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दोघट और बिराल को दिया जा सकता है ब्लॉक का दर्जा
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बागपत। चौगामा क्षेत्र के 50 से अधिक गांव के लिए अलग से विकास खंड बनाए जाने की तैयारी है। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने चौगामा क्षेत्र से छपरौली, बिनौली और बड़ौत ब्लॉक की दूरी अधिक होने के कारण विधानसभा में सवाल उठाया था। प्रशासन ने जवाब दिया है कि दोघट का नाम विकास खंड के लिए प्रस्तावित करते हुए आयुक्त ग्राम्य विकास को मानकों सहित फाइल भेजी जा चुकी है। इस पर अंतिम निर्णय शासन को ही करना है। इसके अलावा किशनपुर बिराल का प्रस्ताव भी किया गया है।
छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने 14 दिसंबर को विधानसभा में सवाल उठाया था कि चौगामा क्षेत्र के किसी गांव को ब्लॉक का दर्जा दिया जाना चाहिए। इसके लिए सरकार की क्या तैयारी है। विधायक ने दाहा, दोघट और पुसार के नाम का प्रस्ताव भी दिया था। इसके पीछे तर्क रखा गया था कि चौगामा क्षेत्र से छपरौली, बिनौली और बड़ौत ब्लॉक की दूरी अधिक है, जिस कारण ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं की जानकारी और लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए इस क्षेत्र में विकास खंड का निर्माण जरूरी है। विधानसभा में उठाए गए सवाल का प्रशासन ने जवाब भेजा है। दोघट में विकास खंड और मानकों की फाइल ग्राम्य विकास विभाग को भेजी गई है। सीडीओ पीसी जायसवाल का कहना है कि शासन को बागपत के विकास खंड और मानक भेजे गए हैं, अंतिम निर्णय इस पर लखनऊ से ही होना है।
बागपत में हैं छह विकास खंड
बागपत। जिले में बागपत, खेकड़ा, पिलाना, छपरौली, बड़ौत और बिनौली विकास खंड है। दोघट में अगर ब्लॉक बनता है तो यह जिले का सातवां ब्लॉक होगा। इसके अलावा किशनपुर बिराल को भी ब्लॉक का प्रस्ताव किया गया है। डीडीओ हूबलाल का कहना है कि प्रस्ताव भेजा गया है।
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क्या होगा लाभ
बागपत। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला का कहना है कि ग्रामीणों को दूर जाना पड़ता है। ग्राम्य विकास मंत्री से चौगामा क्षेत्र में ब्लॉक निर्माण की मांग रखी गई है।
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छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने 14 दिसंबर को विधानसभा में सवाल उठाया था कि चौगामा क्षेत्र के किसी गांव को ब्लॉक का दर्जा दिया जाना चाहिए। इसके लिए सरकार की क्या तैयारी है। विधायक ने दाहा, दोघट और पुसार के नाम का प्रस्ताव भी दिया था। इसके पीछे तर्क रखा गया था कि चौगामा क्षेत्र से छपरौली, बिनौली और बड़ौत ब्लॉक की दूरी अधिक है, जिस कारण ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं की जानकारी और लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए इस क्षेत्र में विकास खंड का निर्माण जरूरी है। विधानसभा में उठाए गए सवाल का प्रशासन ने जवाब भेजा है। दोघट में विकास खंड और मानकों की फाइल ग्राम्य विकास विभाग को भेजी गई है। सीडीओ पीसी जायसवाल का कहना है कि शासन को बागपत के विकास खंड और मानक भेजे गए हैं, अंतिम निर्णय इस पर लखनऊ से ही होना है।
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बागपत में हैं छह विकास खंड
बागपत। जिले में बागपत, खेकड़ा, पिलाना, छपरौली, बड़ौत और बिनौली विकास खंड है। दोघट में अगर ब्लॉक बनता है तो यह जिले का सातवां ब्लॉक होगा। इसके अलावा किशनपुर बिराल को भी ब्लॉक का प्रस्ताव किया गया है। डीडीओ हूबलाल का कहना है कि प्रस्ताव भेजा गया है।
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क्या होगा लाभ
बागपत। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला का कहना है कि ग्रामीणों को दूर जाना पड़ता है। ग्राम्य विकास मंत्री से चौगामा क्षेत्र में ब्लॉक निर्माण की मांग रखी गई है।