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रेत खनन से यमुना में स्नान खतरनाक
Baghpat
Updated Sun, 26 Oct 2014 05:32 AM IST
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बागपत। यमुना में हुए अंधाधुंध खनन ने नदी में स्नान करने का मतलब जान जोखिम में डालना कर दिया है। जितने भी गांवों के किनारे पहले स्नान किया जाता था, वहां अब जानलेवा गड्ढे हो चुके हैं। इनमें डूबकर हर साल 15-20 लोग मर जाते हैं। यही वजह है अब भाई - दूज के दिन भी भाई - बहन नदी में स्नान करने के लिए नहीं आते, जबकि पहले इस दिन भारी भीड़ रहती थी।
यमुना में स्नान बंद होने की एक और वजह है नदी में पानी कम हो जाना। यूपी - हरियाणा सीमा पर बने हथनी कुंड बेराज से ही पानी बहुत कम आ रहा है। वहां 80 हजार क्यूसेक से अधिक पानी होने पर ही यूपी की ओर छोड़ा जाता है। इससे कम होने पर नहरों में जाता है। इस कारण बागपत में यमुना सिकुड़ गई है।
दूसरा जो थोड़ा पानी बचा है, उसमें रेत खनन हो रहा है। जेसीबी मशीनों ने गहरे कुंड बना दिए हैं। जो लोग भूल से भी नहाने चले जाते हैं, उनमें से कई की मौत हो जाती है। इन गड्ढों में डूबकर इस साल भी 10 लोग मर चुके हैं। इसी डर से भाई दूज पर यमुना के किनारे सुनसान रहते हैं। जबकि पांच साल पहले तक भाई - बहन के अटूट बंधन के इस पर्व पर भारी भीड़ पहुंचती थी स्नान के लिए।
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खास महात्मय है स्नान का
जगदगुरु शंकराचार्य आश्रम के प्रमुख आचार्य पंडित प्रवीण शास्त्री ने बताया यमराज और यमुना भाई बहन हैं। यमुना को वरदान प्राप्त है कि भाई-दूज के दिन जो भी भाई बहन साथ - साथ यमुना स्नान करेंगे, वे यम के फंदों से मुक्त हो जाएंगे। उन्हें न तो यम की यातनाओं से गुजरना होगा और न ही उनकी अकाल मृत्यु होगी।
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यमुना में स्नान बंद होने की एक और वजह है नदी में पानी कम हो जाना। यूपी - हरियाणा सीमा पर बने हथनी कुंड बेराज से ही पानी बहुत कम आ रहा है। वहां 80 हजार क्यूसेक से अधिक पानी होने पर ही यूपी की ओर छोड़ा जाता है। इससे कम होने पर नहरों में जाता है। इस कारण बागपत में यमुना सिकुड़ गई है।
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दूसरा जो थोड़ा पानी बचा है, उसमें रेत खनन हो रहा है। जेसीबी मशीनों ने गहरे कुंड बना दिए हैं। जो लोग भूल से भी नहाने चले जाते हैं, उनमें से कई की मौत हो जाती है। इन गड्ढों में डूबकर इस साल भी 10 लोग मर चुके हैं। इसी डर से भाई दूज पर यमुना के किनारे सुनसान रहते हैं। जबकि पांच साल पहले तक भाई - बहन के अटूट बंधन के इस पर्व पर भारी भीड़ पहुंचती थी स्नान के लिए।
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खास महात्मय है स्नान का
जगदगुरु शंकराचार्य आश्रम के प्रमुख आचार्य पंडित प्रवीण शास्त्री ने बताया यमराज और यमुना भाई बहन हैं। यमुना को वरदान प्राप्त है कि भाई-दूज के दिन जो भी भाई बहन साथ - साथ यमुना स्नान करेंगे, वे यम के फंदों से मुक्त हो जाएंगे। उन्हें न तो यम की यातनाओं से गुजरना होगा और न ही उनकी अकाल मृत्यु होगी।