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एकजुट होकर किसानों को दिखानी होगी अपनी ताकत- राकेश टिकैत
Updated Mon, 23 Jul 2018 01:09 AM IST
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बड़ौत (बागपत)। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों का किसी भी हालत में शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों को एकजुट होकर प्रदेश व केंद्र को अपनी ताकत का एहसास कराना होगा।
रविवार को आवास विकास कालोनी मेें बिजेंद्र के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा जब पूरे देश में किसानों की फसल एक है, तो बिजली व खादों के दाम हरियाणा, उप्र में अलग-अलग क्यों है। खासतौर पर प्रदेश में बिजली दरों मेें वृद्धि कर दी गई है। हरियाणा मेें 15 रुपये हार्स पावर है, जबकि उप्र में 80 रुपये प्रति हार्स पावर किसानों से वसूले जा रहे हैं, जबकि पंजाब मेें किसानों के लिए सिंचाई निशुल्क है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद 14 दिनों में गन्ने का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कहा कि जब किसान समिति से ऋण लेता है तो ब्याज देता है, ब्याज भी माफ होना चाहिए। हरियाणा मेें वृद्धावस्था पेंशन 18 सौ रुपये मासिक है, जबकि उप्र में 300 से 500 रुपये तक है। उन्होंने कहा कि किसानों को पानी निशुल्क देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों का राष्ट्रीय आयोग बनाकर उसकी स्थापना की जाए, ताकि किसानों की न्यूनतम आय घोषित की जाए। किसानों को एक एमपी के एक माह का वेतन के बराबर न्यूनतम आय के रूप में मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि बिजली समस्या को लेकर किसानों का प्रतिनिधिमंडल 24 जुलाई को लखनऊ मेें ऊर्जा मंत्री से मिलेगा।
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रविवार को आवास विकास कालोनी मेें बिजेंद्र के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा जब पूरे देश में किसानों की फसल एक है, तो बिजली व खादों के दाम हरियाणा, उप्र में अलग-अलग क्यों है। खासतौर पर प्रदेश में बिजली दरों मेें वृद्धि कर दी गई है। हरियाणा मेें 15 रुपये हार्स पावर है, जबकि उप्र में 80 रुपये प्रति हार्स पावर किसानों से वसूले जा रहे हैं, जबकि पंजाब मेें किसानों के लिए सिंचाई निशुल्क है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद 14 दिनों में गन्ने का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कहा कि जब किसान समिति से ऋण लेता है तो ब्याज देता है, ब्याज भी माफ होना चाहिए। हरियाणा मेें वृद्धावस्था पेंशन 18 सौ रुपये मासिक है, जबकि उप्र में 300 से 500 रुपये तक है। उन्होंने कहा कि किसानों को पानी निशुल्क देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों का राष्ट्रीय आयोग बनाकर उसकी स्थापना की जाए, ताकि किसानों की न्यूनतम आय घोषित की जाए। किसानों को एक एमपी के एक माह का वेतन के बराबर न्यूनतम आय के रूप में मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि बिजली समस्या को लेकर किसानों का प्रतिनिधिमंडल 24 जुलाई को लखनऊ मेें ऊर्जा मंत्री से मिलेगा।
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