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बिना सिफारिश वाले और गरीबों की क्यों नहीं सुनती पुलिस
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बागपत। अमर उजाला फाउंडेशन के अनूठे अभियान अपराजिता के तहत छात्राओं को कानून की जानकारी देने के लिए स्वादवाद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट बागपत में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने छात्राओं को महिला उत्पीड़न, दहेज हत्या, हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी। थानों में एफआईआर दर्ज कराने से लेकर कोर्ट में ट्रायल तक प्रक्रिया पुलिस की पाठशाला में छात्राओं को समझाई। एएसपी ने कहा कि छात्राएं पुलिस को मित्र की तरह समझें और किसी भी आपत्ति में मदद लेने से पीछे न हटें। नर्सिंग की छात्रा ने सवाल उठाया कि पुलिस बिना सिफारिश वाले और गरीब लोगों की सुनवाई क्यों नहीं करती है। एएसपी ने कहा कानून की नजर में सब बराबर हैं। लोगों की ऐसी सोच बन गई है, जबकि हकीकत यह है कि अगर किसी को थाने से कोई परेशानी होती है तो वह सीओ, एएसपी या फिर एसपी से मिलकर अपनी समस्या रख सकता है। इससे पहले मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर पाठशाला का शुभारंभ एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव, प्राचार्य दिनेश कुमार, बीबीए एवं बीसीए डिपार्टमेंट के एचओडी प्रवीण मलिक, हिंदू युवा वाहिनी की जिला उपाध्यक्ष ज्योति शर्मा, प्रियंका शर्मा, अंजली शर्मा, मीनाक्षी, पूजा, अनीता, सरिता, ज्योति आर्य मौजूद रहीं।
मुश्किलों में लें हेल्पलाइन नंबरों की मदद
बागपत। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि छात्राओं को किसी भी मुश्किल स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1090 और 100 पर कॉल कर मदद लेनी चाहिए। 1090 पर पहचान गोपनीय रखी जाती है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 के विषय में बताया। यदि किसी कारणवश हेल्पलाइन नंबर पर कॉल रिसीव नहीं होती तो आसपास के लोगों से मदद लें और हिम्मत बनाए रखें। एएसपी ने छात्राओं से कहा कि वह व्यायाम, खेलकूद और योगाभ्यास में शामिल होकर अपने शरीर को मजबूत करें। जिससे वह शारीरिक रूप से मजबूत बन सकें। सोशल मीडिया का कम से कम प्रयोग करें। फोटो शेयर करने से बचें और अंजान लोगों से सोशल मीडिया पर सावधान रहे।
यह पूछे गए सवाल
खुशबू शर्मा : पुलिस अगर एफआईआर दर्ज नहीं करें तो क्या करना चाहिए।
एएसपी : ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान है। थाना पुलिस अगर लापरवाही करें तो सीओ, एएसपी या एसपी से शिकायत करें तुरंत कार्रवाई होगी।
सोनिया त्रिखा : महिलाओं उत्पीड़न पर कानून तो हैं, लेकिन पुरुषों को जागरूक करने के लिए क्या कोई अभियान है।
एएसपी : महिला उत्पीड़न करने वालों को सजा का प्रावधान है, इसके अलावा समय-समय पर पुलिस समाज में जागरूकता अभियान चलाती है। शिक्षण संस्थाओं में कार्यक्रम आयोजित कर कानून की जानकारी देते हैं।
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ज्योति शर्मा : तलाक के मुकदमों का ट्रायल लंबा क्यों चलता है, क्या कोई दूसरा विकल्प है।
एएसपी : कानून में संशोधन हुए हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्दी समाधान वाले मामलों की सुनवाई कराई जा सकती है।
संगीता शर्मा : पुलिस गरीबों और बिना सिफारिश वालों की सुनवाई क्यों नहीं करती।
एएसपी : कानून में सबको बराबरी का हक है। कुछ लोगों की ऐसी सोच बन गई है। पुलिस सबकी सुनवाई कर मुकदमे दर्ज करती है। कोर्ट में भी सरकारी वकील पैरवी करते हैं।
माला सैनी : पुलिस पर आए दिन रिश्वत लेने के आरोप लगते हैं।
एएसपी : रिश्वत देना और लेना दोनों ही अपराध है। अगर कोई ऐसा करता है तो कानून में उसके लिए भी सजा का प्रावधान है।
रेणु : महिला तलाक चाहती है और पुरुष तलाक नहीं दे रहा है, तो क्या करें।
एएसपी : कानून में इसका भी प्रावधान है। एक पक्ष के प्रार्थना पत्र में कोर्ट में ट्रायल के बाद तलाक मिल जाता है।
निकिता : पुलिस घटनास्थलों पर देरी से क्यों पहुंचती है।
एएसपी : ऐसी सोच बन गई है। जबकि हंड्रेड डायल के सेवा में आ जाने से रिस्पांस टाइम कम हुआ है। और लोगों को मदद मिल रही है।
पारूल : नशे का सामान या शराब बिक्री करने वालों पर पुलिस शिकंजा नहीं कसती।
एएसपी : ऐसा नहीं है, समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं और आबकारी एवं पुलिस की टीम आए दिन लोगों को पकड़ती है।
पूजा : पुलिस अगर कहीं देरी से पहुंचे तो लोगों को क्या करना चाहिए।
एएसपी : अगर कहीं पुलिस को पहुंचने में देर भी हो रही है तो आसपास के लोग पीड़ित की मदद कर सकते हैं। इस पर कहीं भी गवाही या अन्य बातों में पुलिस मदद करने वालों को परेशान नहीं करती।
मीनाक्षी : पुलिस महिलाओं की मदद कैसे करती है।
एएसपी : महिलाओं के लिए कई हेल्पलाइन सेवाएं हैं, जहां पहचान गोपनीय रखी जाती है। इन पर काउंसलिंग के जरिए भी समाधान निकाला जाता है।
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मुश्किलों में लें हेल्पलाइन नंबरों की मदद
बागपत। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि छात्राओं को किसी भी मुश्किल स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1090 और 100 पर कॉल कर मदद लेनी चाहिए। 1090 पर पहचान गोपनीय रखी जाती है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 के विषय में बताया। यदि किसी कारणवश हेल्पलाइन नंबर पर कॉल रिसीव नहीं होती तो आसपास के लोगों से मदद लें और हिम्मत बनाए रखें। एएसपी ने छात्राओं से कहा कि वह व्यायाम, खेलकूद और योगाभ्यास में शामिल होकर अपने शरीर को मजबूत करें। जिससे वह शारीरिक रूप से मजबूत बन सकें। सोशल मीडिया का कम से कम प्रयोग करें। फोटो शेयर करने से बचें और अंजान लोगों से सोशल मीडिया पर सावधान रहे।
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यह पूछे गए सवाल
खुशबू शर्मा : पुलिस अगर एफआईआर दर्ज नहीं करें तो क्या करना चाहिए।
एएसपी : ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान है। थाना पुलिस अगर लापरवाही करें तो सीओ, एएसपी या एसपी से शिकायत करें तुरंत कार्रवाई होगी।
सोनिया त्रिखा : महिलाओं उत्पीड़न पर कानून तो हैं, लेकिन पुरुषों को जागरूक करने के लिए क्या कोई अभियान है।
एएसपी : महिला उत्पीड़न करने वालों को सजा का प्रावधान है, इसके अलावा समय-समय पर पुलिस समाज में जागरूकता अभियान चलाती है। शिक्षण संस्थाओं में कार्यक्रम आयोजित कर कानून की जानकारी देते हैं।
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ज्योति शर्मा : तलाक के मुकदमों का ट्रायल लंबा क्यों चलता है, क्या कोई दूसरा विकल्प है।
एएसपी : कानून में संशोधन हुए हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्दी समाधान वाले मामलों की सुनवाई कराई जा सकती है।
संगीता शर्मा : पुलिस गरीबों और बिना सिफारिश वालों की सुनवाई क्यों नहीं करती।
एएसपी : कानून में सबको बराबरी का हक है। कुछ लोगों की ऐसी सोच बन गई है। पुलिस सबकी सुनवाई कर मुकदमे दर्ज करती है। कोर्ट में भी सरकारी वकील पैरवी करते हैं।
माला सैनी : पुलिस पर आए दिन रिश्वत लेने के आरोप लगते हैं।
एएसपी : रिश्वत देना और लेना दोनों ही अपराध है। अगर कोई ऐसा करता है तो कानून में उसके लिए भी सजा का प्रावधान है।
रेणु : महिला तलाक चाहती है और पुरुष तलाक नहीं दे रहा है, तो क्या करें।
एएसपी : कानून में इसका भी प्रावधान है। एक पक्ष के प्रार्थना पत्र में कोर्ट में ट्रायल के बाद तलाक मिल जाता है।
निकिता : पुलिस घटनास्थलों पर देरी से क्यों पहुंचती है।
एएसपी : ऐसी सोच बन गई है। जबकि हंड्रेड डायल के सेवा में आ जाने से रिस्पांस टाइम कम हुआ है। और लोगों को मदद मिल रही है।
पारूल : नशे का सामान या शराब बिक्री करने वालों पर पुलिस शिकंजा नहीं कसती।
एएसपी : ऐसा नहीं है, समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं और आबकारी एवं पुलिस की टीम आए दिन लोगों को पकड़ती है।
पूजा : पुलिस अगर कहीं देरी से पहुंचे तो लोगों को क्या करना चाहिए।
एएसपी : अगर कहीं पुलिस को पहुंचने में देर भी हो रही है तो आसपास के लोग पीड़ित की मदद कर सकते हैं। इस पर कहीं भी गवाही या अन्य बातों में पुलिस मदद करने वालों को परेशान नहीं करती।
मीनाक्षी : पुलिस महिलाओं की मदद कैसे करती है।
एएसपी : महिलाओं के लिए कई हेल्पलाइन सेवाएं हैं, जहां पहचान गोपनीय रखी जाती है। इन पर काउंसलिंग के जरिए भी समाधान निकाला जाता है।