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सपा और बसपा विधायक में नोकझोंक
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 08 Nov 2015 12:37 AM IST
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बागपत में दोबारा मतगणना कराने के लिए वार्ड 17 के हारे प्रत्याशी फखरुद्दीन और वार्ड 13 के हारे प्रत्याशी पति निर्देश के चल रहे धरने में शनिवार को जमकर ड्रामा हुआ। सिवालखास के विधायक गुलाम मोहम्मद और बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित में जमकर नोकझोंक हुई। दोनों माननीयों में हुई इस नोकझोंक को लोगों ने ही बीच-बचाव कर शांत कराया।
शनिवार को धरने में बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित, सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्म्द, सपा जिलाध्यक्ष डाक्टर एसपी यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर पहुंचे तो मामला गरमा गया। गुलाम मोहम्मद ने कहा कि फखरुद्दीन के बारे में सुबह ही उन्होंने डीआईजी, डीएम और पर्यवेक्षक से बात की थी।
प्रदीप ठाकुर ने कहा कि जो हुआ वह गलत था। जिलाध्यक्ष डॉक्टर एसपी यादव ने कहा कि फखरुद्दीन के साथ गलत हुआ। इस पर बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित ने कहा कि अब सपा के विधायक, सपा जिलाध्यक्ष भी मान रहे हैं कि मना करने के बावजूद प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया है। यह साफ है कि शासन के दबाव में यह किया गया है।
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यह सुनकर गुलाम मोहम्मद और सपा जिलाध्यक्ष डॉक्टर एसपी यादव बैकफुट पर आ गए और तुरंत ही खड़े होकर इसका विरोध किया। कहा कि उन्होंने यह नहीं कहा कि प्रमाण-पत्र न दिए जाने के लिए नहीं कहा। उन्होंने तो फखरुद्दीन जो शिकायत लेकर आए हैं, उसे सही तरह से सुना जाए और निराकरण किया जाए। यह सुनते ही भीड़ गुस्से में आ गई। बसपा विधायक लोकेश दीक्षित की जमकर नोकझोंक हुई।
लोगों का गुस्सा देख गुलाम मोहम्मद और सपा पदाधिकारी अपने साथ फखरुद्दीन को लेकर एक ओर गए और कहा कि फखरुद्दीन सपा का सिपाही है, पूर्व महासचिव भी रह चुका है। इसके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी बात हुई है।
उनका इस मामले में कोई रोल नहीं है। वह फखरुद्दीन को न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे। इस बात पर फखरुद्दीन के साथी नसीम प्रमुख नाराज हो गए और फखरुद्दीन को डांटते हुए उनके साथ से अलग ले गए। लोगों में सपा विधायक गुलाम मोहम्मद के खिलाफ काफी नाराजगी रही।
गुलाम मोहम्मद के सामने हुई नारेबाजी
लोगों ने गुलाम मोहम्मद पर दोहरी बात करने पर नाराजगी जताई और उनके सामने ही मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। लोगों का आक्रोश बढ़ता देख विधायक गुलाम मोहम्मद अपने साथियों के साथ तेजी से चले गए।
दोबारा चुनाव करा लो, दूध का दूध हो जाएगा
पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर और निर्देश में भी जमकर नोकझोंक हुई। प्रदीप ठाकुर ने तो वार्ड 13 में फिर से मतगणना कराए जाने के बारे में बताया कि चौधरी साहब सिंह फिर से मतगणना कराने के लिए तैया हैं और चुनाव भी कराने के लिए। जिस पर निर्देश भड़क उठे और कहा कि बेईमानी ही क्यों कराई। करा लें फिर से चुनाव, हो जाएगा दूध का दूध और पानी का पानी।
प्रशासन ने कराया धरना समाप्त
अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार मालपाणी, पुलिस अधीक्षक आरएस छवि, एएसपी विद्या सागर मिश्र, एसडीएम राकेश कुमार ने लोगों को समझा बुझा कर धरना समाप्त करने के लिए मना लिया। लोग इस शर्त पर माने कि उन्हें नौ नवंबर को महापंचायत करने की अनुमति दी जाए। एडीएम ने उन्हें प्रार्थना पत्र देने के लिए कहा और शासन से अनुमति प्राप्त करने के प्रयास का आश्वासन दिया।
नहीं हो सकेगी महापंचायत
जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय ने कहा कि धरना समाप्त करा दिया गया है। आचार संहिता लागू हो चुकी है। जिले में धारा 144 लागू है। ऐसे में किसी भी पंचायत अथवा महापंचायत की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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शनिवार को धरने में बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित, सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्म्द, सपा जिलाध्यक्ष डाक्टर एसपी यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर पहुंचे तो मामला गरमा गया। गुलाम मोहम्मद ने कहा कि फखरुद्दीन के बारे में सुबह ही उन्होंने डीआईजी, डीएम और पर्यवेक्षक से बात की थी।
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प्रदीप ठाकुर ने कहा कि जो हुआ वह गलत था। जिलाध्यक्ष डॉक्टर एसपी यादव ने कहा कि फखरुद्दीन के साथ गलत हुआ। इस पर बड़ौत विधायक लोकेश दीक्षित ने कहा कि अब सपा के विधायक, सपा जिलाध्यक्ष भी मान रहे हैं कि मना करने के बावजूद प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया है। यह साफ है कि शासन के दबाव में यह किया गया है।
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यह सुनकर गुलाम मोहम्मद और सपा जिलाध्यक्ष डॉक्टर एसपी यादव बैकफुट पर आ गए और तुरंत ही खड़े होकर इसका विरोध किया। कहा कि उन्होंने यह नहीं कहा कि प्रमाण-पत्र न दिए जाने के लिए नहीं कहा। उन्होंने तो फखरुद्दीन जो शिकायत लेकर आए हैं, उसे सही तरह से सुना जाए और निराकरण किया जाए। यह सुनते ही भीड़ गुस्से में आ गई। बसपा विधायक लोकेश दीक्षित की जमकर नोकझोंक हुई।
लोगों का गुस्सा देख गुलाम मोहम्मद और सपा पदाधिकारी अपने साथ फखरुद्दीन को लेकर एक ओर गए और कहा कि फखरुद्दीन सपा का सिपाही है, पूर्व महासचिव भी रह चुका है। इसके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी बात हुई है।
उनका इस मामले में कोई रोल नहीं है। वह फखरुद्दीन को न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे। इस बात पर फखरुद्दीन के साथी नसीम प्रमुख नाराज हो गए और फखरुद्दीन को डांटते हुए उनके साथ से अलग ले गए। लोगों में सपा विधायक गुलाम मोहम्मद के खिलाफ काफी नाराजगी रही।
गुलाम मोहम्मद के सामने हुई नारेबाजी
लोगों ने गुलाम मोहम्मद पर दोहरी बात करने पर नाराजगी जताई और उनके सामने ही मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। लोगों का आक्रोश बढ़ता देख विधायक गुलाम मोहम्मद अपने साथियों के साथ तेजी से चले गए।
दोबारा चुनाव करा लो, दूध का दूध हो जाएगा
पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर और निर्देश में भी जमकर नोकझोंक हुई। प्रदीप ठाकुर ने तो वार्ड 13 में फिर से मतगणना कराए जाने के बारे में बताया कि चौधरी साहब सिंह फिर से मतगणना कराने के लिए तैया हैं और चुनाव भी कराने के लिए। जिस पर निर्देश भड़क उठे और कहा कि बेईमानी ही क्यों कराई। करा लें फिर से चुनाव, हो जाएगा दूध का दूध और पानी का पानी।
प्रशासन ने कराया धरना समाप्त
अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार मालपाणी, पुलिस अधीक्षक आरएस छवि, एएसपी विद्या सागर मिश्र, एसडीएम राकेश कुमार ने लोगों को समझा बुझा कर धरना समाप्त करने के लिए मना लिया। लोग इस शर्त पर माने कि उन्हें नौ नवंबर को महापंचायत करने की अनुमति दी जाए। एडीएम ने उन्हें प्रार्थना पत्र देने के लिए कहा और शासन से अनुमति प्राप्त करने के प्रयास का आश्वासन दिया।
नहीं हो सकेगी महापंचायत
जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय ने कहा कि धरना समाप्त करा दिया गया है। आचार संहिता लागू हो चुकी है। जिले में धारा 144 लागू है। ऐसे में किसी भी पंचायत अथवा महापंचायत की अनुमति नहीं दी जा सकती।