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Baghpat News: यमुना में पलटी ट्रैक्टर-ट्रॉली, 8 किसानों व मजदूरों ने कूदकर बचाई जान
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बागपत। शहर में पक्का घाट के सामने यमुना में शनिवार सुबह ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार आठ किसानों और मजदूरों ने कूदकर जान बचाई, जिन्हें गोताखोरों ने किनारे तक पहुंचाया। इसके बाद दूसरा ट्रैक्टर मंगाकर यमुना नदी में पलटे ट्रैक्टर-ट्रॉली को खींचकर बाहर निकाला गया।
शालीग्राम मंदिर के पास रहने वाला किसान जुनैद शनिवार सुबह साथी किसान रिजवान, इमरान के साथ मजदूर शौकीन, बीरमती, सुनीता, विमला, लोकेश देवी को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लेकर हरियाणा की तरफ खेत में काम करने जा रहा था। जैसे ही पक्का घाट के पास से यमुना नदी पार करने लगे तो ट्रैक्टर का पहिया यमुना नदी में बने कुंड में फंस गया। इससे ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर यमुना नदी में पलट गए। किसान जुनैद, रिजवान, इमरान और मजदूर शौकीन, बीरमती, सुनीता, विमला, लोकेश देवी पानी में गिरने लगे तो उन्होंने शोर मचा दिया। यमुना किनारे बैठे गोताखोर मुस्ताक और आजाद समेत अन्य लोगों ने किसानों और मजदूरों को बचाया और उनको किनारे पर पहुंचाया। इसके बाद यमुना में फंसे ट्रैक्टर-ट्रॉली को दूसरे ट्रैक्टर को मंगवाकर रस्सा बांधकर बाहर खींचा गया।
-यमुना में पहले भी हो चुके हैं हादसे
यमुना नदी पार करते समय पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। इसमें वर्ष 2017 में काठा में यमुना नदी में किसानों और मजदूरों की नाव पलट गई थी। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा बागपत के पुराने कस्बे में एक युवती की डूबने से मौत हो गई थी। तीन महीने पहले भी बुग्गी पलटने से उसमें बैठकर जा रहे पांच किसान यमुना में गिर गए थे और उनको भी गोताखोरों ने बचाया था।
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वर्जन-
यमुना नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने का मामला संज्ञान में नहीं है। कर्मियों को भेजकर इसके बारे में पता कराया जाएगा। इस तरह यमुना नदी पार करना खतरनाक साबित हो सकता है। किसानों और मजदूरों को खुद भी सावधानी बरतनी चाहिए। -अमरचंद वर्मा, एसडीएम।
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शालीग्राम मंदिर के पास रहने वाला किसान जुनैद शनिवार सुबह साथी किसान रिजवान, इमरान के साथ मजदूर शौकीन, बीरमती, सुनीता, विमला, लोकेश देवी को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लेकर हरियाणा की तरफ खेत में काम करने जा रहा था। जैसे ही पक्का घाट के पास से यमुना नदी पार करने लगे तो ट्रैक्टर का पहिया यमुना नदी में बने कुंड में फंस गया। इससे ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर यमुना नदी में पलट गए। किसान जुनैद, रिजवान, इमरान और मजदूर शौकीन, बीरमती, सुनीता, विमला, लोकेश देवी पानी में गिरने लगे तो उन्होंने शोर मचा दिया। यमुना किनारे बैठे गोताखोर मुस्ताक और आजाद समेत अन्य लोगों ने किसानों और मजदूरों को बचाया और उनको किनारे पर पहुंचाया। इसके बाद यमुना में फंसे ट्रैक्टर-ट्रॉली को दूसरे ट्रैक्टर को मंगवाकर रस्सा बांधकर बाहर खींचा गया।
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-यमुना में पहले भी हो चुके हैं हादसे
यमुना नदी पार करते समय पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। इसमें वर्ष 2017 में काठा में यमुना नदी में किसानों और मजदूरों की नाव पलट गई थी। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा बागपत के पुराने कस्बे में एक युवती की डूबने से मौत हो गई थी। तीन महीने पहले भी बुग्गी पलटने से उसमें बैठकर जा रहे पांच किसान यमुना में गिर गए थे और उनको भी गोताखोरों ने बचाया था।
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यमुना नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने का मामला संज्ञान में नहीं है। कर्मियों को भेजकर इसके बारे में पता कराया जाएगा। इस तरह यमुना नदी पार करना खतरनाक साबित हो सकता है। किसानों और मजदूरों को खुद भी सावधानी बरतनी चाहिए। -अमरचंद वर्मा, एसडीएम।