सामने आया बड़ा गड़बड़झाला: दस हजार अपात्रों को बांट दिया चार हजार क्विंटल राशन, शासन ने गठित की एसआईटी
अपात्र कार्डधारकों के नाम पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन में अपडेट नहीं होने से बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। एसआईटी ने बागपत जनपद से इस मामले की जांच शुरू की है।
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उत्तर प्रदेश के बागपत सहित 26 जनपदों में दस हजार अपात्र कार्डधारकों को 80 लाख रुपये का करीब चार हजार क्विंटल राशन बांटे जाने का मामला पकड़ में आया है। वर्ष 2019 में काटे गए अपात्र कार्डधारकों के नाम पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन में अपडेट नहीं होने से यह गड़बड़झाला हुआ है। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित की है। एसआईटी ने बागपत जनपद से इस मामले की जांच शुरू की है। शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, मेरठ सहित अन्य 25 जनपदों में बारी-बारी जांच करेगी। इसके बाद कार्रवाई के लिए शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
मामला वर्ष 2019 के सितंबर और अक्तूबर माह का है। आपूर्ति विभाग ने जांच में अपात्र पाए जाने पर जनपद बागपत से 108 राशन कार्ड काटे थे। अन्य 25 जनपदों में भी इसी तरह जांच कर तकरीबन दस हजार अपात्र लोगों के राशन कार्ड काटे गए। काटे गए राशन कार्ड की रिपोर्ट सरकारी वेबसाइट एनआईसी (नेशनल इनफोरमेटिक्ससेंटर) पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। साथी पीओएस मशीन में अपडेट के लिए निर्माता कंपनी आर्मी इन्फोटेक के अधिकारियों को दी थी, ताकि अपात्र लोगों को राशन वितरण न हो सके। मगर, अपडेट नहीं होने के कारण 26 जनपदों में 80 लाख रुपये का तकरीबन चार हजार क्विंटल राशन अपात्र लोगों को बांट दिया गया। मामला शासन की पकड़ में आया तो गंभीरता से लेते हुए एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने बागपत जनपद से इस मामले की जांच शुरू की है। लखनऊ से पहुंची टीम अधिकारियों ने तीन दिन यहां रहकर रिकॉर्ड खंगाले। अन्य 25 जनपदों में बारी-बारी जांच होगी।
इन जनपदों में हुआ वितरण
बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, हाथरस, रामपुर, संभल, अलीगढ़, कासगंज, सहारनपुर, गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, मेरठ, बदायूं, पीलीभीत, मैनपुरी, आगरा, गौतमबुद्धनगर, अमरोहा, बिजनौर, एटा, मथुरा, बुलंदशहर, बरेली, शाहजहांपुर शामिल है।
निर्धारित समय में मशीन को क्यों नहीं किया गया अपडेट
आपूर्ति विभाग के अफसरों के अनुसार हर माह की एक से चार तारीख तक पीओएस मशीनों को अपडेट करने का समय निर्धारित है। इसके बाद पांच तारीख से राशन वितरण शुरू होता है, जो 15 तक चलता था। इसके बाद 20 तारीख से राशन शुरू होता है, जो 30 तारीख तक चलता है। हैरानी की बात यह है कि वर्ष 2019 के सितंबर और अक्तूबर माह में मशीनों को अपडेट नहीं किया गया। कंपनी के अधिकारी सर्वर डाउन होने की बात कर रहे है। मगर, एक या दो या फिर तीन से चार दिनों तक सर्वर डाउन रह सकता है, लेकिन एक साथ दो माह तक सर्वर डाउन रहे, यह बात हजम नहीं होती।
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ऐसे पकड़ में आया मामला
वर्ष 2019 में तहसील में तैनात आपूर्ति निरीक्षक राहुल पटेल ने बताया कि पात्र लोगों ने राशन न मिलने की शिकायत सीएम पोर्टल पर की गई थी। इसके बाद शासन ने जांच कराई तो अपात्र लोगों का डाटा अपलोड मिला। तभी तत्काल प्रभाव से काटे गए कार्डों को मशीनों से हटाते हुए अपडेट कर दिया गया था। मगर, वर्ष 2020 में कोरोना काल के चलते गांव-गांव जांच करना संभव नहीं था। इसलिए अब टीम प्रत्येक जनपदों में जाकर जांच कर रही है।
एसआईटी गंभीरता से कर रही जांच
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि एसआईटी अपनी जांच गोपनीय रखती है। जिस जनपद में टीम जांच करने के लिए जाती है, वहां संबंधित विभाग के अफसरों से कुछ घंटे पहले ही संपर्क करती है, ताकि जांच किसी तरह भी प्रभावित ना हो। बाद में टीम संबंधित अधिकारियों से मिलती है और बिना बताए जांच स्थल पर पहुंच जाती है।
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पूर्व में हुई जांच के बागपत से 108 अपात्र लोगों के राशन कार्ड काटे गए थे। पीओएस मशीन की कंपनी आर्मी इन्फोटेक कंपनी को इसकी लिस्ट देकर अपडेट करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद मशीनें अपडेट नहीं की गई और राशन वितरण कर दिया गया। शासन स्तर से इसकी जांच करने के लिए लखनऊ से एसआईटी बागपत आई थी, जो हाल ही मेें जांच कर लौटी है। - कृष्ण बल्लभ सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी।
कई बार सर्वर डाउन होने की वजह से मशीन का डाटा अपडेट नहीं हो पाता। सर्वर की वजह के कारण आपूर्ति विभाग द्वारा काटे गए राशन कार्ड अपडेट नहीं हुए होंगे। - आसिफ खान, सिस्टम इंटीग्रेटर आफिसर, आर्मी इन्फोटेक कंपनी