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दर्जनों गांव में कई माह से बिन पर्यवेक्षक बंट रहा राशन
Baghpat
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:32 AM IST
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बड़ौत। क्षेत्र के दर्जनों गांवों में गत कई माह से पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की उपस्थिति में राशन और मिट्टी का तेल बांटने के व्यवस्था सिर्फ कागजों पर चल रही है। जिलाधिकारी के आदेश को बेखौफ पर्यवेक्षणीय अधिकारी ठेंगा दिखा रहे हैं। बिना निगरानी के बांटे जा रहे कोटेदारों की मनमानी चल रही है। कार्डधारकों ने गांव के राशन डीलरों पर दबंगई और डराने का आरोप लगाया है।
शासनादेश के तहत प्रत्येक कोटे की दुकान में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को पर्यवेक्षणीय अधिकारी के रूप में तैनात किया है। इनकी जिम्मेदारी है कि यह हर माह अपनी मौजूदगी मेें राशन बंटवाएं, लेकिन क्षेत्र के लुहारी, बावली, मलकपुर, ढिकाना, सूप, छपरौली, आदर्श नंगला, ककड़ीपुर, तेड़ा, बरनावा, रमाला आदि दर्जनों गांव में गत कई माह से बिन पर्यवेक्षक राशन बंट रहा है। कार्डधारकों ने राशन के नाम पर एक दान तक नहीं मिलता। कार्डधारकों का आरोप है कि कोटेदार राशन वितरण न कर कालाबाजारी कर रहे हैं, लेकिन विभाग अधिकारी कार्रवाई करने के बजाए उन पर मेहरबानी दिखा रहे हैं। जब वे इसका विरोध करते हैं तो राशन डीलर उन्हें दबंगई और नतीजा भुगत लेने की धमकी देकर डराते हैं। कई बार कार्डधारकों ने इसकी शिकायत जिला आपूर्ति अधिकारी और सप्लाई इंस्पेक्टर से की, लेकिन नतीजा शून्य निकला।
उधर कई पर्यवक्षकों ने बताया निश्चित तिथि में कोटेदार वितरण में सहयोग नहीं करते। मामला चाहे कुछ भी हो, लेकिन इसमें नुकसान को कार्डधारकों को उठाना पड़ रहा है। जिला आपूर्ति अधिकारी विजय प्रभा ने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए पल्ला झाड़ लिया। डीएम धनलक्ष्मी के. ने मामले की जांच कर कठोर कार्रवाई की बात कहीं।
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शासनादेश के तहत प्रत्येक कोटे की दुकान में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को पर्यवेक्षणीय अधिकारी के रूप में तैनात किया है। इनकी जिम्मेदारी है कि यह हर माह अपनी मौजूदगी मेें राशन बंटवाएं, लेकिन क्षेत्र के लुहारी, बावली, मलकपुर, ढिकाना, सूप, छपरौली, आदर्श नंगला, ककड़ीपुर, तेड़ा, बरनावा, रमाला आदि दर्जनों गांव में गत कई माह से बिन पर्यवेक्षक राशन बंट रहा है। कार्डधारकों ने राशन के नाम पर एक दान तक नहीं मिलता। कार्डधारकों का आरोप है कि कोटेदार राशन वितरण न कर कालाबाजारी कर रहे हैं, लेकिन विभाग अधिकारी कार्रवाई करने के बजाए उन पर मेहरबानी दिखा रहे हैं। जब वे इसका विरोध करते हैं तो राशन डीलर उन्हें दबंगई और नतीजा भुगत लेने की धमकी देकर डराते हैं। कई बार कार्डधारकों ने इसकी शिकायत जिला आपूर्ति अधिकारी और सप्लाई इंस्पेक्टर से की, लेकिन नतीजा शून्य निकला।
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उधर कई पर्यवक्षकों ने बताया निश्चित तिथि में कोटेदार वितरण में सहयोग नहीं करते। मामला चाहे कुछ भी हो, लेकिन इसमें नुकसान को कार्डधारकों को उठाना पड़ रहा है। जिला आपूर्ति अधिकारी विजय प्रभा ने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए पल्ला झाड़ लिया। डीएम धनलक्ष्मी के. ने मामले की जांच कर कठोर कार्रवाई की बात कहीं।
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