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जौहड़ी में आदिनाथ भगवान की पालकी यात्रा धूमधाम से निकाली
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बरनावा के श्री चंद्र प्रभु मंदिर में विधान में पूजा अर्चना करते जैन अनुयायी।
- फोटो : BARAUT
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। जौहड़ी गांव के आदिनाथ अतिशयकारी प्राचीन मंदिर के तत्वावधान में शनिवार को जैन अनुयायियों ने भगवान आदिनाथ की वार्षिक विशाल पालकी यात्रा बैंडबाजों के साथ धूमधाम से निकाली। पालकी यात्रा का शुभारंभ मंदिर परिसर से हुआ। जिसमें जैन समाज के लोग पीले वस्त्र धारण कर भगवान श्री को पालकी में लेकर बैंडबाजों की मधुर धुनों पर नृत्य कर चल रहे थे। भगवान आदिनाथ की पालकी यात्रा पूरे गांव की परिक्रमा कर अंगदपुर गांव स्थित जैन मंदिर में पहुंची। यहां पर जैन समाज के लोगों ने विधिविधान पूर्वक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री का अभिषेक किया। पालकी यात्रा में पालिका अध्यक्ष बड़ौत अमित राणा, जिला पंचायत सदस्य बबलू प्रधान उर्फ लक्ष्मण सिंह, सुभाष जैन, पंकज जैन, सतीश जैन समेत समस्त जैन समाज के लोगों का सहयोग रहा।
अहिंसा परमो धर्म: के प्रति श्रीफल समर्पित किए
उधर बरनावा के चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में कोरोना से रक्षा के लिए चल रहे अखंड शांतिनाथ विधान शनिवार को संपन्न हो गया। इस अवसर पर जैन अनुयायियों ने 120 श्री फल गांधी जी द्वारा प्रसारित अहिंसा परमो धर्म: के प्रति समर्पित किए। रविवार को भगवान चंदा प्रभु की वार्षिक यात्रा निकाली जाएगी। विधान के समापन दिवस पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने महात्मा गांधी के विचारों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षमाशील ताकतवर होने की निशानी है। किसी भी देश की महानता और नैतिक उन्नति का अंदाजा हम वहां जानवरों के साथ होने वाले व्यवहार से लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर उनके आदर्श प्रेम व देशभक्ति हमें ग्रहण करनी चाहिए। विधान में अक्षत मति माताजी, अनुज जैन, अनिल जैन, अक्षय जैन, अनंत जैन, नमन जैन, बादामी देवी जैन, सरिता जैन, रामकली दीदी, मधु, मंजू, कृष्णा, कुसुम, दिनेश जैन, सौरभ जैन, हंस जैन आदि उपस्थित रहे।
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बिनौली। जौहड़ी गांव के आदिनाथ अतिशयकारी प्राचीन मंदिर के तत्वावधान में शनिवार को जैन अनुयायियों ने भगवान आदिनाथ की वार्षिक विशाल पालकी यात्रा बैंडबाजों के साथ धूमधाम से निकाली। पालकी यात्रा का शुभारंभ मंदिर परिसर से हुआ। जिसमें जैन समाज के लोग पीले वस्त्र धारण कर भगवान श्री को पालकी में लेकर बैंडबाजों की मधुर धुनों पर नृत्य कर चल रहे थे। भगवान आदिनाथ की पालकी यात्रा पूरे गांव की परिक्रमा कर अंगदपुर गांव स्थित जैन मंदिर में पहुंची। यहां पर जैन समाज के लोगों ने विधिविधान पूर्वक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री का अभिषेक किया। पालकी यात्रा में पालिका अध्यक्ष बड़ौत अमित राणा, जिला पंचायत सदस्य बबलू प्रधान उर्फ लक्ष्मण सिंह, सुभाष जैन, पंकज जैन, सतीश जैन समेत समस्त जैन समाज के लोगों का सहयोग रहा।
अहिंसा परमो धर्म: के प्रति श्रीफल समर्पित किए
उधर बरनावा के चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में कोरोना से रक्षा के लिए चल रहे अखंड शांतिनाथ विधान शनिवार को संपन्न हो गया। इस अवसर पर जैन अनुयायियों ने 120 श्री फल गांधी जी द्वारा प्रसारित अहिंसा परमो धर्म: के प्रति समर्पित किए। रविवार को भगवान चंदा प्रभु की वार्षिक यात्रा निकाली जाएगी। विधान के समापन दिवस पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने महात्मा गांधी के विचारों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षमाशील ताकतवर होने की निशानी है। किसी भी देश की महानता और नैतिक उन्नति का अंदाजा हम वहां जानवरों के साथ होने वाले व्यवहार से लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर उनके आदर्श प्रेम व देशभक्ति हमें ग्रहण करनी चाहिए। विधान में अक्षत मति माताजी, अनुज जैन, अनिल जैन, अक्षय जैन, अनंत जैन, नमन जैन, बादामी देवी जैन, सरिता जैन, रामकली दीदी, मधु, मंजू, कृष्णा, कुसुम, दिनेश जैन, सौरभ जैन, हंस जैन आदि उपस्थित रहे।
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