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खनन ठेकेदार ने यमुना के बीचों बीच बना दी सड़क
Updated Sun, 18 Mar 2018 02:08 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
बदरखा यमुना खादर में रात होते ही खनन शुरू हो जाता है जबकि जो टेंडर छोड़ा गया है उसमें रेत यह शर्त रखी गई थी कि सूर्य निकलने और छिपने तक ही रेत खनन किया जा सकता है। वहीं यमुना नदी के बीच रेत खनन करने वालों ने अवैध रूप से सड़क भी बना दी। यह मामला शनिवार को सिंचाई मंत्री के समक्ष उठा तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच कराए जाने के निर्देश दिए।
शासन की ई-टेंडरिंग की आड़ में बदरखा गांव में रात होते ही यमुना खादर से रेत का अवैध कारोबार शुरू हो जाता है, जबकि टेंडर छोड़े जाने में यह शर्त है कि वे दिन में ही रेत खनन का कार्य करेंगे और यह कार्य ई-टेंडरिंग से होगा, इसकी सारी जानकारी लखनऊ में बैठे अधिकारियों को रहेगी, लेकिन खनन के ठेकेदार इसका खुलकर उल्लंघन कर रहे हैं। शनिवार को सिंचाई विभाग के बंगले पर आए प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के समक्ष लोगों ने मामला उठाकर कहा कि जहां सरकार नदियों की संरक्षण की बात कर रही है, वहीं बदरखा में नदी के बीचों बीच रेत खनन करने वालों ने सड़कों का निर्माण कर दिया है, लेकिन पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक है। इस पर मंत्री ने कहा कि यह मामला गंभीर है। वे अभी इसकी जांच कराएंगे। यदि ऐसा है तो सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। इस संबंध में एसडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि उनके पास जो पत्र आया है, यह बात नहीं खोली गई है। वे इस संबंध में खनन अधिकारी से वार्ता करेंगे, यदि ऐसा है तो इस मामले में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
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बदरखा यमुना खादर में रात होते ही खनन शुरू हो जाता है जबकि जो टेंडर छोड़ा गया है उसमें रेत यह शर्त रखी गई थी कि सूर्य निकलने और छिपने तक ही रेत खनन किया जा सकता है। वहीं यमुना नदी के बीच रेत खनन करने वालों ने अवैध रूप से सड़क भी बना दी। यह मामला शनिवार को सिंचाई मंत्री के समक्ष उठा तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच कराए जाने के निर्देश दिए।
शासन की ई-टेंडरिंग की आड़ में बदरखा गांव में रात होते ही यमुना खादर से रेत का अवैध कारोबार शुरू हो जाता है, जबकि टेंडर छोड़े जाने में यह शर्त है कि वे दिन में ही रेत खनन का कार्य करेंगे और यह कार्य ई-टेंडरिंग से होगा, इसकी सारी जानकारी लखनऊ में बैठे अधिकारियों को रहेगी, लेकिन खनन के ठेकेदार इसका खुलकर उल्लंघन कर रहे हैं। शनिवार को सिंचाई विभाग के बंगले पर आए प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के समक्ष लोगों ने मामला उठाकर कहा कि जहां सरकार नदियों की संरक्षण की बात कर रही है, वहीं बदरखा में नदी के बीचों बीच रेत खनन करने वालों ने सड़कों का निर्माण कर दिया है, लेकिन पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक है। इस पर मंत्री ने कहा कि यह मामला गंभीर है। वे अभी इसकी जांच कराएंगे। यदि ऐसा है तो सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। इस संबंध में एसडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि उनके पास जो पत्र आया है, यह बात नहीं खोली गई है। वे इस संबंध में खनन अधिकारी से वार्ता करेंगे, यदि ऐसा है तो इस मामले में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
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