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रमाला मिल से तीन जिलों के किसानों की बल्ले-बल्ले
Updated Mon, 01 Jan 2018 01:29 AM IST
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बागपत। रमाला चीनी मिल के विस्तारीकरण से वेस्ट यूपी के तीन जिलों के किसानों को लाभ होगा। पेराई क्षमता कम होने के कारण रमाल मिल प्रदेश में सबसे आखिरी तक पेराई करने वाली चीनी मिल बन गई है। बागपत, शामली के किसानों को इससे नुकसान उठाना पड़ रहा था। विस्तारीकरण के बाद अब मुजफ्फरनगर के किसानों का गन्ना भी यह मिल खरीद सकेगी और किसानों को लाभ होगा।
रमाला चीनी मिल की स्थापना वर्ष 1978 में हुई । पेराई क्षमता 2750 टीसीडी रखी, लेकिन समय के साथ सहकारी क्षेत्र की रमाला चीनी मिल का विस्तारीकरण नहीं हुआ। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह और प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा के प्रयास से सीएम योगी आदित्यनाथ ने मिल के विस्तारीकरण को हरी झंडी दे दी। करीब 308 करोड़ खर्च होंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ किसान दिवस पर इसका शिलान्यास भी कर चुके हैं। किसानों के लिए खुशखबरी यह है कि 27 मेगावाट का कोजन प्लांट भी लगाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के गांव में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का प्लान तैयार किया जा रहा है। वर्ष 2018 में इस मिल का कार्य पूरा होने की उम्मीद है। बागपत ही नहीं मिल के विस्तारीकरण से शामली, मुजफ्फरनगर के किसानों को भी लाभ होगा। पेराई समय से होगी तो किसानों की भुगतान की समस्या से भी छुटकारा मिल सकेगा।
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रमाला चीनी मिल की स्थापना वर्ष 1978 में हुई । पेराई क्षमता 2750 टीसीडी रखी, लेकिन समय के साथ सहकारी क्षेत्र की रमाला चीनी मिल का विस्तारीकरण नहीं हुआ। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह और प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा के प्रयास से सीएम योगी आदित्यनाथ ने मिल के विस्तारीकरण को हरी झंडी दे दी। करीब 308 करोड़ खर्च होंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ किसान दिवस पर इसका शिलान्यास भी कर चुके हैं। किसानों के लिए खुशखबरी यह है कि 27 मेगावाट का कोजन प्लांट भी लगाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के गांव में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का प्लान तैयार किया जा रहा है। वर्ष 2018 में इस मिल का कार्य पूरा होने की उम्मीद है। बागपत ही नहीं मिल के विस्तारीकरण से शामली, मुजफ्फरनगर के किसानों को भी लाभ होगा। पेराई समय से होगी तो किसानों की भुगतान की समस्या से भी छुटकारा मिल सकेगा।
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