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सभी आपत्तियां दरकिनार, आरक्षण की अंतिम सूची का हुआ प्रकाशन
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बागपत विकास भवन में अंतिम सूची लगाते कर्मचारी
- फोटो : BAGHPAT
184 आपत्तियां आई थी, लेकिन एक भी तर्कसंगत नहीं पाई गई
अब 19 अप्रैल को होने वाले मतदान की तैयारियों में जुटा प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण पर आईं सभी 184 आपत्तियां दरकिनार कर प्रशासन ने शुक्रवार सुबह अंतिम सूची का प्रकाशन कर दिया। इससे उन लोगों की उम्मीद को झटका लगा है जो आपत्ति दर्ज कराकर आरक्षण में बदलाव चाहते थे। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई पर भी दावेदारों की नजर रही। लेकिन वहां से भी उन्हें मायूसी ही हाथ लगी। आरक्षण सूची जारी करते ही प्रशासन चुनाव की तैयारियों में जुट गया। जिले में दूसरे चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा।
पंचायत चुनाव के लिए प्रशासन ने पहले तीन मार्च को आरक्षण सूची जारी की थी। इस पर आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद आठ मार्च को अंतिम सूची जारी की जानी थी। उसी दिन हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। 12 मार्च को मामले की अगली सुनवाई में कोर्ट ने 1995 की बजाय वर्ष 2015 को आधार वर्ष मानते हुए आरक्षण जारी करने का आदेश दिया था। इसके चलते 20 मार्च को नए सिरे से आरक्षण की अनंतिम सूची जारी की गई थी। इस पर 23 मार्च तक आपत्ति दर्ज की गई। कुल 184 आपत्ति विभिन्न लोगों ने दर्ज कराईं थी। आपत्तियों के निस्तारण के लिए 24 व 25 मार्च का दिन निर्धारित किया गया था। मगर, प्रशासन ने सभी आपत्तियों को दरकिनार करते हुए शुक्रवार को अंतिम सूची का प्रकाशन कर दिया। बिना किसी बदलाव के आरक्षण सूची जारी होने से आपत्ति दर्ज कराने वाले मायूस हो गए। ये लोग शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पंचायत चुनाव के आरक्षण को लेकर हुई सुनवाई पर भी नजर टिकाए हुए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में दखल देने से इन्कार कर दिया। इसके चलते ऐसे लोगों की आरक्षण में फेरबदल की की उम्मीदों को झटका लगा।
इस तरह आई आपत्तियां
- सर्वाधिक आपत्ति 135 प्रधान पद पर आईं थीं।
- क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर 32 आपत्ति आई।
- ब्लॉक प्रमुख पद पर छह आपत्तियां लगाई गई थी।
- जिला पंचायत सदस्य वार्ड पर 11 आपत्ति दर्ज की गई।
पंचायत चुनाव के लिए दोबारा आरक्षण सूची हाईकोर्ट के आदेश के बाद 2015 को आधार वर्ष मानकर जारी की गई थी। जिस पर आई कोई भी आपत्ति तर्कसंगत नहीं मिली। ऐसे में सभी आपत्तियों को खारिज कर आरक्षण की अंतिम सूची जारी कर दी गई। - राजकमल यादव, डीएम बागपत।
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अब 19 अप्रैल को होने वाले मतदान की तैयारियों में जुटा प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण पर आईं सभी 184 आपत्तियां दरकिनार कर प्रशासन ने शुक्रवार सुबह अंतिम सूची का प्रकाशन कर दिया। इससे उन लोगों की उम्मीद को झटका लगा है जो आपत्ति दर्ज कराकर आरक्षण में बदलाव चाहते थे। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई पर भी दावेदारों की नजर रही। लेकिन वहां से भी उन्हें मायूसी ही हाथ लगी। आरक्षण सूची जारी करते ही प्रशासन चुनाव की तैयारियों में जुट गया। जिले में दूसरे चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा।
पंचायत चुनाव के लिए प्रशासन ने पहले तीन मार्च को आरक्षण सूची जारी की थी। इस पर आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद आठ मार्च को अंतिम सूची जारी की जानी थी। उसी दिन हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। 12 मार्च को मामले की अगली सुनवाई में कोर्ट ने 1995 की बजाय वर्ष 2015 को आधार वर्ष मानते हुए आरक्षण जारी करने का आदेश दिया था। इसके चलते 20 मार्च को नए सिरे से आरक्षण की अनंतिम सूची जारी की गई थी। इस पर 23 मार्च तक आपत्ति दर्ज की गई। कुल 184 आपत्ति विभिन्न लोगों ने दर्ज कराईं थी। आपत्तियों के निस्तारण के लिए 24 व 25 मार्च का दिन निर्धारित किया गया था। मगर, प्रशासन ने सभी आपत्तियों को दरकिनार करते हुए शुक्रवार को अंतिम सूची का प्रकाशन कर दिया। बिना किसी बदलाव के आरक्षण सूची जारी होने से आपत्ति दर्ज कराने वाले मायूस हो गए। ये लोग शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पंचायत चुनाव के आरक्षण को लेकर हुई सुनवाई पर भी नजर टिकाए हुए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में दखल देने से इन्कार कर दिया। इसके चलते ऐसे लोगों की आरक्षण में फेरबदल की की उम्मीदों को झटका लगा।
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इस तरह आई आपत्तियां
- सर्वाधिक आपत्ति 135 प्रधान पद पर आईं थीं।
- क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर 32 आपत्ति आई।
- ब्लॉक प्रमुख पद पर छह आपत्तियां लगाई गई थी।
- जिला पंचायत सदस्य वार्ड पर 11 आपत्ति दर्ज की गई।
पंचायत चुनाव के लिए दोबारा आरक्षण सूची हाईकोर्ट के आदेश के बाद 2015 को आधार वर्ष मानकर जारी की गई थी। जिस पर आई कोई भी आपत्ति तर्कसंगत नहीं मिली। ऐसे में सभी आपत्तियों को खारिज कर आरक्षण की अंतिम सूची जारी कर दी गई। - राजकमल यादव, डीएम बागपत।
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