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मुनेश बरवाला ने किया कोर्ट में सरेंडर
Updated Tue, 17 Apr 2018 01:05 AM IST
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बागपत।
एक्सईएन कार्यालय प्रथम बड़ौत में विद्युत कर्मचारी से मारपीट करने के मामले में किसान नेता मुनेश बरवाला ने आठ साल बाद न्यायालय में सरेंडर किया है। कोर्ट ने उनके गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।
किसान मजदूर उत्थान समिति के अध्यक्ष मुनेश रमाला थाना क्षेत्र के बरवाला गांव के रहने वाले हैं। एक्सईएन कार्यालय प्रथम बड़ौत में तैनात तत्कालीन विद्युत कर्मचारी धर्मवीर मलिक की 2010 में आंदोलन के दौरान किसान नेता मुनेश बरवाला ने पिटाई कर दी । इस पर धर्मवीर मलिक ने मुनेश बरवाला के खिलाफ बड़ौत कोतवाली में मारपीट व जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया । पेश न होने पर न्यायालय बागपत ने आठ साल बाद मुनेश बरवाला के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। बड़ौत पुलिस पिछले चार दिन से उनकी तलाश में दबिश दे रही थी, लेकिन वे हाथ नहीं लग सके। 12 अप्रैल को बड़ौत पुलिस ने घर पर दबिश दी, लेकिन वे पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। सोमवार को किसान नेता मुनेश बरवाला ने सीजेएम कोर्ट में पुलिस को चकमा देकर आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने मुनेश बरवाला को जेल भेजा। इस संबंध में किसान नेता मुनेश बरवाला ने बताया कि उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने किसी के साथ मारपीट नहीं की। किसानों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए कई बार अधिकारियों से नोकझोंक हो जाती है।
वहीं खेड़ा हटाना गांव निवासी अंकित पुत्र सत्यवीर और नरेश ने अवैध खनन के मामले में सोमवार को बागपत न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है। न्यायालय ने उनके भी गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।
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एक्सईएन कार्यालय प्रथम बड़ौत में विद्युत कर्मचारी से मारपीट करने के मामले में किसान नेता मुनेश बरवाला ने आठ साल बाद न्यायालय में सरेंडर किया है। कोर्ट ने उनके गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।
किसान मजदूर उत्थान समिति के अध्यक्ष मुनेश रमाला थाना क्षेत्र के बरवाला गांव के रहने वाले हैं। एक्सईएन कार्यालय प्रथम बड़ौत में तैनात तत्कालीन विद्युत कर्मचारी धर्मवीर मलिक की 2010 में आंदोलन के दौरान किसान नेता मुनेश बरवाला ने पिटाई कर दी । इस पर धर्मवीर मलिक ने मुनेश बरवाला के खिलाफ बड़ौत कोतवाली में मारपीट व जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया । पेश न होने पर न्यायालय बागपत ने आठ साल बाद मुनेश बरवाला के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। बड़ौत पुलिस पिछले चार दिन से उनकी तलाश में दबिश दे रही थी, लेकिन वे हाथ नहीं लग सके। 12 अप्रैल को बड़ौत पुलिस ने घर पर दबिश दी, लेकिन वे पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। सोमवार को किसान नेता मुनेश बरवाला ने सीजेएम कोर्ट में पुलिस को चकमा देकर आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने मुनेश बरवाला को जेल भेजा। इस संबंध में किसान नेता मुनेश बरवाला ने बताया कि उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने किसी के साथ मारपीट नहीं की। किसानों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए कई बार अधिकारियों से नोकझोंक हो जाती है।
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वहीं खेड़ा हटाना गांव निवासी अंकित पुत्र सत्यवीर और नरेश ने अवैध खनन के मामले में सोमवार को बागपत न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है। न्यायालय ने उनके भी गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।
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