{"_id":"5a42a2ad4f1c1b0f788b5234","slug":"91514316461-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिव्यांगों का सीएमओ दफ्तर में प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिव्यांगों का सीएमओ दफ्तर में प्रदर्शन
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दिव्यांग स्वास्थ्य विभाग के दफ्तरों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अफसर उनकी सुनने को तैयार नहीं है। मंगलवार को पीड़ितों ने सीएमओ दफ्तर में पहुंचकर प्रदर्शन किया।
बिजरौल गांव का रामफल आंखों से दिव्यांग है। उसका कहना है कि वह पिछले करीब 10 माह से प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सीएमओ दफ्तर के चक्कर लगा रहा है। गढ़ी गांव निवासी सोनू सैनी ने बताया कि वह सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पिछले एक साल से लगातार आ रहा है। इसी तरह कान्हड़ गांव के सुनील, बावली गांव के जयवीर, हिसावदा गांव की आंशिका, खट्टा प्रह्लादपुर निवासी बाबर, दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी कोई सुनने को तैयार नहीं है। कभी डॉक्टर न आने की बात कहकर टरका देते हैं तो कभी अन्य कोई बहाना बनाकर वापस भेज देते हैं। वे परेशान हो गए है। दिव्यांगों और उनके परिजनों ने प्रमाण पत्र न बनने के विरोध में प्रदर्शन किया। चेतावनी दी यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो इसकी उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी। उधर, सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा का कहना है कि नियमानुसार दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनाए जा रहे है। दिव्यांगों और उनके परिजनों द्वारा लगाए आरोप पूरी तरह से गलत हैं।
विज्ञापन
बिजरौल गांव का रामफल आंखों से दिव्यांग है। उसका कहना है कि वह पिछले करीब 10 माह से प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सीएमओ दफ्तर के चक्कर लगा रहा है। गढ़ी गांव निवासी सोनू सैनी ने बताया कि वह सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पिछले एक साल से लगातार आ रहा है। इसी तरह कान्हड़ गांव के सुनील, बावली गांव के जयवीर, हिसावदा गांव की आंशिका, खट्टा प्रह्लादपुर निवासी बाबर, दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी कोई सुनने को तैयार नहीं है। कभी डॉक्टर न आने की बात कहकर टरका देते हैं तो कभी अन्य कोई बहाना बनाकर वापस भेज देते हैं। वे परेशान हो गए है। दिव्यांगों और उनके परिजनों ने प्रमाण पत्र न बनने के विरोध में प्रदर्शन किया। चेतावनी दी यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो इसकी उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी। उधर, सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा का कहना है कि नियमानुसार दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनाए जा रहे है। दिव्यांगों और उनके परिजनों द्वारा लगाए आरोप पूरी तरह से गलत हैं।
विज्ञापन