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मिलाना में मुख्य रास्तों ने तालाब का रूप धारण किया
Updated Mon, 16 Apr 2018 01:12 AM IST
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दोघट (बागपत)।
मिलाना गांव में ग्रामीण जल भराव की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव में जल निकासी न होने के कारण रास्तों पर पानी भरा रहता है। मुख्य मार्गों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा।
ग्रामीणों ने बताया कि मिलाना कई वर्ष से ग्रामीण जल भराव का समस्या का दंश झेल रहे हैं। गांव के मुख्य रास्तों ने तालाब का रूप धारण कर लिया है। इससे स्कूल और मदरसों में शिक्षा ग्रहण करने जाने वाले बच्चों को भी कीचड़ से होकर निकलना पड़ता है। स्कूल जाने के लिए रास्ता न होने के कारण कुछ बच्चे शिक्षा से भी वंचित रह जाते हैं। पैदल चलने वालों को चप्पल उतार कर पानी से होकर गुजरना पड़ता है। गांव के कुछ लोगों ने मुख्य रास्तों पर अतिक्रमण कर चबूतरे बना लिए हैं। इनसे बुग्गी तो दूर साइकिल भी नहीं निकल पाती है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव में जलभराव की समस्या ज्यों की त्यों बनी है। जनप्रतिनिधि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करते हैं और चुनाव जीतने के बाद कोई नहीं आता है। ग्रामीणों ने कहा यदि शीघ्र समस्या का समाधान प्रशासनिक स्तर पर नहीं हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। चेतावनी देने वालों में अयूब, मेहरबान, यासीन, जमशेद, बिलाल, गयूर, इंतजार, मोहम्मद यूनुस आदि रहे।
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मिलाना गांव में ग्रामीण जल भराव की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव में जल निकासी न होने के कारण रास्तों पर पानी भरा रहता है। मुख्य मार्गों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा।
ग्रामीणों ने बताया कि मिलाना कई वर्ष से ग्रामीण जल भराव का समस्या का दंश झेल रहे हैं। गांव के मुख्य रास्तों ने तालाब का रूप धारण कर लिया है। इससे स्कूल और मदरसों में शिक्षा ग्रहण करने जाने वाले बच्चों को भी कीचड़ से होकर निकलना पड़ता है। स्कूल जाने के लिए रास्ता न होने के कारण कुछ बच्चे शिक्षा से भी वंचित रह जाते हैं। पैदल चलने वालों को चप्पल उतार कर पानी से होकर गुजरना पड़ता है। गांव के कुछ लोगों ने मुख्य रास्तों पर अतिक्रमण कर चबूतरे बना लिए हैं। इनसे बुग्गी तो दूर साइकिल भी नहीं निकल पाती है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव में जलभराव की समस्या ज्यों की त्यों बनी है। जनप्रतिनिधि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करते हैं और चुनाव जीतने के बाद कोई नहीं आता है। ग्रामीणों ने कहा यदि शीघ्र समस्या का समाधान प्रशासनिक स्तर पर नहीं हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। चेतावनी देने वालों में अयूब, मेहरबान, यासीन, जमशेद, बिलाल, गयूर, इंतजार, मोहम्मद यूनुस आदि रहे।
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