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सहकारी चुनाव में सात हजार मतदाता ज्यादा होंगे
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:35 AM IST
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सहकारी चुनाव में सात हजार मतदाता ज्यादा होंगे
बागपत। सहकारी समितियों के डायरेक्टर के चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है। जिले की 36 समितियों के लिए जल्द ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी जाएगी। सहायक निबंधक सहकारिता विकास नेहरा ने बताया कि मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की कवायद चल रही है। पिछले चुनाव के सापेक्ष इस बार करीब सात हजार अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
सहकारी संस्थाओं पर वर्चस्व साबित करने की जंग शुरू होने वाली है। बागपत में 36 प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समिति और दो सहकारी क्रय विक्रय समिति है। समितियों के सदस्य अपने-अपने क्षेत्र के डायरेक्टर का चुनाव करते हैं। इसके बाद डायरेक्टर सभापति के चुनाव में अपना वोट देते हैं। सहकारी विभाग ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। सहायक निबंधक विकास नेहरा ने बताया कि मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसका प्रकाशन कराकर आपत्तियां मांगी जाएगी। मतदाता सूची पर आपत्तियां प्राप्त होते ही उनका निस्तारण होगा, इसके बाद चुनाव की प्रक्रिया होगी। डायरेक्टर के चुनाव के बाद सभापति, उपसभापति और अन्य समितियों के भेजे जाने वाले सदस्यों का चुनाव कराया जाएगा। इस बात सात हजार वोटर बढ़े हैं। निकाय चुनाव के बाद और लोकसभा चुनाव से पहले होने जा रहे सहकारी चुनाव को लेकर राजनीतिक गुणाभाग भी तेज हो गई है। जिले में सहकारी बैंक की संख्या 18 हैं। इसके अलावा सहकारी संघ की संख्या 11 है। इनके प्रतिनिधियों का चुनाव भी होगा।
निष्क्रिय पड़े हैं दुग्ध संघ
बागपत। सहकारिता निबंधक विकास नेहरा ने बताया कि जिले में दुग्ध संघ की संख्या 208 है, लेकिन पिछले कई साल से इनके किसी पद के लिए कोई चुनाव नहीं हुआ। जिले के दुग्ध संघ निष्क्रिय पड़े हुए हैं।
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बागपत। सहकारी समितियों के डायरेक्टर के चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है। जिले की 36 समितियों के लिए जल्द ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी जाएगी। सहायक निबंधक सहकारिता विकास नेहरा ने बताया कि मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की कवायद चल रही है। पिछले चुनाव के सापेक्ष इस बार करीब सात हजार अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
सहकारी संस्थाओं पर वर्चस्व साबित करने की जंग शुरू होने वाली है। बागपत में 36 प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समिति और दो सहकारी क्रय विक्रय समिति है। समितियों के सदस्य अपने-अपने क्षेत्र के डायरेक्टर का चुनाव करते हैं। इसके बाद डायरेक्टर सभापति के चुनाव में अपना वोट देते हैं। सहकारी विभाग ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। सहायक निबंधक विकास नेहरा ने बताया कि मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसका प्रकाशन कराकर आपत्तियां मांगी जाएगी। मतदाता सूची पर आपत्तियां प्राप्त होते ही उनका निस्तारण होगा, इसके बाद चुनाव की प्रक्रिया होगी। डायरेक्टर के चुनाव के बाद सभापति, उपसभापति और अन्य समितियों के भेजे जाने वाले सदस्यों का चुनाव कराया जाएगा। इस बात सात हजार वोटर बढ़े हैं। निकाय चुनाव के बाद और लोकसभा चुनाव से पहले होने जा रहे सहकारी चुनाव को लेकर राजनीतिक गुणाभाग भी तेज हो गई है। जिले में सहकारी बैंक की संख्या 18 हैं। इसके अलावा सहकारी संघ की संख्या 11 है। इनके प्रतिनिधियों का चुनाव भी होगा।
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निष्क्रिय पड़े हैं दुग्ध संघ
बागपत। सहकारिता निबंधक विकास नेहरा ने बताया कि जिले में दुग्ध संघ की संख्या 208 है, लेकिन पिछले कई साल से इनके किसी पद के लिए कोई चुनाव नहीं हुआ। जिले के दुग्ध संघ निष्क्रिय पड़े हुए हैं।
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