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कुलदीप उज्ज्वल के पिता पर संगीन आरोप

Sat, 25 Oct 2014 05:31 AM IST
Baghpat
Baghpat Updated Sat, 25 Oct 2014 05:31 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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बालैनी (बागपत)। रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन के चेयरमैन डॉ. कुलदीप उज्ज्वल के पिता धर्मपाल चौधरी पर आरोप लगा है, उन्होंने अपने गांव मवी कलां में गोकशी के प्रयास के चारों आरोपियों के घर दबिश देने पहुंची पुलिस को धमकाया। यह भी आरोप है उनकी धमकी के कारण ही पुलिस हिरासत में लिए चारों आरोपियों को छोड़कर चली गई। पुलिस टीम में शामिल रहे दरोगा ने पूरे घटनाक्रम का जीडी में तस्करा लिख दिया है। हालांकि कुलदीप उज्ज्वल ने इन आरोपों को गलत बताया है। उधर, एसपी जितेंद्र शाही ने इस मामले की जांच एएसपी विद्या सागर मिश्र को सौंप दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गोकशी की सूचना पर करीब 15 दिन पुलिस ने गांव मवी कलां में दबिश दी थी तो चारों आरोपी घर से भाग गए थे, मौके से बंधी हुई गाय बरामद की थी। वहां छुरे भी पड़े थे। पुलिस ने गांव के कालू, उसके बेटे शकील, भतीजे पीनू और नाजिम के खिलाफ गोकशी के प्रयास का केस दर्ज किया था। इसी मामले में बुधवार की रात में दरोगा अशोक कुमार पुलिस टीम के साथ मवी कलां में चारों आरोपियों के घर पहुंचे।
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पुलिस सूत्रों ने बताया टीम ने चारों आरोपियों को पकड़ लिया और जैसे ही टीम चारों को लेकर चलने लगी, तभी रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन के चेयरमैन डॉ. कुलदीप उज्ज्वल के पिता धर्मपाल चौधरी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से सख्त लहजे में कहा, जब दो दिन पहले ही एसपी से मिल कर बता दिया कि मुकदमे में बेकुसूरों के नाम लिखे गए हैं, तो दबिश क्यों दी। इस दौरान धर्मपाल चौधरी और दारोगा अशोक कुमार की बहस भी हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार धर्मपाल चौधरी की धमकी के कारण पुलिस आरोपियों को छोड़कर चली गई।
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इंस्पेक्टर बालैनी थाना वीरेंद्र सिंह ने बताया धर्मपाल चौधरी ने दारोगा से कहा पुलिस पहले उनके गांव में आती थी, तो पहले उनसे मिलती थी, अब तो कोई लिहाज ही नहीं रहा। हालांकि इंस्पेक्टर इस आरोप को सही नहीं बता रहे हैं। उनका कहना है पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने नहीं गई थी। उनके खिलाफ गोकशी के प्रयास का जो केस दर्ज है, उसमें दोष सिद्ध होने पर सात साल से कम की सजा का प्रावधान होने के कारण पुलिस को सीधे गिरफ्तारी का अधिकार नहीं है। पुलिस उनसे नोटिस देकर यह कहने गई थी कोर्ट में पेश होकर जमानत करा लें।
तस्करे की जानकारी नहीं
पुलिस सूत्रों ने बताया दरोगा अशोक कुमार ने गांव मवी कला में बुधवार की रात में पूरे घटनाक्रम का तस्करा जीडी मेें दर्ज कर दिया है। हालांकि इंस्पेक्टर ने कहाउन्होंने जीडी नहीं देखी है, इसलिए तस्करे के बारे में कुछ नहीं बता सकते हैं।
जांच कराई जाएगी - एसपी
एसपी जितेंद्र शाही ने कहा मामला उनके संज्ञान में आया है। इसकी जांच एएसपी विद्या सागर मिश्र को सौंपी गई है। इसकी रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

मेरे पिता की गलती नहीं - उज्ज्वल
रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन के चेयरमैन डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा पुलिस ने एकदम निर्दोष लोगों को फंसाया है। उनके पिता ने दरोगा से सिर्फ इतना कहा बगैर जांच के किसी को कैसे गिरफ्तार किया जा सकता है। इतनी सी बात का बतंगड़ बनाया गया है। उन्होंने कहा यदि राजनीतिक व्यक्ति निर्दोष लोगों को पुलिस उत्पीड़न से नहीं बचाएगा तो क्या पुलिस बेलगाम नहीं हो जाएगी।
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