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समाधान नहीं हुआ तो शुरू करेंगे भूख हड़ताल
Updated Fri, 14 Sep 2018 01:09 AM IST
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दोघट (बागपत)। भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में ग्रामीणों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने कहा कि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया तो भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।
वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण तीन दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने अभी तक धरने पर आकर सुध नहीं ली। चर्म शोधन इकाइयों के कारण गांव में गंभीर बीमारी फैली हुई। ग्रामीण कैंसर से मर रहे हैं। इस समस्या के प्रति शासन-प्रशासन गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। वहीं चार सितंबर को डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने एसडीएम बड़ौत से मामले की जांच कर आख्या मांगी। इस पर उपजिलाधिकारी नेे बताया कि कई बार चर्म शोधन इकाइयों के संचालकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ये लोग गांव में चमड़ा शोधन का कार्य कर रहे हैं। इससे गांव में बहुत गंदगी फैली है। इससे ग्राम वासियों में आक्रोश है। चर्म शोधन इकाइयों को यहां से हटाने के लिए भारी पुलिस बल एवं उच्चाधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक है। इसमें ब्रह्म पाल, ओमबीर, मयूर, इस्लाम, रामदत्त, राजेंद्र, वीर सैन, जितेंद्र राणा, संजीव राणा, आनंद पाल, तेजपाल, राममेहर, राजीव, सुखबीर सिंह, विक्रम सिंह, कालूराम, तेजपाल, प्रविंद्र, देवेंद्र, राकेश, यशपाल, रमेश, राजेंद्र, अरविंद, सुभाष, साहब सिंह, सतबीर, राजपाल, विनोद, भोपाल आदि रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण तीन दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने अभी तक धरने पर आकर सुध नहीं ली। चर्म शोधन इकाइयों के कारण गांव में गंभीर बीमारी फैली हुई। ग्रामीण कैंसर से मर रहे हैं। इस समस्या के प्रति शासन-प्रशासन गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। वहीं चार सितंबर को डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने एसडीएम बड़ौत से मामले की जांच कर आख्या मांगी। इस पर उपजिलाधिकारी नेे बताया कि कई बार चर्म शोधन इकाइयों के संचालकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ये लोग गांव में चमड़ा शोधन का कार्य कर रहे हैं। इससे गांव में बहुत गंदगी फैली है। इससे ग्राम वासियों में आक्रोश है। चर्म शोधन इकाइयों को यहां से हटाने के लिए भारी पुलिस बल एवं उच्चाधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक है। इसमें ब्रह्म पाल, ओमबीर, मयूर, इस्लाम, रामदत्त, राजेंद्र, वीर सैन, जितेंद्र राणा, संजीव राणा, आनंद पाल, तेजपाल, राममेहर, राजीव, सुखबीर सिंह, विक्रम सिंह, कालूराम, तेजपाल, प्रविंद्र, देवेंद्र, राकेश, यशपाल, रमेश, राजेंद्र, अरविंद, सुभाष, साहब सिंह, सतबीर, राजपाल, विनोद, भोपाल आदि रहे।
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