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गन्ना भाव पर पुनर्विचार करें सरकार: नरेश टिकैत
Updated Mon, 30 Oct 2017 12:58 AM IST
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दोघट (बागपत)। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने सरकार द्वारा घोषित गन्ना मूल्य को नाकाफी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। गन्ना मूल्य पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।
दोघट में राजेंद्र चौधरी के आवास पर किसानों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने गन्ना मूल्य मात्र दस रुपये बढ़ाकर किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। यह किसान के साथ अन्याय है। सरकार दस रुपये बढ़ाकर किसानों की वाहवाही लूटना चाह रही है जबकि खुद गन्ना मिले ही 25 रुपये बढ़ाना चाहती थी। गन्ना भाव भी सरकार ने इस समय इसलिए घोषित किया है ताकि किसान अपने गेहूं की फसल बुआई की तरफ ध्यान रखें और आंदोलन न कर पाए। सरकार में बैठे प्रतिनिधि ही किसानों के साथ धोखा करा रहे है। किसानों की गेहूं की फसल के दाम भी नाकाफी घोषित किए हैं। सरकार की मंशा ही किसान विरोधी है। सरकार ने नए विद्युत कनेक्शन शुरू तो करा दिए है, विद्युत दाम भी तो घटाए ताकि किसान को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि वैसे तो 450 रुपये क्विंटल गन्ने का भाव किसान की लागत भाव के अनुसार होना चाहिए था, लेकिन सरकार यह भी नहीं कर पा रही है तो किसान को नुकसान से बचाने के लिए 350 रुपये क्विंटल का भाव तो देना ही चाहिए, क्योंकि मिल मालिकों को कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से इस मामले पर पुनर्विचार की मांग करेंगे। इस दौरान देवी सिंह, धर्मेंद्र राठी, प्रधान रामनाथ पंवार, प्रधान मनोज पंवार, सुधीर मुखिया, बिजेंद्र प्रधान, विकास मलिक, रामेहर शर्मा, त्रिलोक शर्मा, गौरव राठी, अब्बास चौधरी, बिट्टू प्रधान, रोहित, इंद्रपाल आदि रहे।
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दोघट में राजेंद्र चौधरी के आवास पर किसानों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने गन्ना मूल्य मात्र दस रुपये बढ़ाकर किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। यह किसान के साथ अन्याय है। सरकार दस रुपये बढ़ाकर किसानों की वाहवाही लूटना चाह रही है जबकि खुद गन्ना मिले ही 25 रुपये बढ़ाना चाहती थी। गन्ना भाव भी सरकार ने इस समय इसलिए घोषित किया है ताकि किसान अपने गेहूं की फसल बुआई की तरफ ध्यान रखें और आंदोलन न कर पाए। सरकार में बैठे प्रतिनिधि ही किसानों के साथ धोखा करा रहे है। किसानों की गेहूं की फसल के दाम भी नाकाफी घोषित किए हैं। सरकार की मंशा ही किसान विरोधी है। सरकार ने नए विद्युत कनेक्शन शुरू तो करा दिए है, विद्युत दाम भी तो घटाए ताकि किसान को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि वैसे तो 450 रुपये क्विंटल गन्ने का भाव किसान की लागत भाव के अनुसार होना चाहिए था, लेकिन सरकार यह भी नहीं कर पा रही है तो किसान को नुकसान से बचाने के लिए 350 रुपये क्विंटल का भाव तो देना ही चाहिए, क्योंकि मिल मालिकों को कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से इस मामले पर पुनर्विचार की मांग करेंगे। इस दौरान देवी सिंह, धर्मेंद्र राठी, प्रधान रामनाथ पंवार, प्रधान मनोज पंवार, सुधीर मुखिया, बिजेंद्र प्रधान, विकास मलिक, रामेहर शर्मा, त्रिलोक शर्मा, गौरव राठी, अब्बास चौधरी, बिट्टू प्रधान, रोहित, इंद्रपाल आदि रहे।
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