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घाटे में समितियां, किसानों पर ब्याज का बोझ

Fri, 07 Jul 2017 01:11 AM IST
Updated Fri, 07 Jul 2017 01:11 AM IST
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घाटे में समितियां, किसानों पर ब्याज का बोझ
बागपत। ऋण माफी की घोषणा के बाद अधिकतर किसानों ने समितियों से लिए ऋण को जमा नहीं किया। इससे समितियों पर बोझ बढ़ गया है। समय पर ऋण जमा नहीं करने वाले किसानों को अब 12.70 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा। पेनल्टी भी लगाई जाएगी।
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सरकार ने ऋण माफी का एलान किया था। इसके दायरे में पिछले वर्ष मार्च तक ऋण लेने वाले किसान शामिल किए। इनमें भी ऋण माफी की शर्तें और अंतिम सूची तैयार की जा रही है। घोषणा के बाद से एक अप्रैल 2016 के बाद ऋण लेने वाले किसानों ने भी अपना ऋण जमा नहीं किया। जिस कारण समितियों पर बोझ बढ़ गया है। बागपत जनपद में 36 समितियां हैं। किसानों के ऋण जमा नहीं करने के कारण अधिकतर घाटे में चली गई है।
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उधर, किसानों पर भी अब ऋण जमा करने का दबाव बढ़ेगा। इसी साल 30 जून तक ऋण जमा करने पर सिर्फ तीन प्रतिशत ब्याज देना था, अधिकतर किसानों ने ऋण माफी के इंतजार में जमा ही नहीं किया। अब ब्याज की दर 12.70 प्रतिशत लगेगी। एआर (सहकारिता) विकास कुमार ने कहा पहली अप्रैल 2016 के बाद ऋण लेने वाले किसान ऋण माफी के दायरे में ही नहीं है, ऐसे में उन पर ब्याज दर लगेगी।
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ऋण माफी की शर्तों के साथ अंतिम सूची तैयार की जा रही है। एआर (सहकारिता) विकास कुमार कहते हैं कि इसमें शासन की ओर से जारी की गई शर्तें शामिल हैं। जो किसान शर्तें पूरी नहीं करेंगे, उन्हें इस सूची से हटा दिया जाएगा।
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