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प्रदेश सरकार किसान और विकास विरोधी

Sun, 28 Jan 2018 01:33 AM IST
Updated Sun, 28 Jan 2018 01:33 AM IST
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प्रदेश सरकार  किसान और विकास विरोधी
बागपत। भाजपा पर किसान और विकास विरोधी होने का आरोप लगाकर सपा कार्यकर्ताओं ने तहसील में प्रदर्शन किया। राज्यपाल के नाम लिखित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि किसान हित में कार्य नहीं हो रहा है।
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शनिवार को एसडीएम दफ्तर के बाहर कार्यकर्ता एकजुट हुए। जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी और अर्जुन अवार्डी पहलवान शौकेंद्र तोमर ने कहा कि भाषणों में किसान कल्याण की अनेकों घोषणा की गई, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि सपा सरकार में किसान को लाभ पहुंचा। किसान बर्बाद होता जा रहा है। आलू की खरीद का वायदा सरकार ने किया था जो खोखला साबित हुए। अब कृषक सड़कों पर आलू फेंकने को मजबूर हैं। लागत दाम भी न मिलने से कोल्ड स्टोर से निकासी नहीं हो रही है। धान की फसल को किसान औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं। सरकारी खरीद बिचौलियों द्वारा कराई जा रही है। बिजली की दरों में बढ़ोतरी करके किसानों की कमर तोड़ दी है। रबी की फसल की बुवाई के लिए उर्वरक नहीं मिल रहा और न ही उन्नतशील बीज। किसानों को करोड़ रुपये बकाया हो गया है, इसका भुगतान नहीं हुआ है। वर्तमान सरकार विकास और किसान विरोधी है। इसमें डॉ. शकील अहमद, पुनीत शर्मा, आशिक कुरैशी, इकराम, मेहंदी हसन, रियासत खान, रविंद्र यादव, रजनीश सिंह, प्रवीण धामा, सरजीत धामा, सुंदर, दिनेश, महिपाल, महेंद्र यादव, समीना, मुन्नी, इस्लामन, संगीता ठाकुर, करतार सिंह, कपिल, मिंटू, प्रवीण धामा, आशीष, सोहनवीर, नसीम, आसमा, खुर्शीदा, शीला, संजय प्रधान आदि रहे।
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बड़ौत में शनिवार को सपा के वरिष्ठ नेता ओमवीर तोमर की अध्यक्षता में सपा कार्यकर्ताओं ने तहसील पहुंचकर धरना शुरू किया। जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी व अर्जुन अवार्डी शौकेंद्र पहलवान ने कहा कि उप्र सरकार में प्रदेश का किसान बेहाल है। मुख्यमंत्री व अन्य मंत्री अपने भाषणों में किसानों के कल्याण की अनेकों योजनाओं व कार्यक्रमों की घोषणा करते आ रहे है, परंतु वास्तव में किसानों के लिए कोई लाभकारी कार्य नहीं हुआ।
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बाद में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा, जिसमें मांग की गई कि आलू खरीद का वादा वर्तमान सरकार द्वारा सत्ता संभालते ही किया गया था, परंतु यह वादा खोखला निकला। किसान आलू सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर है। अच्छी उपज होने से किसान धान को कम दाम पर बिचोलियों को बेचने के लिए मजबूर है। किसानों द्वारा खेती की सिंचाई के लिए नलकूपों के लिए 800 से एक हजार रुपये प्रति दस हॉर्स पॉवर देना पड़ता है, परंतु भाजपा सरकार द्वारा बिजली के दरों में दो गुना वृद्धि कर दी गई है। रबी की फसल की बुवाई के समय उर्वरक नहीं मिल रहा है और न ही उन्नत बीजों का प्रबंध किया गया है। किसानों को गन्ना भुगतान अभी तक नहीं मिल पाया है। 2017 के गन्ना पेराई का 1500 करोड़ रुपये बकाया है और वर्तमान पेराई सत्र का दो हजार करोड़ रुपये बकाया है। इस मौके पर रामबीर सिंह, सुरेंद्र पंवार, हाजी शकील शाह, सहदेव सिंह, इस्लाम प्रधान, सुधीर प्रधान, अशोक कुमार, अनिल, जितेंद्र डॉयरेक्टर, संजीव आदि शामिल रहे।

खेकड़ा में शनिवार को सपा कार्यकर्ता नगर स्थित सपा कार्यालय में एकत्र हुए और वहां से जुलूस के रूप में सपा नेता डॉ. जितेंद्र यादव एवं नगर अध्यक्ष जगपाल सिंह यादव के नेतृत्व में दोपहर बारह बजे तहसील में पहुंचे। वहां उन्होंने प्रदर्शन कर कहा कि प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते किसान परेशान हैं। गन्ने का भुगतान न होने के कारण किसान विकट समस्याओं से जूझना पड रहा है। किसानों की समस्याओं पर सकार का कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी आशीष कुमार को सौंपा इसमें चौधरी ब्रहम पाल सिंह सभासद, सतीश वाल्मीकि, सुरेंद्र विश्वकर्मा, शौकत मलिक, जमील अहमद, शमशाद अंसारी, इरशाद अली आदि रहे।
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