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होली पूजन सुबह 10 और दहन का समय आठ बजे से
Updated Thu, 01 Mar 2018 01:36 AM IST
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बागपत। होली का शुभ मुहूर्त इस बार सबके लिए फलदायी रहेगा। शुभ मुहूर्त में पूजन करने से सुख समृद्धि आएगी। पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह दस बजे और दहन का समय आठ बजे से साढ़े आठ बजे योग रहेगा। इस समय पर पूजन और दहन करने समृद्धि मिलेगी।
एक मार्च दिन बृहस्पतिवार को जिले भर में होली का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर होली की पूजा होगी और शाम के समय दहन किया जाएगा। इसके लिए ज्योतिषाचार्य शुभ मुहूर्त में पूजन करने को सही बता रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित राज कुमार शास्त्री ने बताया कि होली का त्योहार विशेष शुभ मुहूर्त में पड़ रहा है। दहन हमेशा फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को प्रदोष काल में जलाना शुभ माना जाता है। एक मार्च को प्रात: आठ बजकर 58 मिनट पर पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी। प्रदोष काल में पूर्णिमा व्याप्त रहेगी मध्य नक्षत्र में होलिका दहन करने से सभी पापों का विनाश होता है। शाम को सात बजकर 37 मिनट तक भद्रा रहने के कारण इसके बाद होली दहन होगा। कन्या लगन में होलिका का दहन का शुभ मुहूर्त है। इसके लिए रात्रि आठ बजे से 30 मिनट के मध्य शुभ योग रहेगा। उन्होंने बताया कि विधि विधान से पूजा अर्चना करने से भगवान विष्णु और होलिका माता खुश होती है। उन्होंने बताया कि पूजन में रोली, चावल, कलावा, पकवान, मिष्ठान से पूजन करना फलदायी रहता है। कर्पूर और लौंग की आहुतियां होलिका में डालने से वर्ष भर मनुष्य निरोगी रहता है। रात में लौंग और कर्पूर की आहुतियां अवश्य दें।
परिक्रमा करने से होता है पापों का विनाश
होलिका दहन के बाद उस स्थान की परिक्रमा जरूर करनी चाहिए। इसके लिए समर्थक के अनुसार परिक्रमा कर सकते हैं। इससे पापों का विनाश होता है। जिस समय आप परिक्रमा करें श्रीमन नारायण मंत्र का जाप करने से परिवार में सुख समृद्धि होगी। ज्योतिषाचार्य राज कुमार शास्त्री ने बताया कि होलिका दहन और उसके अगले दिन मादक पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे लक्ष्मी कुपित हो जाती है। परिवार में अशांति का माहौल रहता है। होली प्रेम और सद्भावना से मनाए।
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एक मार्च दिन बृहस्पतिवार को जिले भर में होली का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर होली की पूजा होगी और शाम के समय दहन किया जाएगा। इसके लिए ज्योतिषाचार्य शुभ मुहूर्त में पूजन करने को सही बता रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित राज कुमार शास्त्री ने बताया कि होली का त्योहार विशेष शुभ मुहूर्त में पड़ रहा है। दहन हमेशा फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को प्रदोष काल में जलाना शुभ माना जाता है। एक मार्च को प्रात: आठ बजकर 58 मिनट पर पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी। प्रदोष काल में पूर्णिमा व्याप्त रहेगी मध्य नक्षत्र में होलिका दहन करने से सभी पापों का विनाश होता है। शाम को सात बजकर 37 मिनट तक भद्रा रहने के कारण इसके बाद होली दहन होगा। कन्या लगन में होलिका का दहन का शुभ मुहूर्त है। इसके लिए रात्रि आठ बजे से 30 मिनट के मध्य शुभ योग रहेगा। उन्होंने बताया कि विधि विधान से पूजा अर्चना करने से भगवान विष्णु और होलिका माता खुश होती है। उन्होंने बताया कि पूजन में रोली, चावल, कलावा, पकवान, मिष्ठान से पूजन करना फलदायी रहता है। कर्पूर और लौंग की आहुतियां होलिका में डालने से वर्ष भर मनुष्य निरोगी रहता है। रात में लौंग और कर्पूर की आहुतियां अवश्य दें।
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परिक्रमा करने से होता है पापों का विनाश
होलिका दहन के बाद उस स्थान की परिक्रमा जरूर करनी चाहिए। इसके लिए समर्थक के अनुसार परिक्रमा कर सकते हैं। इससे पापों का विनाश होता है। जिस समय आप परिक्रमा करें श्रीमन नारायण मंत्र का जाप करने से परिवार में सुख समृद्धि होगी। ज्योतिषाचार्य राज कुमार शास्त्री ने बताया कि होलिका दहन और उसके अगले दिन मादक पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे लक्ष्मी कुपित हो जाती है। परिवार में अशांति का माहौल रहता है। होली प्रेम और सद्भावना से मनाए।
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