चिकित्सकों ने बीमार अनशनकारियों की जांच कर दवा दी

Meerut Bureauमेरठ ब्यूरो Updated Fri, 25 Jan 2019 01:26 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
बड़ौत (बागपत)।
विज्ञापन

तहसील में चकबंदी में धांधली को लेकर बामनौली गांव के एक पक्ष का चौथे दिन भी आमरण अनशन जारी रहा। हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने अनशनकारियों की जांच कर दवा दी। वहीं उनके विरोधी पक्ष ने दूसरे दिन शाम को धरना समाप्त किया।
बामनौली गांव के पांच परिवार 21 जनवरी से तहसील मेें आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा 15 दिन पहले प्रशासन के आश्वासन पर उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त की, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्हें फिर आमरण अनशन पर बैठना पड़ा। पीड़ित कमल पुत्र राम कुमार का कहना हे कि चकबंदी अधिकारियों ने धोखाधड़ी कर उनकी जमीन दूसरे काश्तकारों को दे दी, वहीं सतेंद्र पुत्र परशुराम का कहना है कि उनकी जमीन को कब्रिस्तान मेें दे दिया गया। नीरज पुत्र किशन कुमार का कहना है कि उनकी छह बीघा जमीन पैमाईश मेें कम कर दी। गुलवीर पुत्र जीत सिंह ने कहा उनकी जमीन पर दूसरों को कब्जा दिलाया, रामवीर ने कहा उनके पास 27 बीघे जमीन है। चकबंदी विभाग द्वारा उन्हेें जमीन से वंचित रखा गया है।
बृहस्पतिवार को भी वे धरने पर बैठे रहे, उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। आमरण परिवार ने निर्णय लिया है कि यदि समाधान नहीं किया जाता, तब तक आमरण अनशन जारी रखेंगे, यदि प्रशासन या किसी प्रकार का कोई दबाव बनाकर उठाने का प्रयास किया तो वे आत्मदाह करने पर मजबूर होंगे, उनके समर्थन में रोशन, खिलारी, राज कुमार, रणवीर, हेमंत, राजन, धर्मपाल आदि भी आमरण स्थल पर बैठे। उनके बीच सहायक चकबंदी अधिकारी अजब सिंह, तहसीलदार प्रदीप कुमार पहुंचे और बातचीत की, लेकिन कोई हल नहीं हुआ, वहीं इनके विरोधी पक्ष कृष्णपाल व सुक्रम पाल ने भी बुधवार को तहसील पर धरना शुरू किया था, दूसरे दिन शाम को एसडीएम के कहने पर कि तुम्हार कुछ नहीं होगा, धरने से उठकर चले गए। इस परिवार मेें कृष्णपाल, सुरेशवती, रूपेश, विशाल वैशाली आदि रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us