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ब्रह्मलीन कृष्णदत महराज का जन्मोत्सव शुरू
Updated Fri, 08 Sep 2017 12:47 AM IST
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ब्रह्मलीन कृष्णदत्त महराज का जन्मोत्सव शुरू
बिनौली (बागपत)। लाक्षागृह स्थित महानंद संस्कृत विद्यालय मेें बृहस्पतिवार को ब्रह्मलीन कृष्णदत्त महाराज का जन्मोत्सव ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ। गांधी धाम समिति के तत्वावधान में शुरू हुए तीन दिवसीय जन्मोत्सव में मुख्य अतिथि भारत सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के सदस्य जयप्रकाश तोमर ने कहा जीवन में सफलता एवं लक्ष्य प्राप्ति के लिए नियम का पालन करना आवश्यक है। नियम के साथ अनुशासन और योजना का लक्ष्य का भी सफल जीवन मेें बड़ा महत्व है। उन्होंने ब्रह्र्षि कृष्णदत्त महाराज के वैदिक प्रवचनों के दिए दिव्य ज्ञान को जीवन मेें आत्मसात करने का आह्वान किया। आचार्य गुरुवचन शास्त्री, माया प्रकाश, योगाचार्य अरविंद त्यागी, विहिप मेरठ प्रांत मार्गदर्शक स्वामी प्रद्युम्न महाराज, आचार्य विनोद शास्त्री, जयवीर दत्त ने वेदोपदेश दिए। पंडित भगीरथ शर्मा और सतीश भारद्वाज ने ओम पताका का आरोहण का जन्मोत्सव का शुभारंभ किया। अंकुर भारद्वाज ने भजन प्रस्तुत किया। इसमें देवेंद्र शास्त्री, डॉ. कुलप्रकाश, यशोधर्मा सोलंकी, सुरेंद्र पाल, नरेंद्र पाल, संजीव, ब्रजपाल सिंह शास्त्री, साधना, रमेश चंद गुप्ता, रामेश्वर, धनपाल प्रधान आदि रहे।
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बिनौली (बागपत)। लाक्षागृह स्थित महानंद संस्कृत विद्यालय मेें बृहस्पतिवार को ब्रह्मलीन कृष्णदत्त महाराज का जन्मोत्सव ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ। गांधी धाम समिति के तत्वावधान में शुरू हुए तीन दिवसीय जन्मोत्सव में मुख्य अतिथि भारत सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के सदस्य जयप्रकाश तोमर ने कहा जीवन में सफलता एवं लक्ष्य प्राप्ति के लिए नियम का पालन करना आवश्यक है। नियम के साथ अनुशासन और योजना का लक्ष्य का भी सफल जीवन मेें बड़ा महत्व है। उन्होंने ब्रह्र्षि कृष्णदत्त महाराज के वैदिक प्रवचनों के दिए दिव्य ज्ञान को जीवन मेें आत्मसात करने का आह्वान किया। आचार्य गुरुवचन शास्त्री, माया प्रकाश, योगाचार्य अरविंद त्यागी, विहिप मेरठ प्रांत मार्गदर्शक स्वामी प्रद्युम्न महाराज, आचार्य विनोद शास्त्री, जयवीर दत्त ने वेदोपदेश दिए। पंडित भगीरथ शर्मा और सतीश भारद्वाज ने ओम पताका का आरोहण का जन्मोत्सव का शुभारंभ किया। अंकुर भारद्वाज ने भजन प्रस्तुत किया। इसमें देवेंद्र शास्त्री, डॉ. कुलप्रकाश, यशोधर्मा सोलंकी, सुरेंद्र पाल, नरेंद्र पाल, संजीव, ब्रजपाल सिंह शास्त्री, साधना, रमेश चंद गुप्ता, रामेश्वर, धनपाल प्रधान आदि रहे।