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लाल बत्ती छिनने से कुलदीप की टेंशन बढ़ी
Baghpat
Updated Sun, 26 Oct 2014 05:32 AM IST
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बागपत। प्रदेश के 82 दर्जा प्राप्त राज्य मंत्रियों को बर्खास्त किए जाने का फैसला उस समय लिया गया है, जब रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेंटर के चेयरमैन रहे डॉ. कुलदीप उज्ज्वल के पिता धर्मपाल चौधरी पर लगा पुलिस को धमकाने का आरोप चर्चाओं में चल रहा है। लालबत्ती छीने जाने की यह तैयारी चल तो काफी पहले से ही रही थी, लेकिन इसकी टाइमिंग से कुलदीप उज्ज्वल की टेंशन और बढ़ सकती है। सीएम अखिलेश यादव ने जैसे ही यह कार्रवाई की, वैसे ही यह सवाल उठा कि क्या कुलदीप उज्ज्वल के पिता पर लगे आरोपों के कारण ही यह एक्शन लिया गया है।
सपा सरकार के मौजूदा कार्यकाल में बागपत जनपद के हिस्से में तीन लालबत्ती आई थी। चौधरी साहब सिंह धर्मार्थ कार्य विभाग के सलाहकार बनाए । इसके बाद डॉ. कुलदीप उज्ज्वल रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेंटर के चेयरमैन बने और विधान सभा चुनाव से ऐन पहले ओमवीर तोमर को राज्य योजना आयोग की सलाहकार समिति का सदस्य बनाया था।
चुनाव में सपा की हार के कारण कुलदीप उज्ज्वल और ओमवीर तोमर हटा दिए थे। बाद में कुलदीप का दर्जा बहाल कर दिया गया। पिछले दिनों सपा के अधिवेशन में ही यह बात सामने आई थी कि दर्जा प्राप्त राज्य मंत्रियों पर गाज गिर सकती है। अब हटाए 82 दर्जा प्राप्त मंत्रियों में कुलदीप उज्ज्वल और साहब सिंह भी शामिल हैं।
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उधर, चौधरी साहब सिंह ने सीएम के इस फैसले को साहसिक बताया है। उन्होंने कहा कुछ ऐसे लोगों को भी राज्यमंत्री का दर्जा मिल गया था, जो इसके हकदार नहीं थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की चेतावनी के बावजूद दर्जा प्राप्त कुछ लोग अपने आप को संगठन के ऊपर समझकर ऐसा गलत आचरण करने लगे थे। इससे पार्टी की हानि हो रही थी। उधर, डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा मुख्यमंत्री का यह साहसिक फैसला सिर माथे पर है। वे पार्टी के हित के लिए जी जान से कार्य करते रहेंगे।
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सपा सरकार के मौजूदा कार्यकाल में बागपत जनपद के हिस्से में तीन लालबत्ती आई थी। चौधरी साहब सिंह धर्मार्थ कार्य विभाग के सलाहकार बनाए । इसके बाद डॉ. कुलदीप उज्ज्वल रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेंटर के चेयरमैन बने और विधान सभा चुनाव से ऐन पहले ओमवीर तोमर को राज्य योजना आयोग की सलाहकार समिति का सदस्य बनाया था।
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चुनाव में सपा की हार के कारण कुलदीप उज्ज्वल और ओमवीर तोमर हटा दिए थे। बाद में कुलदीप का दर्जा बहाल कर दिया गया। पिछले दिनों सपा के अधिवेशन में ही यह बात सामने आई थी कि दर्जा प्राप्त राज्य मंत्रियों पर गाज गिर सकती है। अब हटाए 82 दर्जा प्राप्त मंत्रियों में कुलदीप उज्ज्वल और साहब सिंह भी शामिल हैं।
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उधर, चौधरी साहब सिंह ने सीएम के इस फैसले को साहसिक बताया है। उन्होंने कहा कुछ ऐसे लोगों को भी राज्यमंत्री का दर्जा मिल गया था, जो इसके हकदार नहीं थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की चेतावनी के बावजूद दर्जा प्राप्त कुछ लोग अपने आप को संगठन के ऊपर समझकर ऐसा गलत आचरण करने लगे थे। इससे पार्टी की हानि हो रही थी। उधर, डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा मुख्यमंत्री का यह साहसिक फैसला सिर माथे पर है। वे पार्टी के हित के लिए जी जान से कार्य करते रहेंगे।