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Baghpat News: खेकड़ा में 55 फीट के रावण परिवार के पुतले बना रहे अनीस
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फोटो नंबर 13केएआर 1
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। दशहरे पर दहन करने के लिए खेकड़ा में 55 फीट के रावण परिवार के पुतले तैयार कराए जा रहे हैं। मुस्लिम कारीगर उनको तैयार करने में जुटे हैं। कारीगर का परिवार लंबे समय से रावण के पुतलों को बनाता आ रहा है। पुतले लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हैं।
नालापार बस्ती निवासी अनीस रावण परिवार के पुतलों को तैयार कर रहे हैं। कस्बे के अलावा आसपास के गांवों और शहरों में दशहरे पर दहन होने वाले रावण के पुतलों को भी अनीस ही तैयार करते हैं। कारीगर अनीस के बेटे इमरान और इरफान का कहना है कि उनके पूर्वज भी रावण व उसके परिवार के पुतले काफी समय से बनाते आ रहे हैं। पुतले बनाने का कार्य वह जन्माष्टमी त्योहार के बाद शुरू कर देते हैं। पुतलों के निर्माण के लिए अन्य कारीगर नहीं मिलते हैं, इसलिए वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ पुतले बनाने का कार्य करते हैं। उन्हे पुतले तैयार करने के लिए खेकड़ा के अलावा मंडौला, लोनी, गाजियाबाद, दिल्ली, नोएडा आदि शहरों के साथ ही गांवोंं से भी आर्डर मिलते हैं। अब पुतले तैयार करने का कार्य अंतिम चरण में है। रावण व उसके परिवार के तैयार किए जा रहे पुतले लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। दशहरे पर दहन करने के लिए खेकड़ा में 55 फीट के रावण परिवार के पुतले तैयार कराए जा रहे हैं। मुस्लिम कारीगर उनको तैयार करने में जुटे हैं। कारीगर का परिवार लंबे समय से रावण के पुतलों को बनाता आ रहा है। पुतले लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हैं।
नालापार बस्ती निवासी अनीस रावण परिवार के पुतलों को तैयार कर रहे हैं। कस्बे के अलावा आसपास के गांवों और शहरों में दशहरे पर दहन होने वाले रावण के पुतलों को भी अनीस ही तैयार करते हैं। कारीगर अनीस के बेटे इमरान और इरफान का कहना है कि उनके पूर्वज भी रावण व उसके परिवार के पुतले काफी समय से बनाते आ रहे हैं। पुतले बनाने का कार्य वह जन्माष्टमी त्योहार के बाद शुरू कर देते हैं। पुतलों के निर्माण के लिए अन्य कारीगर नहीं मिलते हैं, इसलिए वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ पुतले बनाने का कार्य करते हैं। उन्हे पुतले तैयार करने के लिए खेकड़ा के अलावा मंडौला, लोनी, गाजियाबाद, दिल्ली, नोएडा आदि शहरों के साथ ही गांवोंं से भी आर्डर मिलते हैं। अब पुतले तैयार करने का कार्य अंतिम चरण में है। रावण व उसके परिवार के तैयार किए जा रहे पुतले लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हैं।
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