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परिवेश स्वच्छ रखें, मलेरिया से करें बचाव
Updated Thu, 26 Apr 2018 12:56 AM IST
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बागपत। मलेरिया से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। इसका बचाव केवल नियमित रूप से साफ सफाई है। इस मौसम में ही मलेरिया का मच्छर सक्रिय हो जाता है, जो लगातार कई माह तक रहता है। गर्मी के मौसम में लोगों को सतर्क और जागरूक होने की जरूरत है।
मलेरिया बुखार का प्रकोप गर्मी के मौसम में फैलता है। लोगों की छोटी-छोटी लापरवाही से ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. संजीव साहू ने बताया कि घर में नियमित रूप से साफ सफाई की जाए। कहीं भी ज्यादा दिनों से पानी न रुक पाए। घरों में चलने वाले कूलर में हर रोज पानी को बदलते रहे। बेकार पड़े टायर और बर्तन, खुली टंकी पर मलेरिया का मच्छर पनपता है। इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। धीरे-धीरे बहते हुए पानी में भी मलेरिया का मच्छर बैठता है। लोगों के इन पर ध्यान देने की जरूरत है।
मलेरिया बुखार के लक्षण
सर्दी का लगना और कंपकंपी छूटना
एक-दो दिन छोड़कर बुखार आना
तेज बुखार और उल्टी लगना
शरीर में थकावट होना और कमजोरी महसूस करना
सिर दर्द बुखार उतरते समय बदन का पसीना-पसीना होना
बुखार से बचाव
पानी के सभी बर्तन, टंकी को पूरी तरह से बंद रखे
घरों में चलने वाले कूलर में नियमित पानी बदले
फूलदान को हमेशा साफ रखे
पानी को बदले समय नल के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें
मच्छर से बचाव के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
मलेरिया बुखार होने पर क्या करें मरीज?
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. संजीव साहू ने बताया कि मलेरिया बुखार के आने पर रक्त की जांच कराएं। पुष्टि होने पर दवा नियमित रूप से ले और खाली पेट दवा न खाए। एक वर्ष तक के बच्चे और गर्भवती महिलाओं को दवा डॉक्टर की सलाह से दें।
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सीएमओ दफ्तर में मनाया मलेरिया दिवस
मलेरिया दिवस पर सीएमओ दफ्तर में समारोह आयोजित किया। हालांकि देहात क्षेत्र में कार्यक्रम नहीं हुए। विभागीय कर्मचारियों को ही मलेरिया से बचाव की शपथ दिलाई । सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार को सीएचसी और पीएचसी में कार्यक्रम आयोजित कराएं जाएंगे।
गांवों में कराया जाएगा दवा का छिड़काव
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. संजीव साहू ने बताया कि मलेरिया बुखार से बचाव के सीएचसी और पीएचसी से ग्राम स्वच्छता समिति को टेनीफोस दवा को उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद गांवों में इसका छिड़काव होगा।
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मलेरिया बुखार का प्रकोप गर्मी के मौसम में फैलता है। लोगों की छोटी-छोटी लापरवाही से ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. संजीव साहू ने बताया कि घर में नियमित रूप से साफ सफाई की जाए। कहीं भी ज्यादा दिनों से पानी न रुक पाए। घरों में चलने वाले कूलर में हर रोज पानी को बदलते रहे। बेकार पड़े टायर और बर्तन, खुली टंकी पर मलेरिया का मच्छर पनपता है। इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। धीरे-धीरे बहते हुए पानी में भी मलेरिया का मच्छर बैठता है। लोगों के इन पर ध्यान देने की जरूरत है।
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मलेरिया बुखार के लक्षण
सर्दी का लगना और कंपकंपी छूटना
एक-दो दिन छोड़कर बुखार आना
तेज बुखार और उल्टी लगना
शरीर में थकावट होना और कमजोरी महसूस करना
सिर दर्द बुखार उतरते समय बदन का पसीना-पसीना होना
बुखार से बचाव
पानी के सभी बर्तन, टंकी को पूरी तरह से बंद रखे
घरों में चलने वाले कूलर में नियमित पानी बदले
फूलदान को हमेशा साफ रखे
पानी को बदले समय नल के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें
मच्छर से बचाव के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
मलेरिया बुखार होने पर क्या करें मरीज?
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. संजीव साहू ने बताया कि मलेरिया बुखार के आने पर रक्त की जांच कराएं। पुष्टि होने पर दवा नियमित रूप से ले और खाली पेट दवा न खाए। एक वर्ष तक के बच्चे और गर्भवती महिलाओं को दवा डॉक्टर की सलाह से दें।
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सीएमओ दफ्तर में मनाया मलेरिया दिवस
मलेरिया दिवस पर सीएमओ दफ्तर में समारोह आयोजित किया। हालांकि देहात क्षेत्र में कार्यक्रम नहीं हुए। विभागीय कर्मचारियों को ही मलेरिया से बचाव की शपथ दिलाई । सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार को सीएचसी और पीएचसी में कार्यक्रम आयोजित कराएं जाएंगे।
गांवों में कराया जाएगा दवा का छिड़काव
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. संजीव साहू ने बताया कि मलेरिया बुखार से बचाव के सीएचसी और पीएचसी से ग्राम स्वच्छता समिति को टेनीफोस दवा को उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद गांवों में इसका छिड़काव होगा।