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किसानों के नाम पर फर्जीवाड़ा, बिना जमीन के 486 लोगों ने बनवाए बांड

Mon, 12 Oct 2020 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2020 11:45 PM IST
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Animal death, commotion after vaccination
बागपत। गन्ने का नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले बांड बनवाने में फर्जीवाड़े का खेल सामने आया है। गन्ना विभाग के सर्वे में अलग-अलग समितियों से 486 गन्ना बांड धारक ऐसे मिले हैं, जिनके पास एक इंच जमीन नहीं है। बांड निरस्त कर दिए हैं, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। समिति के सदस्य किसानों की जांच चल रही है।
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जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने बताया कि नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले गन्ना सर्वे का कार्य कराया गया। किसानों के बांड सत्यापन में फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिले में 486 बांड ऐसे लोगों के नाम मिले हैं, जिनके पास जमीन नहीं है। जाहिर है कि भूमिहीन लोगों ने किसानों के नाम पर यह बांड बनवाए थे। इधर-उधर से सस्ता गन्ना लेकर किसानों के नाम पर चीनी मिलों को सप्लाई करने की तैयारी थी, लेकिन पेराई सत्र शुरू होने से पहले यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। इसके अलावा 27 बांड फर्जी मिले हैं, इनकी विस्तृत जांच चल रही है।
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इनसेट
दो चीनी मिलों में चल रहा था बांड
बागपत। जिले में गन्ना सर्वे के दौरान 609 मामले ऐसे मिले हैं, इनमें किसानों ने डबल बांड बनवा रखे थे। दो अलग-अलग चीनी मिलों के बांड मिलने पर एक बांड निरस्त किया है।
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इनसेट
मृतकों के नाम चल रहे थे बांड
बागपत। जिले में मृतकों के नाम भी 3225 गन्ना बांड चल रहे थे। जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने बताया कि इन बांड को निरस्त कर दिया गया है। संबंधित परिवारों के अन्य इच्छुक लोगों के बांड बनवा दिए हैं।
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