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हजारों मोबाइल में पहुंची धर्मपाल की धमकी
Baghpat
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:32 AM IST
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बागपत। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री पद से बरखास्त किए गए सपा नेता डॉक्टर कुलदीप उज्ज्वल के पिता धर्मपाल चौधरी पर लगे दरोगा अशोक कुमार को धमकाने के आरोप का मामला लगातार गरमा रहा है। पहले आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर दरोगा की हिमायत में आगे आए। अब पुलिस वालों समेत कई लोग सोशल मीडिया का सहारा लेकर मोबाइल फोन से की गई इस प्रकरण की वीडियो रिकार्डिंग वायरल कर रहे हैं। दो दिन में हजारों मोबाइल मेें चार मिनट 17 सेकेंड का वीडियो पहुंच चुका है। इसके प्रमुख अंश कुछ इस तरह से हैं....
सबसे पहले धर्मपाल चौधरी ने दरोगा अशोक कुमार पर पैसे मांगने का आरोप लगाया। इस पर दरोगा ने कहा, ऐसा कुछ नहीं है। यह सुनते ही धर्मपाल गुस्से में आ गए। उन्होंने अप शब्द कहे, जो पैसे मांगेगा, हम उसके मुंह.....। फिर दारोगा को धमकाया, अगर कोई बात हो इस गाम में आवे, तो मेरे पूच्छे बगैर न अइयो, बता रहा हूं मैं तुझे। दरोगा ने टोका, गलत कह रहे हो आप।
धर्मपाल बोले, कहे तो तेरे कप्तान ते कहूं। तू गाम में घुस न जइयो, बता दिया तुझे। दरोगा धीरे से बोला, आपने मेरी बात सुनी? धर्मपाल ने जवाब दिया, क्या सुनूं? होशियार बन रा, शर्म नी आती तुझे, गरीब आदमी पे आ चढ़े। दरोगा ने सवाल किया, आप बताओ, कितनी बार आया हूं? इसके बाद धर्मपाल ने उस दरोगा को अप शब्द कहे, जिसने गोकशी प्रयास का केस दर्ज किया।
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इसी बीच दरोगा अशोक कुमार चलने लगा, तो धर्मपाल ने रोका- रुक कहां जा रहा तू, कालू (आरोपी) कू ले जा, और किसी को ले जा। दरोगा ने विनम्रता से कहा, आप बताओ, हमने क्या कहा है? धर्मपाल ने सवाल किया, तू बिना इंस्पेक्टर से पूछे यहां कैसे आया, थाना तू चलाएगा या इंस्पेक्टर? दरोगा ने जवाब दिया, अपनी ड्यूटी तो मैं भी करूंगा।
धर्मपाल और जोर से बोले, ना बिना इंस्पेक्टर से पूछे रवानगी न करिओ। फिर धर्मपाल आसपास खड़े लोगों से गोकशी प्रयास के आरोपियों की हिमायत में बोले, बताओ यार, डूब मरो गाम के आदमियों, एक गरीब आदमी को परेशान किया जा रहा है।
इसके बाद दरोगा की ओर उंगली करते हुए और आंख दिखाते हुए कहा, तुझे पता है, हमने सीओ के कपड़े उतार के दो सिपाहियों से राइफल ले लीं थी। तू तस्करा डाल दियो, मेरा नाम धर्मपाल है। दरोगा कहता रहा, मेरी बात सुनो, लेकिन धर्मपाल सुनने को राजी नहीं हुए।
बोले, अरे क्या है तू, चौकीदार ही तो है, हम प्रदेश में मंत्री हैं। दरोगा बोला, मेरी जानकारी में नहीं है। जवाब मिला, तेरी जानकारी होती क्या है? बता रहा हूं, नौकरी नहीं कर पाएगा तू? आसपास खड़े लोग भी बोले, इसे नौकरी नहीं करनी।
दरोगा बोला, मुझे नहीं पता, आप क्या बात कर रहे हो? धर्मपाल फिर बोले, शर्म आनी चाहिए, गरीब का नाम लिखा रहे हो। आसपास खड़े लोग बोले, हम मुल्जिमों को कोर्ट में पेश नहीं करेंगे। इसके बाद शोर होने लगा। दरोगा दो सिपाहियों समेत वहां से जाने लगा। सपी जितेंद्र शाही ने कहा मवी कलां प्रकरण की वीडियो रिकार्डिंग उन्होंने देखी नहीं है, लेकिन इसकी जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही तय हो पाएगा कि कौन सा आरोप सही है और कौन सा गलत। डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा गांव कीवीडियो रिकार्डिंग को सही कैसे माना जा सकता है, जबकि इसमें वह दारोगा नजर नहीं आ रहा, जिसने उनके पिता पर धमकाने का आरोप लगाया है।
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सबसे पहले धर्मपाल चौधरी ने दरोगा अशोक कुमार पर पैसे मांगने का आरोप लगाया। इस पर दरोगा ने कहा, ऐसा कुछ नहीं है। यह सुनते ही धर्मपाल गुस्से में आ गए। उन्होंने अप शब्द कहे, जो पैसे मांगेगा, हम उसके मुंह.....। फिर दारोगा को धमकाया, अगर कोई बात हो इस गाम में आवे, तो मेरे पूच्छे बगैर न अइयो, बता रहा हूं मैं तुझे। दरोगा ने टोका, गलत कह रहे हो आप।
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धर्मपाल बोले, कहे तो तेरे कप्तान ते कहूं। तू गाम में घुस न जइयो, बता दिया तुझे। दरोगा धीरे से बोला, आपने मेरी बात सुनी? धर्मपाल ने जवाब दिया, क्या सुनूं? होशियार बन रा, शर्म नी आती तुझे, गरीब आदमी पे आ चढ़े। दरोगा ने सवाल किया, आप बताओ, कितनी बार आया हूं? इसके बाद धर्मपाल ने उस दरोगा को अप शब्द कहे, जिसने गोकशी प्रयास का केस दर्ज किया।
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इसी बीच दरोगा अशोक कुमार चलने लगा, तो धर्मपाल ने रोका- रुक कहां जा रहा तू, कालू (आरोपी) कू ले जा, और किसी को ले जा। दरोगा ने विनम्रता से कहा, आप बताओ, हमने क्या कहा है? धर्मपाल ने सवाल किया, तू बिना इंस्पेक्टर से पूछे यहां कैसे आया, थाना तू चलाएगा या इंस्पेक्टर? दरोगा ने जवाब दिया, अपनी ड्यूटी तो मैं भी करूंगा।
धर्मपाल और जोर से बोले, ना बिना इंस्पेक्टर से पूछे रवानगी न करिओ। फिर धर्मपाल आसपास खड़े लोगों से गोकशी प्रयास के आरोपियों की हिमायत में बोले, बताओ यार, डूब मरो गाम के आदमियों, एक गरीब आदमी को परेशान किया जा रहा है।
इसके बाद दरोगा की ओर उंगली करते हुए और आंख दिखाते हुए कहा, तुझे पता है, हमने सीओ के कपड़े उतार के दो सिपाहियों से राइफल ले लीं थी। तू तस्करा डाल दियो, मेरा नाम धर्मपाल है। दरोगा कहता रहा, मेरी बात सुनो, लेकिन धर्मपाल सुनने को राजी नहीं हुए।
बोले, अरे क्या है तू, चौकीदार ही तो है, हम प्रदेश में मंत्री हैं। दरोगा बोला, मेरी जानकारी में नहीं है। जवाब मिला, तेरी जानकारी होती क्या है? बता रहा हूं, नौकरी नहीं कर पाएगा तू? आसपास खड़े लोग भी बोले, इसे नौकरी नहीं करनी।
दरोगा बोला, मुझे नहीं पता, आप क्या बात कर रहे हो? धर्मपाल फिर बोले, शर्म आनी चाहिए, गरीब का नाम लिखा रहे हो। आसपास खड़े लोग बोले, हम मुल्जिमों को कोर्ट में पेश नहीं करेंगे। इसके बाद शोर होने लगा। दरोगा दो सिपाहियों समेत वहां से जाने लगा। सपी जितेंद्र शाही ने कहा मवी कलां प्रकरण की वीडियो रिकार्डिंग उन्होंने देखी नहीं है, लेकिन इसकी जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही तय हो पाएगा कि कौन सा आरोप सही है और कौन सा गलत। डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा गांव कीवीडियो रिकार्डिंग को सही कैसे माना जा सकता है, जबकि इसमें वह दारोगा नजर नहीं आ रहा, जिसने उनके पिता पर धमकाने का आरोप लगाया है।