवरी को मेरठ कमिश्नरी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए अंत तक संघर्ष करने का ऐलान किया।
वाट्सएप देखकर युवाओं ने कर दिया था दंगा
यूपी के कई जनपदों के बटवारों की वाट्सएप पर चल रहे कमेंट पर जयंत ने कहा कि इसको ज्यादा गंभीरता से ले लिया जाए। वाट्सअप देखकर ही नौ जवानों ने दंगा कर दिया था।
सुमित के परिवार की आर्थिक मद्द की
महा पंचायत में पहुंचे नेताओं और सर्व समाज के कुछ लोगों ने सुमित के परिवार की आर्थिक मद्द की। रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने 21 हजार, भोपाल पांचली, कृष्णपाल बूढेड़ा, रामपाल धामा, गजेंद्र बली, रमन चौधरी, सुखपाल, सुभाष प्रमुख, बिल्लू प्रधान, कर्मवीर, जयचंद, मेरठ के ब्लाक प्रमुख पप्पू ने 11-11 हजार रुपये दिए। इसके अलावा सुरेंद्र बाघू, भोपाल, करतार, पप्पू, उमेश ने 5100-5100 रुपये और तेजपाल बली ने पांच हजार रुपये नगद दिए।
सीबीआई जांच से बच रही सरकार
रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा प्रदेश सरकार सीबीआई जांच से बच रही है। वर्ष 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए थे कि प्रत्येक एनकाउंटर की न्यायिक जांच हो। इसकी जानकारी देने के लिए अभी तक प्रदेश सरकार का कोई भी नुमाईंदा यहां पर नहीं है। पिछले काफी समय से गायब है। उनके द्वारा कोई भी जानकारी नहीं दी जा रही है। जब तक केस का निर्णय नहीं होता जब तक एनकाउंटर में शामिल रहे पुलिस वाले का अवार्ड प्रमोशन नहीं होता।
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इसमें रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी, सपा नेता अतुल प्रधान व अन्य नेताओं ने भाजपा पर जुबानी हमला किया। कहा प्रदेश में फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। इसको लेकर प्रदेश सरकार को एनआरसी ने नोटिस भी दे दिया है।
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महापंचायत में पहुंचे रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा वे कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की नीति और सोच ने ही वे चल रहे हैं। प्रदेश सरकार पूरी तरह से फेल हो गई है। यह बड़ी जिद्दी और अव्यवहारिक सरकार है, फिलहाल इसका जमीन पर पैर नहीं है।
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प्रदेश सरकार फर्जी एनकाउंटर करके क्राइम कंट्रोल करने का दावा कर रही है। वेस्ट यूपी में 528 एनकाउंटर किए जा चुके हैं। इनमें से मेरठ डिवीजन में 243 एनकाउंटर हुए हैं। एनकाउंटर के नाम पर 23 लोगों की हत्याएं की जा चुकी है।
उन्होंने कहा जब सरकार ही पुलिस अधिकारियों से बदमाशों को ठोकने की बात कहती है तो फर्जी एनकाउंटर होना निश्चित है। भाजपा सरकार में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। प्रदेश की कानून व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है।
हेल्प लाइन पर दर्ज 40 हजार शिकायतों में से 3800 शिकायत दुष्कर्म की है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री और सांसदों को झूठ बोलना सिखाते हैं, इसलिए भाजपाई झूठ बोलने में इतने माहिर हैं।
पूर्व सिंचाई मंत्री मेराजुद्दीन ने कहा सभी लोगों के साथ है। पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष किया जाएगा। सपा नेता अतुल प्रधान ने कहा देश के प्रमुख को हिटलर का दर्जा दिया है।
उन्होंने कहा सरकार अलगाव की राजनीति करना चाहती है। उन्होंने जब से सुमित को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ना शुरू किया है, जब से अब तक उनके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, लेकिन वे डरने वाले नहीं है।
उन्होंने कहा सरकार बदलने पर चक्रवर्ती ब्याज के साथ हिसाब चुकता किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा बाबा का काम तो मंदिर में होता है न कि दूसरी जगह। उन्होंने सरधना विधायक संगीत सोम पर भी निशाना साधा। प्रदेश सरकार सुमित के केस को दबाना चाहती है।
महापंचायत में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि इस केस की सीबीआई जांच की मांग को लेकर 16 जनवरी को मेरठ कमिश्नरी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए अंत तक संघर्ष करने का ऐलान किया।
वाट्सएप देखकर युवाओं ने कर दिया था दंगा
यूपी के कई जनपदों के बटवारों की वाट्सएप पर चल रहे कमेंट पर जयंत ने कहा कि इसको ज्यादा गंभीरता से ले लिया जाए। वाट्सअप देखकर ही नौ जवानों ने दंगा कर दिया था।
सुमित के परिवार की आर्थिक मद्द की
महा पंचायत में पहुंचे नेताओं और सर्व समाज के कुछ लोगों ने सुमित के परिवार की आर्थिक मद्द की। रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने 21 हजार, भोपाल पांचली, कृष्णपाल बूढेड़ा, रामपाल धामा, गजेंद्र बली, रमन चौधरी, सुखपाल, सुभाष प्रमुख, बिल्लू प्रधान, कर्मवीर, जयचंद, मेरठ के ब्लाक प्रमुख पप्पू ने 11-11 हजार रुपये दिए। इसके अलावा सुरेंद्र बाघू, भोपाल, करतार, पप्पू, उमेश ने 5100-5100 रुपये और तेजपाल बली ने पांच हजार रुपये नगद दिए।
सीबीआई जांच से बच रही सरकार
रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा प्रदेश सरकार सीबीआई जांच से बच रही है। वर्ष 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए थे कि प्रत्येक एनकाउंटर की न्यायिक जांच हो। इसकी जानकारी देने के लिए अभी तक प्रदेश सरकार का कोई भी नुमाईंदा यहां पर नहीं है। पिछले काफी समय से गायब है। उनके द्वारा कोई भी जानकारी नहीं दी जा रही है। जब तक केस का निर्णय नहीं होता जब तक एनकाउंटर में शामिल रहे पुलिस वाले का अवार्ड प्रमोशन नहीं होता।