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ग्रामीणों ने बेसहारा गोवंशीय पशुओं को बंधक बनाया
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बड़ौत (बागपत)।
फसलों को बर्बाद कर रहे बेसहारा गोवंशीय पशुओं को किसानों द्वारा पकड़ना जारी है। वाजिदपुर और लौहड्डा गांव के किसानों ने बेसहारा गोवंशीय पशुओं को घेरकर पहले वाजिदपुर और लौहड्डा गन्ना क्रय केंद्र पर जमा किया। इसके बाद गांव की सोसायटी में बंधक बनाया। वहीं लोयन मलकपुर गांव में तीसरे दिन भी प्राइमरी पाठशाला में भूखे प्यासे पशु बंद रहे। ग्रामीणों ने पंचायत कर निर्णय लिया कि शुक्रवार को गांव के लोगों द्वारा चंदा एकत्र कर बंधक हरियाणा की गोशाला में भेजा जाएगा। यदि यह संभव नहीं हुआ तो इन्हें छोड़ दिया जाएगा।
मंगलवार को लोयन मलकपुर गांव में ग्रामीणों ने जंगलों में किसानों की फसल बर्बाद करने वाले बेसहारा गोवंशीय आवारा पशुओं को गांव की प्राइमरी पाठशाला नंबर एक में बंद किए। पशुओं को जमा करने के बाद शिक्षा अधिकारियों ने इस स्कूल के बच्चों व शिक्षकों को दूसरे स्कूल में अस्थायी तौर पर भेजा। बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी पशु प्राइमरी पाठशाला में जमा थे। इसको लेकर गांव में पंचायत की। इसमें लोगों ने विभिन्न प्रकार के सुझाव दिए, लेकिन बाद में निर्णय हुआ कि बच्चों की पढ़ाई को देखकर बेसहारा गोवंशीय पशुओं को हरियाणा की गोशाला में भेजने का निर्णय लिया। साथ ही निर्णय लिया कि शुक्रवार को इसके लिए गांव में चंदा एकत्र होगा। यदि यह निर्णय सफल नहीं हुआ तो इन पशुओं को छोड़ दिया जाएगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान दीपक तोमर, तेजपाल, अनिरुद्ध, राजेंद्र, सोमबीर, आनंद, बहादुर, जगदीश, अरविंद आदि रहे।
दूसरी ओर बृहस्पतिवार को लौहड्डा और वाजिदपुर गांव के लोगों ने गांव में ऐलान कराकर बेसहारा गोवंशीय पशुओं को पकड़ने की घोषणा की और उन्होंने करीब 22 पशुओं को बिनौली रोड स्थित लौहड्डा-वाजिदपुर मलकपुर चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्र पर एकत्रित किया। किसानों ने कहा इन बेसहारा गोवंशीय पशुओं से हम परेशान हो गए हैं। रातभर सो नहीं पा रहे हैं। एक और मिल से गन्ने का भुगतान नहीं हो पा रहा है दूसरी ओर ये बेसहारा गोवंशीय पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इतना ही नहीं काफी खेतों में खड़े गन्ने के गोलों को खा चुके हैं। बेसहारा गोवंशीय पशु गेहूं की फसलों को भी नष्ट कर रहे हैं। बाद में उन्होंने इनको लौहड्डा सोसायटी में बंद कर दिया और ऐलान किया कि इनकी चारे की व्यवस्था भी की जाएगी और इसकी जानकारी अधिकारियों को दे दी।
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फसलों को बर्बाद कर रहे बेसहारा गोवंशीय पशुओं को किसानों द्वारा पकड़ना जारी है। वाजिदपुर और लौहड्डा गांव के किसानों ने बेसहारा गोवंशीय पशुओं को घेरकर पहले वाजिदपुर और लौहड्डा गन्ना क्रय केंद्र पर जमा किया। इसके बाद गांव की सोसायटी में बंधक बनाया। वहीं लोयन मलकपुर गांव में तीसरे दिन भी प्राइमरी पाठशाला में भूखे प्यासे पशु बंद रहे। ग्रामीणों ने पंचायत कर निर्णय लिया कि शुक्रवार को गांव के लोगों द्वारा चंदा एकत्र कर बंधक हरियाणा की गोशाला में भेजा जाएगा। यदि यह संभव नहीं हुआ तो इन्हें छोड़ दिया जाएगा।
मंगलवार को लोयन मलकपुर गांव में ग्रामीणों ने जंगलों में किसानों की फसल बर्बाद करने वाले बेसहारा गोवंशीय आवारा पशुओं को गांव की प्राइमरी पाठशाला नंबर एक में बंद किए। पशुओं को जमा करने के बाद शिक्षा अधिकारियों ने इस स्कूल के बच्चों व शिक्षकों को दूसरे स्कूल में अस्थायी तौर पर भेजा। बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी पशु प्राइमरी पाठशाला में जमा थे। इसको लेकर गांव में पंचायत की। इसमें लोगों ने विभिन्न प्रकार के सुझाव दिए, लेकिन बाद में निर्णय हुआ कि बच्चों की पढ़ाई को देखकर बेसहारा गोवंशीय पशुओं को हरियाणा की गोशाला में भेजने का निर्णय लिया। साथ ही निर्णय लिया कि शुक्रवार को इसके लिए गांव में चंदा एकत्र होगा। यदि यह निर्णय सफल नहीं हुआ तो इन पशुओं को छोड़ दिया जाएगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान दीपक तोमर, तेजपाल, अनिरुद्ध, राजेंद्र, सोमबीर, आनंद, बहादुर, जगदीश, अरविंद आदि रहे।
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दूसरी ओर बृहस्पतिवार को लौहड्डा और वाजिदपुर गांव के लोगों ने गांव में ऐलान कराकर बेसहारा गोवंशीय पशुओं को पकड़ने की घोषणा की और उन्होंने करीब 22 पशुओं को बिनौली रोड स्थित लौहड्डा-वाजिदपुर मलकपुर चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्र पर एकत्रित किया। किसानों ने कहा इन बेसहारा गोवंशीय पशुओं से हम परेशान हो गए हैं। रातभर सो नहीं पा रहे हैं। एक और मिल से गन्ने का भुगतान नहीं हो पा रहा है दूसरी ओर ये बेसहारा गोवंशीय पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इतना ही नहीं काफी खेतों में खड़े गन्ने के गोलों को खा चुके हैं। बेसहारा गोवंशीय पशु गेहूं की फसलों को भी नष्ट कर रहे हैं। बाद में उन्होंने इनको लौहड्डा सोसायटी में बंद कर दिया और ऐलान किया कि इनकी चारे की व्यवस्था भी की जाएगी और इसकी जानकारी अधिकारियों को दे दी।
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