फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Animal Husbandry's uproar against Animal Husbandry Department

पशु पालन विभाग के खिलाफ पशु पालकों का हंगामा

Mon, 25 Oct 2021 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 25 Oct 2021 11:48 PM IST
विज्ञापन
Animal Husbandry's uproar against Animal Husbandry Department
वीरेन्द्र सिंह। - फोटो : BARAUT
बड़ौत। क्षेत्र के गांव बावली में रहस्यमी बीमारी के चलते पशुओं के मरने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को भी दस से अधिक पशुओं की मौत हो गई। जबकि चार दर्जन से अधिक पशु बीमार हैं, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही पशु पालन विभाग। इससे आक्रोशित पशु पालकों ने सोमवार को पशु पालन विभाग के खिलाफ हंगामा-प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि जल्द इस बीमार की रोकथाम नहीं हुई तो दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को हाईवे कर उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि गत एक सप्ताह से गांव में रहस्यमी बीमारी के चलते अब तक 50 पशुओं की मौत हो गई थी। जबकि सोमवार को गांव के सन्नी पुत्र देवेंद्र, वीरेंद्र पुत्र छोटा, ब्रहम पुत्र उमराव, संजीव पुत्र राज सिंह सहित अन्य कई पशु पालकों के तकरीबन 10 पशुओं की ओर मौत हो गई। यानी अब तक गांव में 60 पशुओं की मौत बीमारी से हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक पशु बीमार हैं। उधर लगातार पशुओं की मौत से जहां पशु पालकों में दहशत व्याप्त है और उनमें पशु पालन विभाग के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है, वहीं अभी तक पशु पालन विभाग सो रहा है। पशु पालकों का आरोप है कि अभी तक टीम गांव में आई तक नहीं। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्रा ने बताया गांव में पशु चिकित्सकों की टीम भेजी गई है। जिन पशुओं की मौत हुई है, उनमें बंद व बुखार की शिकायत पाई गई है।
विज्ञापन

ये बोले पशुपालक
बड़ौत। ब्रहम पुत्र रामचंद्र व जगवीर पुत्र रामस्वरूप का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से सभी पशु बीमार पड़े हैं। अब तक उनके इलाज में 20 से 25 हजार रुपये खर्च हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बड़ौत। राजबीर पुत्र देवी सिंह की डेढ़ लाख की भैंस की मौत रविवार को ही हुई है। राजबीर बहुत दुखी है। राजबीर का कहना है कि भैंस जब बीमार थी, तो उस पर तकरीबन 12 हजार रुपये खर्च हो गए थे, इसके बाद भी भैंस नहीं बची। किसी तरह दूध बेचकर परिवार का गुजारा चला रहे थे।

सन्नी।

सन्नी।- फोटो : BARAUT

बड़ौत के बावली गांव में पशुपालन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण।

बड़ौत के बावली गांव में पशुपालन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण।- फोटो : BARAUT

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed