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डौला गांव के कुएं में गिरी नील गाय
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:23 AM IST
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डौला गांव के कुएं में गिरी नील गाय
बागपत। डौला गांव के पुराने कुएं में नील गाय गिर गई। ग्रामीणों ने वन विभाग को जानकारी दी। नील गाय को बचाने के लिए ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। लेकिन उसे नहीं निकाला जा सका। क्षेत्रीय वनाधिकारी का कहना है कि कुएं में धीरे-धीरे मिट्टी भरवाकर नील गाय को निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
डौला गांव निवासी इसरार के खेत में पुराना कुआं हैं। यहां तीन दिन पहले कुएं में नील गाय गिर गई। ग्रामीणों ने वन विभाग को जानकारी दी। क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों के सहयेाग से कुएं में ही नील गाय के लिए घास और पानी की व्यवस्था रोजाना की जा रही है। पहले नशीला इंजेक्शन देकर नील गाय को रस्सी से बांधकर खींचने की योजना बनाई गई। लेकिन यह योजना फेल हो गई। तय किया गया है कि कुएं में धीरे-धीरे मिट्टी भरवाई जाएगी। ऐसे में नील गाय मिट्टी के ऊपर आती रहेगी। उसे ग्रामीणों के सहयेाग से कुएं से शनिवार को निकाल लिया जाएगा। उधर, यहां ग्रामीणों का जमावड़ा लगा रहा। ग्रामीणों ने रस्सी के बाहर बाल्टी से नील गाय को पानी पिलाया।
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बागपत। डौला गांव के पुराने कुएं में नील गाय गिर गई। ग्रामीणों ने वन विभाग को जानकारी दी। नील गाय को बचाने के लिए ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। लेकिन उसे नहीं निकाला जा सका। क्षेत्रीय वनाधिकारी का कहना है कि कुएं में धीरे-धीरे मिट्टी भरवाकर नील गाय को निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
डौला गांव निवासी इसरार के खेत में पुराना कुआं हैं। यहां तीन दिन पहले कुएं में नील गाय गिर गई। ग्रामीणों ने वन विभाग को जानकारी दी। क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों के सहयेाग से कुएं में ही नील गाय के लिए घास और पानी की व्यवस्था रोजाना की जा रही है। पहले नशीला इंजेक्शन देकर नील गाय को रस्सी से बांधकर खींचने की योजना बनाई गई। लेकिन यह योजना फेल हो गई। तय किया गया है कि कुएं में धीरे-धीरे मिट्टी भरवाई जाएगी। ऐसे में नील गाय मिट्टी के ऊपर आती रहेगी। उसे ग्रामीणों के सहयेाग से कुएं से शनिवार को निकाल लिया जाएगा। उधर, यहां ग्रामीणों का जमावड़ा लगा रहा। ग्रामीणों ने रस्सी के बाहर बाल्टी से नील गाय को पानी पिलाया।
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