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मीतली गांव में गोवंश की मौत, आधा दर्जन बीमार
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बागपत। मीतली गोवंश आश्रय स्थल पर गोवंशीय पशुओं की चिकित्सा सुविधा के अभाव में मौत हो रही हैं। सोमवार को भी गोवंश की मौत हो गई। इससे पहले भी कई गोवंश की मौत हो चुकी है। प्रशासन द्वारा इसका संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। जिसका खामियाजा बेजुबानों को भुगतान पड़ रहा है।
मीतली गांव में गोवंश आश्रय स्थल बनाया हुआ है। यहां पर आए दिन गोवंशों की मौत हो रही है। जिसका कारण तो पता नहीं चल रहा है, लेकिन यह भी सच्चाई है कि कोई सुविधा गोवंशों को नहीं मिल रही है। जिस वजह से जाने जा रही है। प्रधान के प्रति सतीश राणा ने बताया कि सोमवार को एक गाय की मौत हुई है। उनका यह कहना था कि गाय ज्यादा उम्र की हो गई थी, जिस कारण मौत हुई है। कई पशुओं की भी हालत बिगड़ी हुई है। पूर्व में हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी भी यहां पहुंचे थे। उन्हें चिकित्सा की कोई सुविधा नजर नहीं आई। खुद के रुपये से बीमार गोवंशों का स्प्रे कराने के बाद उपचार कराया। डीपीआरओ आलोक शर्मा ने भी यहां निरीक्षण किया। उनके भी व्यवस्था कुछ ठीक नहीं मिली। बीमार गोवंशों के चिकित्सा उपचार कराने के लिए पशु चिकित्सा विभाग को लिखा है।
गोवंश आश्रय स्थलों का किया गया निरीक्षण
बागपत। दिनभर बीडीओ और अधिकारी गोवंश आश्रय स्थलों का निरीक्षण करते रहे। व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गोवंशों को चारे की व्यवस्था देखी। ग्राम प्रधान को अधिकारियों ने निर्देशित किया गोवंशों को स्वास्थ्य उपचार कराया जाए। नियमित सफाई कराई जाए। गोवंशों को समय पर चारा और पानी की व्यवस्था होती रहनी चाहिए।
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मीतली गांव में गोवंश आश्रय स्थल बनाया हुआ है। यहां पर आए दिन गोवंशों की मौत हो रही है। जिसका कारण तो पता नहीं चल रहा है, लेकिन यह भी सच्चाई है कि कोई सुविधा गोवंशों को नहीं मिल रही है। जिस वजह से जाने जा रही है। प्रधान के प्रति सतीश राणा ने बताया कि सोमवार को एक गाय की मौत हुई है। उनका यह कहना था कि गाय ज्यादा उम्र की हो गई थी, जिस कारण मौत हुई है। कई पशुओं की भी हालत बिगड़ी हुई है। पूर्व में हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी भी यहां पहुंचे थे। उन्हें चिकित्सा की कोई सुविधा नजर नहीं आई। खुद के रुपये से बीमार गोवंशों का स्प्रे कराने के बाद उपचार कराया। डीपीआरओ आलोक शर्मा ने भी यहां निरीक्षण किया। उनके भी व्यवस्था कुछ ठीक नहीं मिली। बीमार गोवंशों के चिकित्सा उपचार कराने के लिए पशु चिकित्सा विभाग को लिखा है।
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गोवंश आश्रय स्थलों का किया गया निरीक्षण
बागपत। दिनभर बीडीओ और अधिकारी गोवंश आश्रय स्थलों का निरीक्षण करते रहे। व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गोवंशों को चारे की व्यवस्था देखी। ग्राम प्रधान को अधिकारियों ने निर्देशित किया गोवंशों को स्वास्थ्य उपचार कराया जाए। नियमित सफाई कराई जाए। गोवंशों को समय पर चारा और पानी की व्यवस्था होती रहनी चाहिए।
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