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नई ड्रेस के लिए करना पड़ेगा इंतजार
Updated Fri, 30 Jun 2017 12:03 AM IST
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बागपत। परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के अभी ड्रेस और किताबों के लिए इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि बेसिक शिक्षा विभाग को अभी बजट जारी नहीं हुआ है। 15 जुलाई तक छात्रों को ड्रेस बांटने का भी प्लान है। बजट के अभाव में प्लान धरा का धरा रह जाएगा।
जिले में 778 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और सहायता प्राप्त विद्यालयों में 82 हजार छात्र-छात्राओं को ड्रेस और किताबों की दरकार रहेगी। जिले के अफसरों ने ड्रेस वितरण के लिए कागजों पर प्लान तैयार किया हुआ है, लेकिन अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग को बजट जारी नहीं हुआ है, जिस कारण योजना औंधे मुंह गिरती हुई नजर आ रही है। 15 जुलाई तक स्कूलों में ड्रेस का वितरण होना है, लेकिन अभी तक हैड मास्टरों को न तो कपड़ा के लिए बजट मुहैया कराया और न ही कोई निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा किताबों का मामला भी अधर में लटका है। पहले की भांति ही पुस्तकें छात्रों तक पहुंचेगी तो पढ़ाई पर गहरा असर पड़ेगा। पुरानी किताबों से ही पढ़ाई पूरी करने को मजबूर होना पड़ सकता है। बीएसए योगराज सिंह ने बताया बजट अवमुक्त होते ही कार्य तेजी के साथ कराया जाएगा। लगभग 20 हजार छात्रों के ड्रेस की सिलाई कराने के लिए सहायता समूह की महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। बजट के बाद ही किताबों भी बांटी जाएगी।
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जिले में 778 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और सहायता प्राप्त विद्यालयों में 82 हजार छात्र-छात्राओं को ड्रेस और किताबों की दरकार रहेगी। जिले के अफसरों ने ड्रेस वितरण के लिए कागजों पर प्लान तैयार किया हुआ है, लेकिन अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग को बजट जारी नहीं हुआ है, जिस कारण योजना औंधे मुंह गिरती हुई नजर आ रही है। 15 जुलाई तक स्कूलों में ड्रेस का वितरण होना है, लेकिन अभी तक हैड मास्टरों को न तो कपड़ा के लिए बजट मुहैया कराया और न ही कोई निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा किताबों का मामला भी अधर में लटका है। पहले की भांति ही पुस्तकें छात्रों तक पहुंचेगी तो पढ़ाई पर गहरा असर पड़ेगा। पुरानी किताबों से ही पढ़ाई पूरी करने को मजबूर होना पड़ सकता है। बीएसए योगराज सिंह ने बताया बजट अवमुक्त होते ही कार्य तेजी के साथ कराया जाएगा। लगभग 20 हजार छात्रों के ड्रेस की सिलाई कराने के लिए सहायता समूह की महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। बजट के बाद ही किताबों भी बांटी जाएगी।
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