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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर हादसे बढ़े, सुविधाओं का इंतजार

Sat, 08 Aug 2020 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2020 11:24 PM IST
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Accidents increased on Eastern Peripheral Expressway, waiting for facilities
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस - फोटो : BAGHPAT
गाजियाबाद, बुलंदशहर और सोनीपत, फरीदाबाद, गुड़गांव के ध्यानार्थ
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दो साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था उद्घाटन
तेज गति से दौड़ रहे वाहन हो रहे दुर्घटनाग्रस्त, हरियाली भी नहीं लौटी
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) पर जन सुविधाओं का लोगों को इंतजार है। सुविधा और सुरक्षा नहीं मिलने के कारण वाहन चालकों में भय का माहौल रहता है। प्रतिबंधित वाहन भी एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भर रहे हैं। बाइक, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के कारण हादसे हो चुके हैं। हादसों की संख्या बढ़ी है। इसकी वजह तेज गति है। अनियंत्रित होकर वाहन एक-दूसरे से टकराते हैं, इससे कई बड़े हादसे हो चुके हैं। दावा किया गया था कि एक्सप्रेस-वे पर ओवर स्पीड वाहन चलाने पर ऑटो चालान कटेगा। वाहन चालक जैसे ही एक्सप्रेस-वे से एग्जिट करेगा, तभी चालान का शुल्क अदा करना होगा, लेकिन इस सुविधा की शुरूआत अब तक नहीं हो सकी है। एक्सप्रेस-वे पर वीएमएस, सीसीटीवी, वीआईडीएस, वार्निंग डिवाइस, ओवर स्पीड चेकिंग सिस्टम, वेट इन मोशन के अलावा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क की सुविधा दी जानी थी, लेकिन अभी तक अधिकतर सुविधाएं शुरू नहीं हो सकी है।
दिल्ली पर कम हुआ वाहनों का बोझ
बागपत। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के दौड़ने से दिल्ली पर वाहनों का बोझ और प्रदूषण कम हुआ है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जाने के लिए अब लोगों को दिल्ली में प्रवेश की जरूरत नहीं है। वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के साथ मिलकर यह दिल्ली के चारों तरफ रिंग रोड बनाता है।
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बागपत से ऐसे गुजरता है ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस - वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। काठा, मवी कलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलमगिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव की सीमा से छूते हुए एक्सप्रेस-वे गुजरता है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर मवी कलां में इंटरचेंज बनाया है। बागपत, शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और गाजियाबाद के लोगों को लाभ हुआ।
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यह किए गए थे दावे
बागपत। एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के दौरान अफसरों ने दावा किया गया था कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वालों के लिए खास सुविधाओं का इंतजाम रहेगा। 135 किमी के टुकड़े में आठ जगह हाईवे नेस्ट होंगे, इनमें जलपान और खानपान की सुविधाएं मिलेगी। सोलर पावर और ड्रिप सिंचाई की वाला देश का पहला एक्सप्रेस-वे होगा। ओवरलोड वाहन एक्सप्रेस-वे नहीं चल सकेंगे, ऐसे वाहनों को एग्जिग गेट से बाहर कर दिया जाएगा। एक्सप्रेस-वे की बगल में पेट्रोल पंप, मोटल्स, रेस्ट एरिया, वॉश रूम, रेस्टोरेंट, दुकानें और रिपेयर सर्विस रहेगी।
इस तरह बढ़ा हादसों का ग्राफ
बागपत। परिवहन विभाग ने गंभीर हादसों का आंकड़ा तैयार किया है। इसमें जिले की सीमा में होने वाले हादसे शामिल किए गए हैं। जून 2018 से दिसंबर 2018 तक आठ दुर्घटनाएं हुई। साल 2019 में 44 घातक हादसे हुए। साल 2020 में अब तक 18 हादसे हो चुके हैं। वर्तमान साल में लॉकडाउन के कारण वाहनों की संख्या भी कम रही।

गति नियंत्रण के लिए जिले की सीमा में एंटीसेप्टर वाहन समय-समय पर भेजा जाता है। ओवरस्पीड हादसों की वजह है। वाहन चालकों को भी जागरूक किया जाता है। - सुभाष राजपूत, एआरटीओ।
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