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तहसील में खामियां देखकर भड़के कमिश्नर
Baghpat
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:31 AM IST
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बागपत। मंडलायुक्त भूपेंद्र सिंह ने बागपत तहसील का निरीक्षण किया तो खामियां ही खामियां नजर आईं। निरीक्षण के दौरान उन्हें न तो रिकार्ड ही पूरा मिला और न ही कर्मचारी ही मिले। कार्यालयों के भी ताले बंद मिले। तहसील की हालत देख मंडलायुक्त ने तहसीलदार अशोक चौधरी की क्लास ली। उन्होंने तहसीलदार की लापरवाही बताते हुए नाराजगी जताई।
बुधवार को करीब 12 बजे मंडलायुक्त भूपेंद्र सिंह तहसील का निरीक्षण करने पहुंचे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम होने के बावजूद कार्यालय बंद देखकर भड़क गए। उन्होंने तुरंत कार्यालय खोलने के आदेश दिए। खसरा खतौनी की नकल के 15 रुपये लेकर रसीद नहीं देने पर नाराजगी जताई। न ही कोई इसका कोई रिकार्ड ही मिला कि कितनी खसरा खतौनी की नकल दी गईं हैं। आवेदन भी लंबित मिले। इसके बाद मीटिंग हॉल पहुंचे तो वह खाली मिला। जो कर्मचारी मिले, उनकी नाम पट्टिकाएं नहीं मिलीं। लेखपालों और अमीनों की सेवा पुस्तिका एवं भविष्य निधि की पासबुकों पर कटिंग, फ्लूड लगाकर ओवर राइट कर रखा था और उस पर किसी के हस्ताक्षर तक नहीं मिले तो उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। 10 बड़े बकाएदारोें की पत्रावलियां देखीं जो फटी मिलीं। आपदा रजिस्टर अधूरा मिला, ग्राम समाज भूमि के वाद लंबित मिले, रिकार्ड रूम में बारह साला रिकार्ड देखा। यह भी कोई नहीं बता पाया संग्रह अभिलेखागार में कौन सा रिकार्ड रहना चाहिए और कौन सा नहीं। उन्होंने सूचना पट पर लगी सूचना बड़े अक्षरों में लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने टैंपो की नीलामी न कराने पर रोष जताया, टीकरी के पकड़े ट्रैक्टर को बिना रिसीव किए सुपुर्दगी पर भी नाराजगी जताई। उनके साथ डीएम धनलक्ष्मी के., एडीएम संतोष कुमार शर्मा, एसडीएम राकेश कुमार, कृपाल सिंह आदि रहे।
मंडलायुक्त भूपेंद्र सिंह ने सीएचसी बागपत के निरीक्षण के दौरान जर्जर हो चुकी पानी की टंकी को गिराने के सीएमओ को निर्देश दिए। उन्होंने कहा इससे कभी भी दुर्घटना घटित हो सकती है।
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बुधवार को करीब 12 बजे मंडलायुक्त भूपेंद्र सिंह तहसील का निरीक्षण करने पहुंचे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम होने के बावजूद कार्यालय बंद देखकर भड़क गए। उन्होंने तुरंत कार्यालय खोलने के आदेश दिए। खसरा खतौनी की नकल के 15 रुपये लेकर रसीद नहीं देने पर नाराजगी जताई। न ही कोई इसका कोई रिकार्ड ही मिला कि कितनी खसरा खतौनी की नकल दी गईं हैं। आवेदन भी लंबित मिले। इसके बाद मीटिंग हॉल पहुंचे तो वह खाली मिला। जो कर्मचारी मिले, उनकी नाम पट्टिकाएं नहीं मिलीं। लेखपालों और अमीनों की सेवा पुस्तिका एवं भविष्य निधि की पासबुकों पर कटिंग, फ्लूड लगाकर ओवर राइट कर रखा था और उस पर किसी के हस्ताक्षर तक नहीं मिले तो उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। 10 बड़े बकाएदारोें की पत्रावलियां देखीं जो फटी मिलीं। आपदा रजिस्टर अधूरा मिला, ग्राम समाज भूमि के वाद लंबित मिले, रिकार्ड रूम में बारह साला रिकार्ड देखा। यह भी कोई नहीं बता पाया संग्रह अभिलेखागार में कौन सा रिकार्ड रहना चाहिए और कौन सा नहीं। उन्होंने सूचना पट पर लगी सूचना बड़े अक्षरों में लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने टैंपो की नीलामी न कराने पर रोष जताया, टीकरी के पकड़े ट्रैक्टर को बिना रिसीव किए सुपुर्दगी पर भी नाराजगी जताई। उनके साथ डीएम धनलक्ष्मी के., एडीएम संतोष कुमार शर्मा, एसडीएम राकेश कुमार, कृपाल सिंह आदि रहे।
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मंडलायुक्त भूपेंद्र सिंह ने सीएचसी बागपत के निरीक्षण के दौरान जर्जर हो चुकी पानी की टंकी को गिराने के सीएमओ को निर्देश दिए। उन्होंने कहा इससे कभी भी दुर्घटना घटित हो सकती है।
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